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25 नवंबर को गुरु-पुष्य संयोग, मांगलिक कार्य खरीदारी के लिए शुभ मुहू्र्त, निवेश और नई शुरुआत के शुभ योग

गुरु पुष्य योग 25 नवंबर 2021 को बन रहा है। पुष्य योग गुरुवार के दिन बनने के कारण इसे गुरु पुष्य योग कहा जाता है। पुष्य नक्षत्र को शुभफलकारी माना जाता है। यह नक्षत्र शुभ संयोग निर्मित करता है और इस दिन विशेष उपाय व मंत्र जाप करने से जीवन के हर क्षेत्र में सफलता व अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। ज्योतिष के अनुसार, 25 नवंबर का दिन नक्षत्र की दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन गुरु पुष्य शुभ संयोग बनने जा रहा है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर – जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि 25 नवंबर को साल का आखिरी गुरु पुष्य योग बन रहा है। इस दिन अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग भी रहेंगे। इन शुभ योगों में किया गया निवेश फायदेमंद होता है। साथ ही इस दौरान की गई खरीदी स्थाई और शुभ फल देने वाली होती है। तीन बड़े शुभ योग बनने के कारण ये दिन रियल एस्टेट में निवेश, नए कामों की शुरुआत, वाहन, ज्वेलरी, कपड़े और अन्य चीजों की खरीदारी के लिए शुभ रहेगा।

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अनीष व्यास, विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक, पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर 9460872809

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि पुष्य नक्षत्र 24 नवंबर को दोपहर 4:28 मिनट से आएगा जो 25 नवंबर को साय 6:49 मिनट तक रहेगा। गुरुवार के दिन सूर्योदय से लेकर पुष्य नक्षत्र दोपहर बाद तक रहेगा। सूर्योदयकालीक होने के कारण पूरा दिन खरीदारी के लिए विशेष शुभ रहेगा। इस दिन कर्क राशि का चंद्र रहेगा साथ ही सर्वार्थ सिद्धि अमृत सिद्धि और रवि योग भी रहेगा। सभी प्रकार की खरीदारी और शुभ कार्य करने के लिए यह दिन उत्तम रहेगा। इसमें स्थायित्व देने वाली सामग्री की खरीदारी करना भी फलदायी है। साथ ही नामकरण गृह प्रवेश वधु प्रवेश नवीन व्यापार का शुभारंभ भी फलदायी रहेगा।

खरीदारी अतिशुभ

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि गुरु पुष्य योग में धन प्राप्ति, चांदी, सोना, नये वाहन, बही-खातों की खरीदारी एवं गुरु ग्रह से संबंधित वस्तुए ज्यादा लाभ प्रदान करती है। मान्यता है कि इस दिन की गई खरीदारी अधिक समय तक स्थायी और समृद्धि प्रदान करती है। इस दिन की गई सुवर्ण अथवा गुरु ग्रह से संबंधित वस्तुए अत्याधिक लाभ प्रदान करती है। इसमें की गई खरीदारी स्थायित्व प्रदान करती है।

भगवान विष्णु का आशीर्वाद

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि नारदपुराण के अनुसार, गुरु पुष्य योग में जन्मे जातक महान कर्म करने वाला, बलवान, कृपालु, धार्मिक, धनी, कई कलाओं का ज्ञाता, दयालु और सत्यवादी होते हैं। इस नक्षत्र में कई शुभ कार्यों को करना लाभकारी होता है। हालांकि मां पार्वती विवाह के समय शिव से मिले श्राप के कारण पाणि ग्रहण संस्कार के लिए इस नक्षत्र को वर्जित माना गया है।

स्थायित्व देती है खरीदारी

भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि गुरुवार को पुष्य नक्षत्र में की गई खरीदी समृद्धि देने वाली होती है। इस नक्षत्र की धातु सोना है। बृहस्पति देव का वार होने से इस योग में दुल्हा-दुल्हन के लिए सोना और ज्वेलरी खरीदने से समृद्धि बनी रहती है। विद्वानों का कहना है कि गुरु पुष्य योग में दुल्हा-दुल्हन के लिए ज्वेलरी खरीदने से बृहस्पति का शुभ प्रभाव रहता है। इससे वैवाहिक जीवन के दोषों में कमी आती है और दांपत्य सुख भी बढ़ता है। पुष्य नक्षत्र में रियल एस्टेट के साथ ही वाहन, मशीनरी और अन्य स्थाई सम्पत्ति में किया गया निवेश लंबे समय तक फायदा देता है। इस दिन चांदी, कपड़ा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक चीजों की खरीदी भी शुभ रहती है। इस शुभ मुहूर्त में खरीदा गया व्हीकल कई दिनों तक चलता है और उससे फायदा मिलता है। इस शुभ संयोग में नया बिजनेस और नौकरी की शुरुआत करना भी फलदायी माना गया है। इसमें की गई खरीदारी स्थायित्व प्रदान करती है।

स्थिरता और अमरता देने वाला नक्षत्र

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सभी 27 नक्षत्रों में पुष्य को राजा माना जाता है। पुष्य नक्षत्र जो जीवन में स्थिरता और अमरता लेकर आता है। इस नक्षत्र में शादियों के लिए की गई खरीदारी से रिश्तों में मिठास और मजबूती आती है। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि होता है, लेकिन प्रकृति गुरु के जैसी होती है। जब भी गुरुवार को पुष्य नक्षत्र पड़ता है तो इससे बनने वाला गुरु पुष्य योग सुख-समृद्धि और सफलता देने वाला होता है। इसलिए पुष्य नक्षत्र में शादियों के लिए खरीदारी करने की परंपरा है।

नवीन व्यापार के लिए शुभ

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि गुरु पुष्य नक्षत्र के संयोग में जमीन की रजिस्ट्री करने से बहुत फायदा मिलता है। नए कामों की शुरुआत भी इस शुभ योग में करनी चाहिए। इस गुरुवार को शुक्ल, शुभ और ब्रह्म नाम के योग बनने के साथ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि होने से ये दिन और भी प्रभावशाली हो गया है। इस शुभ संयोग के चलते शेयर मार्केट, रियल एस्टेट और अन्य जगहों में निवेश करने से फायदा मिलेगा। साथ ही व्हीकल खरीदी का विशेष मुहूर्त इस दिन बन रहा है। वहीं, गुरुवार को ज्वेलरी, फर्नीचर और अन्य जरूरी चीजों की खरीदारी के साथ ही नए कामों की शुरुआत करना भी शुभ रहेगा।

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