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19 नवंबर को लगेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, कार्तिक पूर्णिमा को कृत्तिका नक्षत्र और वृषभ राशि में लगेगा चंद्र ग्रहण

धार्मिक और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण का बहुत अधिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है। इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को लगने जा रहा है। साल के आखिरी चंद्र ग्रहण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत के ज्यादातर हिस्सों में नहीं देखा जा सकेगा। हालांकि यह अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ भागों में कुछ ही समय के लिए दिखाई देगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर – जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर को है। इस दिन कार्तिक पूर्णिमा भी है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का महत्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दोपहर करीब 11.30 मिनट पर लगेगा। ग्रहण का समापन शाम 05.33 मिनट पर होगा। अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ इलाकों को छोड़कर देख के अन्य हिस्सों में ग्रहण नहीं दिखेगा।

anish vyas astrologer
अनीष व्यास, विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक, पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर 9460872809

19 नवंबर 2021 का ग्रहण वृषभ राशि और कृतिका नक्षत्र में लगेगा। वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्र है जबकि कृतिका नक्षत्र सूर्य देव का है। इसलिए इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव सूर्य ग्रह और शुक्र ग्रह से संबंधित लोगों पर ही पड़ेगा। ग्रहण के दौरान सूर्य देव वृश्चिक राशि में रहेंगे और शुक्र धनु राशि में रहेंगे।

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। क्योंकि ज्योतिष अनुसार उसी ग्रहण का सूतक काल मान्य होता है जो चंद्र ग्रहण खुली आंखों से दृष्टिगोचर हो सके। उपच्छाया चंद्र ग्रहण सामान्य तौर पर नहीं देखे जा सकते इसलिए इनका सूतक नहीं माना जाता। इस चंद्र ग्रहण के कारण भारत के कुछ हिस्सों सहित चीन, नेपाल या रूस में भूकंप के झटके महसूस हो सकते हैं। मौसम में अनचाहे और नुकसान देने वाले बदलाव हो सकते हैं। देश में खंड वृष्टि यानी कुछ हिस्सों में बारिश होने की आशंका है। राजनीति में विवादित बयान दिए जाएंगे। दुर्घटनाएं होने का अंदेशा है। सीमा पर विवाद और तनाव को माहौल रहेगा। लोगों में मानसिक तनाव और अनजाना डर भी बढ़ेगा।

भारत में आंशिक चंद्र ग्रहण

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि भारत में 19 नवंबर को आंशिक चंद्र ग्रहण है। आंशिक चंद्र ग्रहण में सूतक नहीं लगता है। सूतक काल में शुभ काम नहीं किए जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने को कहा जाता है, लेकिन आंशिक ग्रहण में सूतक काल का असर नहीं रहता है। चंद्र ग्रहण वृषभ राशि में लगेगा। जिस कारण वृष राशिवालों को सतर्क रहना होगा।

पौराणिक कथा

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय स्वर्भानु दैत्य ने छल से अमृत पीने की कोशिश की थी। तब चंद्रमा और सूर्य देव ने उसे देख लिया था। इस बात की जानकारी उन्होंने भगवान विष्णु को दी। विष्णु ने अपने सुर्दशन चक्र से राक्षस का सिर धड़ से अलग कर दिया। हालांकि अमृत पीने के कारण दैत्य दो भागों में बंट गया। धड़ वाले हिस्से को केतु और सिर वाले भाग को राहु कहा गया।

सूर्य-चंद्रमा पर करते हैं हमला

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार राहु-केतु बदला लेने के लिए सूर्य और चंद्रमा पर हमला करते हैं। उनके प्रभाव के कारण दोनों की शक्तियां कुछ समय के लिए कम हो जाती है। इस घटना को ग्रहण कहा जाता है। शास्त्रों में इस घटना को अशुभ माना गया है। इस कारण उस दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

संपूर्ण भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण

19 नवंबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण संपूर्ण भारत में नहीं दिखाई देगा। भारत के पूर्वोतर राज्यों- असम और अरुणाचल प्रदेश में कुछ पल के लिए आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई दे सकता है।

यहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

अमेरिका, आस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और उत्तरी यूरोप में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।

सूतक काल मान्य नहीं होगा

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि 19 नवंबर को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार उपछाया चंद्र ग्रहण लगने पर सूतक काल मान्य नहीं होता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने पर ही सूतक काल मान्य होता है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है।

अगला ग्रहण 4 दिसंबर को

इस चंद्र ग्रहण के बाद अगला ग्रहण 15 दिनों में ही यानी उसी पखवाड़े में 4 दिसंबर मार्गशीर्ष अमावस्या पर होगा। ये पूर्ण सूर्य ग्रहण रहेगा। साथ ही ये इस साल का आखिरी ग्रहण होगा। लेकिन भारत में नहीं दिखाई देने से इसका महत्व नहीं है। इसके बाद साल 2022 में 16 मई को अगला चंद्र ग्रहण होगा। वो भी भारत में नहीं दिखेगा।

ग्रहण काल में भी पूजन

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि शुक्रवार कार्तिक पूर्णिमा पर भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह 11.30 बजे से शाम 5.35 तक रहेगा। लगभग पूरे देश में ये ग्रहण नहीं दिखाई देने से इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। मंदिरों व घरों में पूजा की जा सकेगी। पूर्णिमा पर ग्रहण का प्रभाव न होने से दान-पुण्य के लिए ये दिन श्रेष्ठ रहेगा। ग्रहण के बाद दो-तीन दिन के भीतर मौसमी बदलाव दिखेगा। जिससे देश के उत्तरी हिस्सों में बर्फबारी और बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चल सकती है।

इन राशियों पर ग्रहण का पड़ेगा शुभ प्रभाव

भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि जब भी कोई खगोलीय घटना होती है तो वह किसी के लिए अशुभ तो किसी के लिए शुभ साबित होती है। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण तुला राशि, कुंभ राशि और मीन राशि वालों के लिए शुभ साबित होगा। इन राशि के लोगों को कार्यों में सफलता हासिल होगी। करियर में तरक्की मिलने के संकेत है। इस दौरान नए अवसर प्राप्त होंगे। यदि नौकरी बदलता चाहते हैं तो अच्छे ऑफर प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।

इन राशियों के लोगों को रहना होगा सावधान

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ये ग्रहण वृषभ राशि में लगने जा रहा है तो इन राशि के लोगों को ग्रहण के दौरान विशेष रूप से सावधान रहना होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा सिंह, वृश्चिक और मेष राशि वालों को भी स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना होगा। इन राशि के लोगों को आर्थिक हानि होने की भी आशंका है। इस अवधि में धन का निवेश न करें।

आइए विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते हैं कि किस राशि पर क्या होगा इस ग्रहण का प्रभाव।

मेष- धन हानि के योग हैं।
वृष- मानसिक तनाव और शारीरिक परेशानी बढ़ सकती है।
मिथुन- वाहन सावाधानी से चलाएं। दौड़-भाग और तनाव वाला समय रहेगा।
कर्क- कार्यक्षेत्र में सफलता के योग हैं।
सिंह- नौकरी और बिजनेस में तरक्की के योग हैं।
कन्या-आत्म विश्वास बढ़ेगा।
तुला- सेहत का ध्यान रखें। लोगों से मन-मुटाव हो सकता है। तनाव बढ़ेगा।
वृश्चिक- धन लाभ और कामों में सफलता के योग हैं।
धनु- आय के नए साधन बनेंगे। दुश्मनों पर जीत मिलेगी।
मकर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी।
कुंभ-व्यापार में लाभ में कमी होगी। माता की सेहत को लेकर चिंता बढ़ेगी।
मीन-निर्णय सोच-समझ कर लें। मेहनत ज्यादा होगी।

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