जय श्री महाकालेश्वर : सूर्यसिद्धांतीय दैनिक पंचांग 17 सितम्बर 2018, सोमवार का पंचांग

जय श्रीराधेकृष्ण

-सूर्यसिद्धान्तीय
-(सूर्य पंचांग रायपुरॅ)
-दिनांक 17 सितम्बर 2018
-दिन सोमवार
-सूर्योदय 05:36:53
-सूर्यास्त 05:45:14
-दक्षिणायन
-संवत् 2075
-शक् 1940
-ॠतु निरयन- वर्षा
-ऋतु सायन- शरद
-भाद्रपद मास
-शुक्ल पक्ष
-अष्टमी तिथि19:07:35 परं नवमी तिथि
-ज्येष्ठा नक्षत्र 07:42:33 परं मूल नक्षत्र
-आयुष्यमान योग 26:45:52
परं सौभाग्य योग
-प्रथम विष्टी करण 02:13
-द्वितिय बव करण 33:47
-राहुकाल-07:31 / 09:00अशुभ
-अभिजीत 11:49 / 12 :39 शुभ
-सूर्य- सिंह राशि
-चन्द्र- वृश्चिक राशि 07:42:33 परं धनु राशि

-ज्येष्ठादेवीविसर्जनं
-श्रीदुर्गाष्टमी 8
-श्रीराधाष्टमी 8
-श्रीमहालक्ष्मीव्रतारंभः (16 दिनात्मकं)
-काश्यांलक्ष्मीकुण्डे स्नानं
-कन्यांरविः 39:57
-पुण्यकालं 11:54 -18:01
-भद्रान्तः 06:30

डाॅ गीता शर्मा, ज्योतिष मनीषी, कांकेर छत्तीसगढ।
(7974032722)

-भाद्रपदमास
-दधिभाद्रपदे त्यजेत्
-राधाष्टमी- श्रीराधारानीमहाभिषेकं राधाश्यामसुन्दरमंदिरे ( वृन्दावने)
-श्रीराधाजन्मोत्सवः (निम्बार्क तीर्थे)
-राधाष्टमी मेला (बरसाने)
-श्रीराधाकुण्ड स्नान
-दधीचि जयंती
-हरिदास जयंती
-विश्वकर्मापूजा

-गुरू

“भर्ता देवो गुरूर्भता धर्मतीर्थव्रतानि च।
तस्मात्सर्व परित्यज्य पतिमेकं समर्चयेत्।।”
(शिवपुराण)

अर्थात् भारतीय समाज में पुराणानुसार पति ही देवता है,पति ही गुरू है और पति ही धर्म ,तीर्थ एवं व्रत है; इसलिये सबको छोड़कर एकमात्र पति की आराधना नारी को करनी चाहिये।

“भार्या मूलं गृहस्थस्य भार्या मूलं सुखस्य च।
भार्या धर्मफलावाप्त्यै भार्या संतानवृद्धये।।”
(शिवपुराण)
अर्थात्
भार्या ही गृहस्थ-आश्रम की जड़ है,भार्या ही सुख का मूल है, भार्या से ही धर्म के फल की प्राप्ति होती है तथा भार्या ही संतान की वृद्धि में कारण है।

निज चिन्तन

” रिश्ते” वो होते हैं—-,
जिसमें “शब्द” कम —-,
“समझ” अधिक हो—-;
जिसमें “आश” कम—-,
“विश्वास” अधिक हो—–!

-चलते रहिये-

श्रीकृष्णं शरणं ममः

डाॅ. गीता शर्मा , ज्योतिष मनीषी,

माँ गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केन्द्र, कांकेर,छत्तीसगढ

(7974032722)

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