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मंगल और शुक्र ग्रह 6 सितंबर को करेंगे राशि परिवर्तन, ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास जी से जानें कैसा रहेगा आपके लिए

6 सितंबर को कन्या राशि में मंगल का आगमन हो रहा है और तुला राशि में शुक्र आ रहे हैं। बीते एक-डेढ़ महीने तक मंगल सिंह राशि में सूर्य के साथ थे। इस अवधि में वर्षा का मौसम होते हुए भी बेतहाशा गर्मी, उमस, विश्व में अग्नि का तांडव मचा रहा। जब सूर्य और मंगल सिंह राशि में एक साथ बैठते हैं तो अग्निकांड, भीषण गर्मी या रक्तपात जैसी घटनाएं होती हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर – जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि मंगल 6 सितंबर को प्रातः 3:58 बजे कन्या राशि में आएंगे। यद्यपि कन्या राशि मंगल की शत्रु राशि है, किंतु बीते दो माह से जारी प्रकृति में बदलाव एवं आगजनी हिंसा पर रोक की उम्मीद है। इसी के साथ शुक्र भी 6 सितंबर को प्रातः 0:50 बजे तुला राशि में आ रहे हैं। तुला राशि शुक्र के स्वराशि है जिससे प्रकृति में खास बदलाव होंगे। कन्या राशि में मंगल छह सितंबर से 21 अक्टूबर तक जबकि शुक्र तुला राशि में छह सितंबर से दो अक्टूबर तक रहेंगे।

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ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सभी नौ ग्रहों का अपना स्वभाव और अलग-अलग कारक तत्व होते हैं। ज्योतिष विज्ञान में मंगल ग्रह को सभी ग्रहों का सेनापति माना जाता है। मंगल का राशि परिवर्तन सभी राशियों पर प्रभाव डालता है। मंगल को साहस, ऊर्जा, भूमि, शक्ति और शौर्य का कारक माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह शुभ भाव में होते हैं ऐसे लोग काफी बुद्धिमान, प्रतापी और ऊर्जावान होते हैं। ज्योतिष में मंगल को मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी माना जाता है। मंगल ग्रह कर्क राशि में ही नीच के और मकर राशि में उच्च राशि के माने जाते हैं। विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह माना गया है।

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अनीष व्यास, विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक, पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर 9460872809

इसके प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। इसलिए ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शोहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना और फैशन-डिजाइनिंग आदि का कारक माना जाता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि का स्वामी होता है और मीन इसकी उच्च राशि है, जबकि कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। शुक्र को 27 नक्षत्रों में से भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामित्व प्राप्त है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं और तथा सूर्य और चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह माने जाते हैं। अमृत संजीवनी के मालिक शुक्र पृथ्वी के साथ हैं और शुक्र के पास अमृत संजीवनी है।

शुभ-अशुभ प्रभाव

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। मंगल की वजह से दुर्घटना होने की आशंका है। देश के कुछ हिस्सों में हवा के साथ बारिश रहेगी। भूकंप या अन्य तरह से प्राकृतिक आपदा आने की भी आशंका है। मंगल के कारण जनजीवन सामान्य होगा। माैसम भी बदलेगा और बारिश भी अच्छी हाेगी। इसके अलावा देश में आपदा में भी कमी आएगी। कानूनी मामलों में वृद्धि होगी। देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ रहेगा। खाने की चीजों की कीमतें सामान्य रहेंगी। सब्जियां, तिलहन और दलहन की कीमतें कम होंगी। भौतिक सुख और वैवाहिक सुख में वृद्धि होगी। मशीनरी समान महंगे हो सकते हैं। व्यापार में तेजी रहेगी। सोने चांदी के भाव में वृद्धि होगी। दूध से बनी चीजों का उत्पादन बढ़ सकता है। रोजगार के क्षेत्रों में वृद्धि होगी। आय में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही राजनीति में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। शुक्र के अशुभ प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होती है।

करें पूजा-पाठ और दान

कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि मंगल के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए। तांबे के बर्तन में गेहूं रखकर दान करने चाहिए। लाल कपड़ों का दान करें। मसूर की दाल का दान करें। शहद खाकर घर से निकलें। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। मंगलवार को बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं। राजवेदिया गोपालकृष्ण कन्हैयालाल ओझा ने बताया कि शुक्र के अशुभ असर से बचने के लिए लक्ष्मी माता की उपासना करें। सफेद वस्त्र दान करें। भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कौवे और कुत्ते को दें। शुक्रवार का व्रत रखें और उस दिन खटाई न खाएं। चमकदार सफेद एवं गुलाबी रंग का प्रयोग करें। श्री सूक्त का पाठ करें। शुक्रवार के दिन दही, खीर, ज्वार, इत्र, रंग-बिरंगे कपड़े, चांदी, चावल इत्यादि वस्तुएं दान करें।

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते हैं मंगल और शुक्र के गोचर का सभी 12 राशियों पर प्रभाव।

मेष: मेष राशि वालों को मंगल और शुक्र का गोचर में अच्छा प्रभाव रहेगा। पद, प्रतिष्ठा और धन के योग निरंतर बनेंगे। मंगल कन्या राशि में आएंगे इसलिए मन थोड़ा अशांत रहेगा। क्रोध की भावना बढ़ेगी।

वृषभ: वृषभ राशि के लिए यह समय अनुकूल है। यद्यपि मंगल जोश देने वाला है इसलिए आप का जोश बना रहेगा। कार्यों में निरंतर प्रगति होगी और तुला राशि में शुक्र का प्रभाव आपको नए प्रणय संबंधों की ओर अग्रसर करेगा। धन लाभ भी होगा।

मिथुन: चतुर्थ भाव में मंगल और पंचम भाव में शुक्र का प्रभाव जीवन में कुछ कठिनाई लेकर आएगा। अनावश्यक विवाद में ना फंसे। धन का निवेश कम करें अथवा ना करें। धोखा होने की संभावना बनेगी।

कर्क: कर्क राशि वालों के लिए मंगल और शुक्र अच्छा लाभ देंगे। दोनों को ही चंद्रमा का मित्र माना गया है। किसी महिला के अथवा वरिष्ठ नागरिक के द्वारा धन लाभ के अवसर आएंगे। यात्रा भी कर सकते हैं।

सिंह: सिंह राशि वालों के लिए मंगल और शुक्र का गोचर अद्भुत फल देगा। इच्छित फल की प्राप्ति होगी। काफी समय से चल रहे लंबित कार्य बनेंगे। प्रेमाकर्षण होगा। परिवार के कार्यों में सहभागिता करेंगे।

कन्या: कन्या राशि में मंगल का आगमन एवं दूसरे भाव में शुक्र अच्छा फल देता है। इस गोचर की अवधि में आप उत्साह से भरे रहेंगे। जो भी कार्य करेंगे उनमें लाभ की गुंजाइश अधिक होगी। परिवार से तालमेल अच्छा रहेगा। किसी मित्र से अनबन हो सकती है। ध्यान रखें।

तुला: तुला राशि वालों के लिए गोचर मिलाजुला फल रहेगा। यद्यपि धन लाभ के अवसर आएंगे,किंतु अनावश्यक खर्च बढ़ने से मन परेशान रहेगा। पत्नी का सम्मान करें। किसी वृद्ध महिला से भी आप को लाभ हो सकता है।

वृश्चिक: वृश्चिक राशि वालों के लिए यह अवधि चमत्कारिक से काम करेगी। किसी नए अनुबंध पर कार्य होगा। व्यवसाय अथवा नौकरी पेशा वाले व्यक्ति अपने कार्य अपने क्षेत्र में अपना बेस्ट देने का प्रयास करेंगे। किंतु स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

धनु: धनु राशि वालों के लिए भाग्य और कर्म भाव में दोनों ग्रह आएंगे। आपके परिश्रम का पूर्ण परिणाम मिलेगा। इच्छित कार्य बनेंगे। घर में मंगल कार्यों का आयोजन होगा। धन का आगमन होगा। किसी वरिष्ठ पुरुष से आपको विशेष कार्य में योगदान मिलेगा।

मकर: मकर राशि वालों के लिए दोनों ग्रहों के गोचर अवधि मिली-जुली फलदाई रहेगी। लाभ हानि का अनुपात बराबर होगा। यद्यपि धन आगमन के नए नए स्रोत बन सकते हैं। किंतु धन के अनावश्यक खर्च करने से अभाव सा महसूस रहेगा।

कुंभ: अष्टम भाव में मंगल का गोचर और भाग्य भाव में शुक्र का गोचर अच्छा प्रभाव देंगे किंतु चोट आदि से सावधान रहना पड़ेगा। भाइयों से संबंध मधुर रखें। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धन का आगमन होता रहेगा।

मीन: मीन राशि वालों के लिए इन दोनों ग्रहों का गोचर बहुत लाभ लेकर आ रहा है। परिवार में मंगल कार्यों का होना। धन का आगमन और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। किंतु अनावश्यक विवाद से बचना होगा।

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