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मकर सक्रांति 2022 : सूर्य का होगा राशि परिवर्तन, पंडित कपिल शर्मा (काशी) से जानें क्या है खास

मकर सक्रांति निर्णय 2022 14 जनवरी 2022, शुक्रवार ,पौष शुक्ल पक्ष12 ,

पंचांगो के मत मतांतर से इस बार संक्रांति को लेकर कुछ संशय एवं भ्रम की स्थिति का निर्माण हुआ है। कुछ पंचांग 14 जनवरी को और कुछ पंचांग 15 जनवरी को संक्रांति बता रहे हैं ।किंतु सिद्ध विजय पंचांग, निर्णय सागर पंचांग ,विश्वविजय पंचांग ,मुहूर्त चिंतामणि, मुहूर्त गणेश ग्रंथों के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2022 को ही मनाई जाएगी ।

सिद्ध विजय पंचांग अनुसार सूर्य का संक्रमण मकर राशि में दोपहर 2:28 पर होगा।
संक्रमण के 16 घटी पहले व 16 घटी बाद तक पुण्य काल होता है ।पुण्य काल सुबह 8:20 से सूर्यास्त तक रहेगा।
कुछ पंचांग के अनुसार सूर्य का संक्रमण 14 जनवरी की रात 8:00 से 9:00 के बीच में है ।उसके अनुसार वह पंचांग 15 जनवरी की संक्रांति एवं पुण्य काल बता रहे हैं।
किंतु मेरे मत में संक्रांति 14 जनवरी को ही है एवं पुण्य काल सुबह 8:20 से सूर्यास्त तक रहेगा ।
संक्रांति 14 जनवरी को निम्नलिखित स्वरूपों में आ रही है। जिसके निम्न अनुसार फल होंगे –
कुमारी रूप में, व्याघ्र वाहन पर ,उप वाहन अश्व ,कंचुकी पीत वस्त्र ,रक्त उपवस्त्र, आयुध गधा ,कुमकुम लेपन ,जाति -पुष्प ,भोजन पात्र रोप्य, भक्ष्य पायस ,जाति भूत, स्नान यमुना ।

14 जनवरी 2022 संक्रांति के आगमन पर द्वादश राशियों पर मकर में सूर्य संक्रमण का प्रभाव –
मेष -धन लाभ, यात्रा
वृषभ -यात्रा
मिथुन -सुख
कर्क -सुख
सिंह- मिश्रित फल
कन्या -पीड़ा
तुला -वस्त्र लाभ
वृश्चिक- वस्त्र लाभ
धनु -धन हानि
मकर -मानसिक पीड़ा ,यात्रा
कुम्भ- धन लाभ,द्रव्य प्राप्ति
मीन -धन लाभ ,सुख प्राप्ति

मकर संक्रांति के दिन अपने गुरु-मंत्र, इष्ट मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें ।
गोपाल सहस्त्रनाम ,सुंदरकांड ,हनुमान चालीसा, सूर्य स्तोत्र ,सूर्य मंत्र का जाप पाठ स्वयं भी करें एवं विद्वान ब्राम्हण से भी करवाएं ।देसी गाय की सेवा करें ,देसी गाय की सेवा से ही पुण्य प्राप्त होता है। गौशाला में गुड़ हरा चारा एवं धनराशि का दान करें ।निर्धन एवं भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों को भोजन कराएं। खिचड़ी एवं गुड़ का दान करें।
पवित्र नदियों में स्नान करें ,नदियों में साबुन लगाकर स्नान कभी भी नहीं करें। नदियों में फूल, पत्ती, कचरा ,पॉलिथीन डालकर नदियों को दूषित करना महापाप है।
सनातन संस्कृति का पूण्य पवित्र पर्व है -उत्तरायण ।इसे उत्साह एवं हर्ष से मनाएं ।
चायनीज मांझा का उपयोग बिल्कुल ना करें।
2 गज दूरी मास्क है जरूरी
घर में रहें सुरक्षित रहें

पंडित कपिल शर्मा (काशी) महू

 

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