Home पर्व और त्योहार माँ बगलामुखी का प्राकट्योत्सव आज

माँ बगलामुखी का प्राकट्योत्सव आज

माँ बगलामुखी (maa baglamukhi) की पूजा महामारी से बचने, सभी प्रकार की समस्या और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए की जाती है। माँ बगलामुखी (maa baglamukhi)का प्राकट्य दिवस वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि गुरूवार 20 मई 2021 को मनाया जायेगा। महामारी से बचने, सभी प्रकार की समस्या और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए मां बगलामुखी की पूजा की जाती है। माँ बगलामुखी को पीला रंग प्रिय है। इनका एक नाम पितांबरा भी है। ये रंग पवित्रता, आरोग्य और उत्साह का रंग माना जाता है।

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के निदेशक विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि दस महाविधाओं में से एक है माँ बगलामुखी(maa baglamukhi)। देवी दुर्गा की दश महाविद्याओं में ये आठवीं हैं। खासतौर से इनकी पूजा से दुश्मन, रोग और कर्ज से परेशान लोगों को लाभ मिलता है। इनकी पूजा में पीले रंग के कपड़े, फूल, आसन, माला, मिठाई और अन्य सामग्रियों का रंग भी पीला ही होता है। रोग और महामारी से बचने के लिए हल्दी और केसर से देवी बगलामुखी (maa baglamukhi) की विशेष पूजा करनी चाहिए।

पूजा विधि maa baglamukhi

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सुबह जल्दी उठकर नहाएं और पीले रंग के कपड़े पहनें। पूर्व दिशा में उस स्थान पर गंगाजल छीड़के जहां पर पूजा करना है। उस जगह पर एक चौकी रख कर उस पर माता बगलामुखी की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। इसके बाद आचमन कर हाथ धोएं और पानी छींटकर आसन पवित्र करें। हाथ में पीले चावल, हल्दी, पीले फूल और दक्षिणा लेकर माता बगलामुखी (maa baglamukhi) पूजा करें। माता की पूजा खासतौर से पीले फल और पीले फूल से करें। धूप, दीप और अगरबत्ती लगाएं। फिर पीली मिठाई का प्रसाद चढ़ाएं।

ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानाम वाचं मुखम पदम् स्तम्भय ।

जिव्हां कीलय बुद्धिम विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा ।।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments