शिवपुराण में शिवजी ने स्वयं बताए हैं मौत के ये 10 संकेत, ये है अचूक, जान लीजिये तो भला :o

देवो के देव महादेव श्रृष्टि के

संहारक और पालक दोनों हैं.. श्रृष्टि के संहारक के रूप में शिव, मृत्युलोक के देवता माने जाते है| भगवान शिव, पंच तत्वों में वायु के अधिपति माने गए है.. वहीं जब तक शरीर में वायु चलती है, तब तक शरीर में प्राण बने रहते हैं, लेकिन यही वायु जब क्रोधित होती है तो प्रलयकारी बन जाती हैं.. ऐसे में अगर भगवान शिव वायु का प्रवाह रोक दें तो वे किसी के भी प्राण ले सकते हैं। यानी भगवान शिव मृत्यु के कारक हैं.. शिवपुराण में शिवजी स्वंय मृत्यु से पहले मिलने वाले वाले कुछ संकेतो के बारे में बताया है। आज हम आपको उसी के बारे में बताने जा रहे हैं..

शिवपुराण को भगवान शिव से

संबंधित प्रचलित धर्मग्रंथों में सबसे अधिक प्रामाणिक माना गया है। इस पौराणिक ग्रंथ के अनुसार भगवान शिव ने माता पार्वती को मृत्यु से पूर्व मिलने वाले कुछ विशेष संकेत बताए हैं, जिनके जरिए आने वाले काल के बारे पहचाना जा सकता है। इन संकेतो से मनुष्य के मृत्यु और उसके समय को काफी हद तक जाना जा सकता है.. तो चलिए जानते हैं

उन संकेतों को बारे में बता रहे हैं-

  • शिवपुराण के अनुसार अगर अचानक किसी व्यक्ति का पूरा शरीर पीला या सफेद पड़ जाए या फिर उसके शरीर पर लाल-लाल निशान दिखाई पड़ने लगें तो, ये इस बात का संकेत है कि उसकी मृत्यु आने वाले 6 माह के भीतर हो सकती है।
  • वहीं इस ग्रंथ में बताया गया है कि अगर किसी मनुष्य का मुंह, कान, आंख और जीभ ठीक ढंग से से काम नहीं कर रहा है तो ये मान लेना चाहिए कि अब उसके जीवन के मात्र 6 महीने ही बचे हो सकते हैं।
  • शिवपुराण के अनुसार अगर किसी व्यक्ति का चेहरा, मुंह और गला बार-बार सूख रहा है तो ये इस बात के संकेत हैं कि उसकी मृत्यु 6 माह के भीतर संभव है।

  • वहीं शिवपुराण में बताया गया है कि अगर किसी व्यक्ति का बायां हाथ लगातार फड़क रहा है, साथ ही तालू भी सुख जाए तो ये एक महीने के अंदर उसकी मृत्यु का संकेत है।
  • शिवपुराण में बताए गए मृत्यु के संकतों में एक संकते ये भी है कि अगर किसी व्यक्ति को चंद्रमा और सूर्य के आस-पास काला या लाल घेरा दिखाई देने लगे, तो उसकी मृत्यु दो सप्ताह यानी 15 दिन के अंदर हो सकती है।

  • शिवपुराण में बताया गया है कि अगर किसी को चंद्रमा और तारे ठीक से न दिखाई दें रहे हैं तो ये इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति की मृत्यु एक महीने के अंदर हो सकती है।
  • शिवपुराण की माने तो अगर किसी व्यक्ति को अचानक ही नीली मक्खियां घेर लें, तो ये इस बात का सकेंत है कि उसकी आयु सिर्फ एक महीना ही बची है।

  • शिवपुराण के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के सिर पर गिद्ध, कौआ या कबूतर में से कोई आकर बैठ जाए, तो ये संकेत है कि उसकी मृत्यु महीने भर के अंदर हो सकती है।
  • अगर किसी व्यक्ति को पानी, तेल, घी और दर्पण में अपनी परछाई नहीं दिखाई पड़ रही है तो ये इस बात का संकेत है कि उसकी आयु अब सिर्फ 6 माह ही बची है।
  • शिवपुराण के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को अपनी परछाई बिना सिर के दिखाई पड़े तो इसका अर्थ है कि उसकी मृत्यु 6 महीने के भीतर हो सकती है।

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