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Horoscope Today, 21 june 2021 Aaj Ka Rashifal : राशिफल 21 जून : सप्ताह का पहला दिन मिथुन राशि के लिए शुभ, देखें आपके लिए कैसा रहेगा, भीमसेनी एकादशी या निजला एकादशी व्रत से पायें मान

आज का पंचांग दिनांक 21.06.2021, शुभ संवत 2078 शक 1943 सूर्य उत्तरायन का … ज्येष्ठा मास शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि …दोपहर को 01 बजकर 32 मिनट तक .. दिन … सोमवार … स्वाती नक्षत्र …शाम को 04 बजकर 46 मिनट तक … आज चंद्रमा … तुला राशि में … आज का राहुकाल दिन 07 बजकर 04 मिनट से 08 बजकर 45 मिनट तक होगा…

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भीमसेनी एकादशी या निजला एकादशी व्रत से पायें मान

सबकुछ अच्छा चलते चलते अचानक अपयश हो तो यह किसी भी इंसान के लिए सबसे बुरा वक्त कहा जा सकता है। कई बार जीवन में आप कुछ भी गलत नहीं कर रहे होते हैं किंतु जब कालचक्र की गति विपरीत होती है, तब उसके निशाने पर आ ही जाते हैं। सामान्य वक्त में कुछ जातक जरूर कुछ गलत या कार्य या गतिविधियों में लिप्त होते हैं हालांकि तब उन पर कोई भी दाग प्रत्यक्षतः नहीं लगता और वह साफ-साफ बच निकलता है किंतु बुरा वक्त उन्हें भी नहीं छोड़ता और ऐसे में उनका छोटा अपराध भी जग जाहिर हो जाता है। एक और परिस्थिति तब आती है जबकि आप तो किसी के बारे में अच्छा सोचते हों और अच्छा करते भी हों किंतु वही इंसान आपके बारे में गलत धारणा बैठा ले….और आपके बारे में समाज या परिवार में बुराई फैलायें…..राहु अथवा द्वितीयेश, तृतीयेश, अष्टमेश या भाग्येश के ग्रहों का संबंध या दृष्टि संबंध बने या शनि, गुरू जैसे ग्रह राहु से पापाक्रांत हो और उन ग्रहों की दशाए चले तो व्यक्ति मतिभ्रम का शिकार बनता है, अपने को श्रेष्ठ समझने लगता है और परिणामस्वरूप उसके द्वारा अक्सर गलतियां ही होती हैं। राहु जब किसी क्रूर या पापी ग्रह के साथ होते हैं तो ऐसे में उनका बुरा प्रभाव अधिक भयावह रूप से सामने आता है. यदि किसी जातक की जन्म कुण्डली के अनुसार ऐसी स्थिति बने तो ऐसे में उसे कलंक, बेवजह बदनामी का सामना करना ही पड़ता है। यदि इस दरमियान किसे जातक का आचरण सही नहीं है तो उसे इसका दण्ड जरूर मिलता है……अतः जानते बुझते या अनजाने में भी इस प्रकार की स्थिति बन रही हो, तो जातक को रूद्राभिषेक कराना चाहिए। राहु के मंत्रों का जाप कर हवन कराना या पितृशांति करानी चाहिए। पापाक्रांत ग्रहों को शांत करने के लिए मंत्रजाप, दान तथा व्रत-पूजन करना चाहिए। अपयश की स्थिति में भीमसेनी एकादशी का व्रत करना चाहिए …
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी या भीमसेनी एकादशी कहते हैं। इस व्रत में भोजन करना और पानी पीना वर्जित है। धर्मग्रंथों के अनुसार, इस एकादशी पर व्रत करने से वर्ष भर की एकादशियों का पुण्य मिलता है। निर्जला एकादशी की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद सबसे पहले शेषशायी भगवान विष्णु की पंचोपचार पूजा करें। इसके बाद मन को शांत रखते हुए ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। शाम को पुन: भगवान विष्णु की पूजा करें व रात में भजन कीर्तन करते हुए धरती पर विश्राम करें। दूसरे दिन किसी योग्य ब्राह्मण को आमंत्रित कर उसे भोजन कराएं तथा जल से भरे कलश के ऊपर सफेद वस्त्र ढक कर और उस पर शर्करा (शक्कर) तथा दक्षिणा रखकर ब्राह्मण को दान दें..

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निर्जला एकादशी का महत्व

1. निर्जला एकादशी के व्रत से साल की सभी 24 एकादशियों के व्रत का फल प्राप्त होता है।
2. एकादशी व्रत से मिलने वाला पुण्य सभी तीर्थों और दानों से ज्यादा है। मात्र एक दिन बिना पानी के रहने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश हो जाता है।
3. व्रती (व्रत करने वाला) मृत्यु के बाद यमलोक न जाकर भगवान के पुष्पक विमान से स्वर्ग को जाता है।
4. व्रती को स्वर्ण दान का फल मिलता है। हवन, यज्ञ करने पर अनगिनत फल पाता है। व्रती विष्णुधाम यानी वैकुण्ठ पाता है।
5. व्रती चारों पुरुषार्थ यानी धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष को प्राप्त करता है।
6. व्रत भंग दोष- शास्त्रों के मुताबिक अगर निर्जला एकादशी करने वाला व्रती, व्रत रखने पर भी भोजन में अन्न खाए, तो उसे चांडाल दोष लगता है और वह मृत्यु के बाद नरक में जाता है..

आज के राशियों का हाल तथा ग्रहों की चाल

मेष राशि –
नये काम की शुरूआत…
भाई या सहयोगी से विवाद…..
वाणी के असयंम के कारण वैमनस्य…..
अचानक यात्रा से स्वास्थ्य या गले में कष्ट…..
चंद्रमा के उपाय –
ऊॅ सों सोमाय नमः का जाप करें,
चावल, कपूर, का दान करें,

वृषभ राशि –
स्थान परिवर्तन के योग….
कार्यक्षेत्र में लाभ….
दाम्पत्य जीवन में व्यवधान संभव है…
पार्टनर की सेहत तथा खराब मानसिक स्थिति…..
बृहस्पति की शांति के लिए –
ऊॅ गुरूवे नमः का जाप करें,
मीठे पीले खाद्य पदार्थ का सेवन करें तथा दान करें..

मिथुन राशि –
परिवार में कोई शुभ समाचार की प्राप्ति होगी…
नये मेहमान के आने की शुभ सूचना भी प्राप्त हो सकती है…
कोई मुलाकात या कहीं जाने का निर्णय तत्काल लेना चाहिए।
निर्णय में विलंब कष्ट का कारण हो सकता है..
शनि के उपाय-
‘‘ऊॅ शं शनिश्चराय नमः’’ का जाप कर दिन की शुरूआत करें,
भगवान आशुतोष का रूद्धाभिषेक करें..

कर्क राशि –
व्यवसायिक लाभ…..
आय में वृद्धि तथा नये प्रोजेक्ट की प्राप्ति…
पितृपक्ष से तनाव की संभावना….
व्यसन से हानि एवं अपयश….
बुध के उपाय –
ऊॅ बुं बुधाय नमः का एक माला जाप कर गणपति की आराधना करें
दूबी गणपति में चढ़ाकर मनन करें,

सिंह राशि –
हाबी को नई पहचान देंगे…
व्यवसायिक कार्य हेतु लोन की प्राप्ति….
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि….
वातरोग से कष्ट….
केतु के उपाय-
ऊॅ कें केतवें नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें…
सूक्ष्म जीवों की सेवा करें…

कन्या राशि –
शेयर या लाटरी में अचानक हानि की संभावना…
प्रतिद्वंतिदयों से विवाद या हानि की संभावना….
मामा या ममेरे भाईयों का साथ दिन को बेहतर बना सकता है….
छुट्टियों का आनन्द लेंगे…
राहु से संबंधित कष्टों से बचाव के लिए –
ऊॅ रां राहवे नमः का एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें..
सूक्ष्म जीवों को आहार दें..

तुला राशि –
किसी प्रतिद्वंदी को सहयोग देंगे….
रिष्तों में नजदीकी बढ़ेगी…
उच्च शिक्षा में मनचाहा परिणाम से प्रसन्नता….
सूर्य के उपाय –
ऊॅ धृणि सूर्याय नमः का पाठ करें…..
गुड़.. गेहू…का दान करें..

वृश्चिक राशि –
तर्क शक्ति उत्तम…
वर्कलोड होने से रिलेक्स नहीं हो पायेंगे…
अनिद्रा तथा तनाव….
बुध के उपाय –
ऊॅ बुधाय नमः का जाप करें,
गरीबों को नित्य एक कप मूंग का दान करें।

धनु राशि –
नई विद्या पर कार्य की शुरूआत या…..
नये योजना से कार्य करने से लाभ…
नये लोगों से व्यवहारिक दूरी बनाये रखना उचित होगा….
असंभावित हानि से बचने के लिए के निम्न उपाय करने चाहिए –
ऊॅ कें केतवें नमः का जाप कर दिन की शुरूआत करें…
सूक्ष्म जीवों की सेवा करें…

मकर राशि –
खेल में नाम एवं धन की प्राप्ति..
नये ब्रांच की स्थापना….
भागीदारों का सहयोग….
जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता….
मंगल के उपाय –
ऊॅ अं अंगारकाय नमः का जाप करें…
मसूर की दाल, गुड दान करें..

कुंभ राशि –
भाईयों एवं सहयोगियों से विवाद करेंगे…
जिसमें उर्जा तथा धन हानि की संभावना…
पारिवारिक सुख में वृद्धि….
नये वाहन की खरीदी….
शुक्र के उपाय –
ऊॅ शुं शुक्राय नमः का जाप करें…
चावल, दूध, दही का दान करें…

मीन राशि –
आत्मविष्वास से कार्य में लाभ…
घरेलू सुख में वृद्धि….
फूड पाइजनिंग….
शनि से उत्पन्न कष्टों की निवृत्ति के लिए –
‘‘ऊॅ शं शनिश्चराय नमः’’ का जाप कर दिन की शुरूआत करें…
काले वस्त्र का दान करें…

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