Home धर्म कथाएं हनुमान जन्मोत्सव पर सुंदरकांड करने से मिलेगी संकट से मुक्ति

हनुमान जन्मोत्सव पर सुंदरकांड करने से मिलेगी संकट से मुक्ति

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा मंगलवार 27 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जायेगा। इस दिन को हनुमान जयंती के नाम से भी जानते हैं। शास्त्रों के अनुसार हनुमान जन्मोत्सव कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी और चैत्र शुक्ल पूर्णिमा दोनों दिन मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी के साथ भगवान राम की भी पूजा की जाती है। शास्त्रों में भगवान राम ही हनुमान जी के अराध्य बताए गए हैं। ऐसे में बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए भगवान राम की भी पूजा की जाती है। लेकिन इस साल घर पर रहकर ही हनुमान जी की अराधना करना बेहतर है।

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पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस साल मंगलवार 27 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव कई शुभ योगों और शुभ मुहूर्त में मनाई जाएगी। हनुमान जन्मोत्सव के दिन सिद्धि योग और व्यतीपात योग बन रहा है।हनुमान जन्मोत्सव पर कई विशेष संयोग बन रहे हैं। ग्रहों की बात करें तो इसस साल शनि हनुमान जयंती पर मकर राशि में रहेगा। सूर्य, बुध और शुक्र का योग मेष राशि बना हुआ है। राहु वृषभ में और केतु वृश्चिक राशि में रहेंगे। इस प्रकार ग्रहों के इस उत्तम योग के कारण ही हनुमान जयंती का पर्व बहुत पुण्यदायी है। इसके साथ ही इस दिन मंगलवार भी है। मंगलवार का दिन हनुमान जी का कहा जाता है। हनुमान जी का जन्म पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने का भी विशेष महत्व है। लोग इस दिन सत्यनारायण व्रत भी रखते हैं।

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अनीष व्यास, विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक, पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर 9460872809

हनुमान जन्मोत्सव बन रहें हैं ये योग hanuman jayanti 2021

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस बार 27 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर सिद्धि योग और व्यतीपात योग बन रहा है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन शाम 08 बजकर 3 मिनट तक सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद व्यतीपात लग जाएगा। जब वार, तिथि और नक्षत्र के मध्य शुभ तालमेल होता है तब सिद्धि योग का निर्माण होता है।

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इस दिन पूर्णिमा होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा और सत्यनारायण की कथा भी सुनी जाती है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान जी की शुभ मुहूर्त में पूजा करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन लोग मंदिरों में जाकर हवन-पूजन करते हैं। लेकिन इस साल कोरोनावायरस से बचाव के लिए घर पर रहकर ही हनुमान जी की अराधना करना बेहतर है।

हनुमान जी को भोग  hanuman jayanti 2021

हनुमान जी को हनुमान जन्मोत्सव के दिन बूंदी का भोग लगाया जाता है। बूंदी लाल रंग वाली हो इसका ध्यान रखें। मान्यता है कि बजरंगबली को बूंदी के लड्डू या बूंदी चढ़ाने से सभी ग्रह बाधाओं का नाश होता है। इसके अलावा हनुमान जी को बेसन का लड्डू भी अर्पित किया जा सकता है।

कौन-सा फूल चढ़ाना

विख्यात कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि बजरंग बली यानी हनुमान जी को लाल और पीला रंग अतिप्रिय है। ऐसे में उन्हें लाल या पीले रंग के फूल ही अर्पित करने चाहिए। हनुमान जी की पूजा में गुड़हल, गेंदा, गुलाब या कमल के फूलों का इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

तुलसी की माला

हनुमान जी को तुलसी की माला अर्पित की जाती है। कहते हैं कि ऐसा करने से संकट से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं। कहा जाता है कि मंगलवार के दिन हनुमान जी को तुलसी की माला चढ़ाने से धन लाभ के योग बनते हैं।

हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय

विख्यात भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि हनुमान जी के साथ भगवान राम व माता की भी पूजा करनी चाहिए। हनुमान जन्मोत्सव पर श्रीराम की प्रतिमा के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ व हनुमान जी की प्रतिमा के सामने राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करें। हनुमान जी को पूजा के दौरान सिंदूर अर्पित करना चाहिए। हनुमान जी इस कलयुग के प्रधान देव हैं और अजर- अमर हैं। हनुमान जी की कृपा से सभी तरह के दुख- दर्द दूर हो जाते हैं। हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए सुंदरकांड का पाठ भी किया जाता है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

दोषों से मिलती है मुक्ति

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सुंदरकांड का पाठ करने से सभी तरह के दोषों से मुक्ति मिल जाती है। सुंदरकांड के पाठ का बहुत अधिक महत्व होता है। जो व्यक्ति नियमित सुंदरकांड का पाठ करता है उसके जीवन में कभी कोई परेशानी नहीं आती है। जो लोग सुंदरकांड का पाठ कर नहीं सकते हैं, उन्हें सुंदरकांड सुनना चाहिए।

भगवान राम का मिलता है आर्शीवाद

सुंदरकांड का पाठ करने वाले व्यक्ति को भगवान राम का विशेष आर्शीवाद प्राप्त होता है। जिस पर भगवान राम की कृपा हो जाती है उससे परेशानियों कोसों दूर रहती हैं।

बढ़ता है आत्मविश्वास

सुंदरकांड का पाठ करने से आत्मविश्वास भी बढ़ता है। कई बार जीवन में आत्मविश्वास की कमी की वजह से लोग सफलता हासिल नहीं कर पाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के लिए सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।

नहीं रहता है भय

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सुंदरकांड का पाठ करने से भय से मुक्ति मिल जाती है। अगर आपको किसी भी चीज से भय लगता है तो सुंदरकांड का पाठ करें। अगर आपके कार्यों में विघ्न आ रहा है तो आपको सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। सुंदरकांड का पाठ करने से कार्य बिना किसी के विघ्न के पूरे हो जाते हैं।

पूर्णिमा तिथि

26 अप्रैल 2021: दोपहर 12.44 मिनट पर पूर्णिमा तिथि आरंभ

27 अप्रैल 2021: रात्रि 9.01 मिनट पर पूर्णिमा तिथि का समापन

मंत्र जप का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में मंत्र जप का विशेष महत्व बताया गया है। नियमित रूप से मंत्र जप करने से भगवान का आर्शीवाद प्राप्त होता है और सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है।

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुंडली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से जानते है हनुमान जी को प्रसन्न करने के राशि अनुसार मंत्र।

मेष राशि – ऊॅं सर्वदुखहराय नम:

वृष राशि – ऊॅं कपिसेनानायक नम:

मिथुन राशि – ऊॅं मनोजवाय नम:

कर्क राशि – ऊॅं लक्ष्मणप्राणदात्रे नम:

सिंह राशि – ऊॅं परशौर्य विनाशन नम:

कन्या राशि – ऊॅं पंत्रवक्त्र नम:

तुला राशि – ऊॅं सर्वग्रह विनाशिने नम:

वृश्चिक राशि – ऊॅं सर्वबंधविमोक्त्रे नम:

धनु राशि – ऊॅं चिरंजीविते नम:

मकर राशि – ऊॅं सुरार्चिते नम:

कुंभ राशि – ऊॅं वज्रकाय नम:

मीन राशि – ऊॅं कामरूपिणे नम:

हनुमान जी के ये 12 नाम लेने से सभी बिगड़ें काम बन जाते हैं।

ॐ हनुमान ॐ अंजनी सुत ॐ वायु पुत्र ॐ महाबल ॐ रामेष्ठ

ॐ फाल्गुण सखा ॐ पिंगाक्ष ॐ अमित विक्रम ॐ उदधिक्रमण

ॐ सीता शोक विनाशन ॐ लक्ष्मण प्राण दाता ॐ दशग्रीव दर्पहा

चैत्र पूर्णिमा का महत्व

इस दिन हनुमान जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। इस वजह से चैत्र पूर्णिमा के दिन व्रत करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। संकटों से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख, धन और वैभव की प्राप्ति होती है।

भगवान हनुमान की पूजा विधि

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय हुआ था, इसलिए हनुमान जन्मोत्सव के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना अच्छा माना गया है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन जातक को ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। इसके बाद घर की साफ-सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव कर घर को पवित्र कर लें। स्नान आदि के बाद हनुमान मंदिर या घर पर पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान हनुमान जी को सिंदूर और चोला अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि चमेली का तेल अर्पित करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। पूजा के दौरान सभी देवी-देवताओं को जल और पंचामृत अर्पित करें। अब अबीर, गुलाल, अक्षत, फूल, धूप-दीप और भोग आदि लगाकर पूजा करें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं। हनुमान जी को विशेष पान का बीड़ा चढ़ाएं। इसमें गुलकंद, बादाम कतरी डालें। ऐसा करने से भगवान की विशेष कृपा आपको मिलती है। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और हनुमान आरती का पाठ करें। आरती के बाद प्रसाद वितरित करें।

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