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फाल्गुन माह में होली और शिवरात्रि का त्योहार, महत्व के साथ जानें कौन से त्योहार लेकर आया फाल्गुन

हिंदू पंचाग का फाल्गुन आखिरी महीना (festival of falgun month) होता है। इस महीने की पूर्णिमा को फाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण इसे फाल्गुन कहा जाता है। फाल्गुन का महीना खुशियों व उल्लास का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं कि फाल्गुन महीना ग्रीष्म ऋतु यानी गर्मी के आगमन का संकेत देता है। इस साल फाल्गुन माह 28 फरवरी से 28 मार्च तक रहेगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस माह में भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव, भगवान विष्णु के साथ चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है। फाल्गुन माह के दौरान माता सीता की भी पूजा की जाती है। festival of falgun month फागुन मास के दौरान कई त्योहार मनाए जाते हैं जिसमें से मुख्य होली, महाशिवरात्रि, फुलेरा दूज, फाल्गुन पूर्णिमा, फाल्गुन अमावस्या और आमलकी एकादशी हैं।

नई ऊर्जा और यौवन का प्रतीक

फाल्गुन माह वसंत ऋतु में पड़ता है। इस कारण इस महीने प्रकृति सुंदर और यौवन रूप में होती है। वातावरण में नयापन, नई ऊर्जा का संचार बहता है। मानो प्रकृति पूरी ऊर्जा, उत्साह से महक उठती है। festival of falgun month ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि वहीं लोगों में भी एक नई ऊर्जा और मस्ती का संचार होता है। कुदरत के नजरिए से फाल्गुन मास जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही यह माह धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

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अनीष व्यास, विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक, पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर 9460872809

फाल्गुन महीने में श्रीकृष्ण की पूजा-उपासना

फाल्गुन महीने में श्री कृष्ण की पूजा उपासना विशेष फलदायी होती है। फाल्गुन माह में फुलेरा दूज मनाई जाती है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होने के कारण रिकॉर्ड शादियां होती हैं। संतान प्राप्ति की कामना करने वालों को इस माह में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करनी चाहिए।

बातों का रखें ध्यान festival of falgun month

फाल्गुन महीने में शीतल या सामान्य जल से स्नान करना चाहिए। इस महीने में फल का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। इस माह में नियमित रूप से भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करनी चाहिए। विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि पूजा के दौरान फूलों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए। इस महीने में नशीली चीजों और मांस-मदिरा के सेवन से बचना चाहिए। इस माह में अपनी साफ सफाई और रहन सहन को लेकर भी सौम्यता और शालिनता बरतनी चाहिए।

कैसे करें पूजा पाठ festival of falgun month

भगवान कृष्ण का पूजन करते समय फल एवं फूलों का उपयोग अधिक करना चाहिए। पूजा के दौरान भगवान शिव को बेल पत्ते अर्पित करने चाहिए। फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन देवताओं को अबीर और गुलाल अर्पित करना शुभ होता है। आर्थिक एवं दांपत्य सुख-समृद्धि के लिए माता पार्वती एवं देवी लक्ष्मी की उपासना करनी चाहिए। इस दौरान उन्हें लाल रंग की चीजें अर्पित करनी चाहिए।

फाल्गुन में आते हैं प्रमुख त्यौहार festival of falgun month

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां लक्ष्मी और मां सीता की पूजा की जाती है। विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवजी की अराधना की जाती है। यह दिन महाशिवरात्रि कहलाता है। फाल्गुन मास में चंद्रमा का जन्म माना जाता है। ऐसे में इस माह चंद्रमा की भी अराधना की जाता है। इस मास में होली भी मनाई जाती है। दक्षिण भारत में उत्तिर नामक मंदिरोत्सव का पर्व भी मनाया जाता है।

अंगारक चतुर्थी angarki chaturthi 2021 dates

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को अंगारक चतुर्थी का व्रत किया जाता है। यह चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है और इस दिन विघ्न विनाशक भगवान गणेश की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि अंगारकी चतुर्थी का व्रत करने से पूरे साल भर के चतुर्थी व्रत का फल प्राप्त होता है।

कालाष्टमी kalashtami 2021

विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को कालाष्टमी का व्रत किया जाएगा। यह व्रत भगवान शिव के रूप कालभैरव को समर्पित है। इस दिन रात्रि जागरण कर भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनी जाती है और उनके सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा जाता है। मान्यता है कि कालभैरव का व्रत करने से सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और तंत्र-मंत्र जैसी नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।

महाशिवरात्रि mahashivratri 2021

हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि आती है लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण पर पड़ने वाली चतुर्दशी की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के पर्व को बहुत धुमधाम से मनाया जाता है और इस दिन व्रत रखने का भी विधान है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। मान्यता है कि इस भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन सच्चे मन से शिव-पार्वती की पूजा करने से सभी शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

शनि अमावस्या shani amavasya kab hai 2021

पंडित मदनमोहन शर्मा ने बताया कि सनातन धर्म में फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या का विशेष महत्व है और यह शुभ तिथि इस बार 13 मार्च दिन शनिवार को पड़ रही है इसलिए इसे शनैश्चरी अमावस्या का योग बना है। अगर आप शनि दोषए साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित हैं तो शनि अमावस्या का दिन आपके लिए विशेष शुभ है। इस अवसर शनिदेव की पूजा करने से शनि के अशुभ प्रभाव से मुक्ति पा सकते हैं।

विनायक चतुर्थी vinayak chaturthi 2021

पंडित मदनमोहन शर्मा ने बताया कि हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है और इस दिन व्रत रखने का विधान है। इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने बाद लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। आजम निर्विकल्पम निराकारमेकम अर्थात भगवान गणेश अजन्मे गुणातीत और निराकार हैं और उस परमचेतना के प्रतीक हैंए जो पूरे ब्रह्मांड में व्याप्त है।

festival of falgun month 2021
festival of falgun month

होलाष्टक आरंभ holashtak 2021 start date

होली से आठ दिन पहले हर साल होलाष्टक आरंभ हो जाता है। इस साल यह तिथि 21 मार्च दिन रविवार को है। शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से फाल्गुन पूर्णिमा तक का समय होलाष्टक कहा गया है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित बताया गया है क्योंकि यह अशुभ समय होता है। खास तौर पर इस दौरान मांगलिक कार्य करना बहुत ही अशुभ माना गया है।

होलिका दहन holika dahan 2021 date in india calendar

विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सनातन धर्म में होली का त्योहार सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों में बताया गया है कि फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन से होलाष्टक से जमा की गई लकड़ियों और उपलों को एकत्रित करके उसकी पूजा की जाती है और शुभ समय पर होलिका दहन किया जाता है। यह पर्व सत्य और अच्छाई का पर्व है। होली की कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप नामक राजा की बहन होलिका आग में जल गई थी और भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद उस आग से बच गए थे। इस उपलक्ष्य में होलिका दहन किया जाता है।

रंगोत्सव धुलंडी

चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को रंगवाली होली मनाई जाती है जिसे धुलेंडी भी कहा जाता है। विख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि यह होलिका दहन के अगले दिन मनाई जाती है। festival of falgun month इस दिन एक-दूसरे के रंग लगाया जाता है और इस पर्व को वसंतोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिन गणगौर पूजा का भी आरंभ हो जाएगा जो विशेष तौर पर राजस्थान में बहुत धुमधाम से मनाया जाता है। अनीष व्यास, विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक, पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान, जयपुर, 9461815501, 9460872809

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