सूर्यदेव की पुत्री से हुआ था हनुमान का व‍िवाह, क्‍या है इसका रहस्य

हनुमान जी को ब्रह्मचारी माना जाता है लेकिन पुराणों में उनकी पत्‍नी सुवर्चला बताई गई हैं। तेलंगाना में उनके नाम का एक मंद‍िर भी बना है। जानें क्‍या है हनुमान जी की शादी का राज.हनुमान भक्‍त उन्‍हें ब्रह्मचारी मानते हैं और उनकी पूजा में अक्‍सर उनके नाम के आगे इस शब्‍द का प्रयोग करते हैं। लेकिन तेलंगाना के एक मंद‍िर में उनकी और उनकी पत्‍नी सुवर्चला की एक साथ मूर्तियां स्‍थाप‍ित हैं। यहां पूरी श्रद्धा के साथ उनका पूजन क‍िया जाता है। बता दें कि तेलंगाना के खम्मम जिले में हनुमान जी

क्रिश्चियन त्योहार 25 दिसंबर : ईश्वर के बेटे ईसा मसीह की आधी रात को धरती पर उतरने की कहानी

हर साल प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के रुप में मसीह समुदाय द्वारा क्रिसमस का त्योहार 25 दिसंबर को मनाया जाता हैं। क्रिश्चियन समुदाय का यह सबसे बड़ा और खुशी का त्योहार होता है, यही वजह हैं कि इस दिन को बड़ा दिन के रुप में भी पहचाना जाता हैं। क्रिसमस को भले ही ईसा मसीह के जन्मोत्सव के रुप में मनाते हों, लेकिन ईसाई विद्वान इस बात पर लगभग एकजुट हैं, कि ईसा के जन्म का वास्तविक दिन यह नहीं हैं। हालांकि जब यूरोप में ईसाई धर्म पहुंचा तो

दुनिया का इकलौता मंदिर जहां होती है भगवान शिव के अंगूठे की पूजा, रहस्य बना है इसका पानी

माउंटआबू की पहाड़ियों पर स्थित अचलगढ़ मंदिर पौराणिक मंदिर है।भगवान शिव के अंगूठे के निशान मंदिर में आज भी देखे जा सकते हैं।माउंटआबू में अचलगढ़ दुनिया की इकलौती ऐसी जगह है जहां भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है।भगवान शिव के सभी मंदिरों में उनके शिवलिंग की पूजा होती है लेकिन यहां भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है। दरअसल भगवान शिव के अंगूठे के निशान मंदिर में आज भी देखे जा सकते हैं।इसमें चढ़ाया जानेवाला पानी कहा जाता है यह आज भी एक रहस्य है।माउंटआबू को अर्धकाशी

Beauty Parlour नहीं देवी मां के मंदिर में इस तालाब में नहाने से निखर जाती है Skin

नमस्कार दोस्तों, आज हम देवी मां के चमत्कारिक मंदिर के पास बने तालाब की सच्ची कहानी बताने जा रहे हैं। इस मंदिर में माताजी का आर्शीवाद लेकर कई भक्त अपनी सारी परेशानियां तो दूर करते ही हैं, साथ ही कंकाली माता के चमत्कारिक मंदिर के पास बने तालाब में हाथ-मुंह धोकर व नहाकर त्वचा निखारने के लिए यहां कई भक्त आते हैं। यहां आने वाले कई भक्तों का दावा हैं कि इस तालाब में नहाने से ब्यूटी पार्लर जाने की जरुरत नहीं होती हैं। कई युवाओं-युवतियों के शरीर के दाग

छह ऋतुओं का समावेश होता है सावन के महीने में

सावन के महीने को शिव आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है. क्योंकि ये महीना देवाधिदेव महादेव को बहुत प्रिय है. सावन का महीना ऐसा महीना है, जिसमें छह ऋतुओं का समावेश होता है. और शिवधाम पर इसका महत्व सबसे ज्यादा होता है. कहा जाता है कि शिव को प्रसन्न करने का सर्वोच्च उपाय रुद्राभिषेक ही है. साक्षात देवी और देवता भी शिव कृपा के लिए शिव-शक्ति के ज्योति स्वरूप का रुद्राभिषेक ही करते हैं.रुद्र अर्थात् ‘रुत्’ और रुत् अर्थात् जो दु:खों को नष्ट करे, वही रुद्र है, रुतं–दु:खं, द्रावयति–नाशयति

इस मंदिर में सिद्धी पाने आते थे तांत्रिक, रोबोट युग में भी देखे जाते हैं चमत्कार

world famous temple in india

मुरैना. मध्यप्र्रदेश के मुरैना में एक ऐसा विश्व प्रसिद्ध चमत्कारी मंदिर है, जिसे तांत्रिक विश्वविद्यालय कहा जाता है। इस मंदिर में सिद्धी प्राप्त करने के लिए तांत्रिक आते थे। मुरैना का चौंसठ योगिनी मंदिर अपनी कहानियों से काफी प्रसिद्ध है। दरअसल ये सभी आदिशक्ति मां काली का अवतार है। घोर नामक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए माता ने ये अवतार लिए थे। यह भी मान्यता हैं कि ये सभी माता पार्वती की सखियां हैं।इन चौंसठ देवियों में से दस महाविद्याएं और सिद्ध विद्याओं की भी गणना की जाती है।

भगवान राम की माता कौशल्या का इकलौता मंदिर, मां की गोद में दर्शन देते हैं रामलला

chandrakhuri bhagwan ram ki maa ka mandir

रायपुर. भगवान राम की माता कौशल्या का देश का इकलौता मंदिर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नजदीक चंद्रखुरी में हैं। यह मंदिर बेहद दुर्लभतम मंदिर माना जाता हैं, यहां भगवान राम मां की गोद में बेठे हुए स्वरुप में दर्शन देते हैं। गर्भगृह में मां कौशल्या के गोद में बालरुप में भगवान श्रीरामजी की वात्सल्यम प्रतिमा श्रद्धालुओं एवं भक्तों का मन मोह लेती है। चंद्रखुरी माता कौशल्या की जन्मस्थली हैं, यह मंदिर करीब 126 तालाबों से घिरे जलसेन तालाब के बीच बने प्राचीन द्वीप पर बना हुआ हैं। भक्त मंदिर परिसर में

LIVE जब नागदेवता के मुंह पर लगाया दूध से भरा बर्तन होने लगा चमत्कार

उज्जैन। श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट मंगलवार रात 12.25 बजे खुले, खुलते ही जैसे ही नागदेवता की पूजा के बाद उनके मुंह में दूध का बर्तन भक्तों और पुजारियों ने लगाया, देख सब लोग चौंक गए कि भगवान के इस मंदिर में चमत्कार हो गया। यहां भगवान स्वयं साक्षात रुप में दूध पिने लगे । बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी का पर्व बड़े ही धूम धाम से मनाया जा रहा हे। महाकालेश्वर मंदिर में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट परंपराअनुसार रात्रि 12.25 बजे खोल दिए गए। भगवान नागचंद्रेश्वर के

भक्तों से फोन पर बात करते हैं ये अनोखे गणेश, हरते हैं चिंता और पूरी करते हैं मनोकामना

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इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में गणेश जी का एक ऐसा मंदिर हैं, जहां भगवान जूना चिंतामण गणेशजी भक्तों से फोन पर बात करते हैं। भगवान गणेश भक्तों की सभी चिंताओं का हरण करके सारी मनोकामनाए पूरी करते हैं।1300 साल पुराने परमार कालीन जूना चिंतामण गणेश मंदिर की चमत्कारिक कहानी आज भी भक्तों को यहां खींच लाती हैं। वक्त की मारामारी के चलते भक्त देश में दूर जगहों पर या विदेशों में रहते हैं और भगवान के पास साक्षात नहीं आ पाते हैं, वे यहां अपने किसी परिचित को भेजकर भगवान

अनोखे हैं ये भगवान गणेश, इस मंदिर में उल्टा स्वस्तिक बनाने से सीधे होते हैं बिगड़े काम!

shri khajrana ganesh mandir indore madhya pradesh

इंदौर. किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले की जाती हैं। भगवान गणेश के सिद्ध मंदिरों में से एक मंदिर मध्यप्रदेश के इंदौर में स्थित हैं। इस विश्व प्रसिद्ध गणेश मंदिर की अलग ही चमत्कारिक कहानी है।मान्यता है कि मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु जो भी कामना लेकर आते हैं, वह पूर्ण होती हैं। भक्तों की मन्नत पूर्ण होने के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है, भक्त मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हैं

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