डिस्कवरी चैनल भी हारा इसकी लंबाई के आगे, सनातन धर्म की गाथा बताने वाले भीम कुंड का अजीब है रहस्य

हर हिंदूस्तानी मानता है कि यह प्यारा देश कई प्रकार के रहस्यों से भरा हुआ है। हर समय कुछ न कुछ चीजें रहस्य से जु़ड़ी हर हिंदूस्तानी के सामने आ जाती है। यह तो हर भारतीय जानता है कि उसका यह प्यारा देश कई रहस्यों से भरा हुआ है। हर-पल कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ रहस्य से भरी बात हर किसी भारतीय के सामने आती ही रहती है।ऐसा ही एक बेहद विचित्र रहस्य है जिसके सामने अमेरिका के मशहुर डिस्कवरी चैनल ने भी हार मान ली थी, उनके साथ

बद्रीनाथ धाम के बारे में सच्ची बात, जो कुछ ही भक्तों को है पता, आप भी जानें

उत्तराखंड में पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग हिंदू धर्म में धार्मिक दृष्टी से बड़ा ही महत्व है। बदरीनाथ मंदिर को बदरीनारायण मंदिर के नाम से भी भक्त पहचानते हैं। यह अलकनंदा नदी के तट पर उत्तराखंड राज्य में है जो भगवान विष्णु के रुप में बद्रीनाथ को समर्पित है। हिंदू धर्म में सबसे श्रेष्ठ माने जाने वाले चार धाम में से एक धाम यही हैं। इसलिए देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां जरुर आते हैं।ऋषिकेश से यह मंदिर करीब 294 किमी उत्तर दिशा में है। हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं

सालासर धाम की सच्ची कहानी, भक्ति से प्रसन्न हनुमानजी ने प्रकट होकर पूरी की थी मनोकामना

चूरू. राजस्थान के चूरू जिले में राम के प्रिय भक्त और ज्ञानियों में अग्रगण्य हनुमानजी का सिद्ध मंदिर जो सालासर बालाजी के नाम प्रसिद्ध हैं। देश के बेहद चमत्कारिक मंदिरों में से एक सालासर बालाजी का धाम भी है, यहां देश ही नहीं दुनियाभर से भक्त हनुमानजी का आर्शीवाद और दर्शन लेने आते हैं। यहां विराजमान होने की इच्छा स्वयं बजरंगबली ने प्रकट की थी, तक करीब ढाई सौ साल पहले बालाजी के परम भक्त बाबा मोहनदास की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान बालाजी ने दर्शन दिए थे। भक्त बाबा मोहनदास

सूर्यदेव की पुत्री से हुआ था हनुमान का व‍िवाह, क्‍या है इसका रहस्य

हनुमान जी को ब्रह्मचारी माना जाता है लेकिन पुराणों में उनकी पत्‍नी सुवर्चला बताई गई हैं। तेलंगाना में उनके नाम का एक मंद‍िर भी बना है। जानें क्‍या है हनुमान जी की शादी का राज. हनुमान भक्‍त उन्‍हें ब्रह्मचारी मानते हैं और उनकी पूजा में अक्‍सर उनके नाम के आगे इस शब्‍द का प्रयोग करते हैं। लेकिन तेलंगाना के एक मंद‍िर में उनकी और उनकी पत्‍नी सुवर्चला की एक साथ मूर्तियां स्‍थाप‍ित हैं। यहां पूरी श्रद्धा के साथ उनका पूजन क‍िया जाता है। बता दें कि तेलंगाना के खम्मम जिले में हनुमान जी

मंदिर में शिवलिंग की हर साल बढ़ती है लंबाई, इंच टेप से ऊंचाई नापते हैं अफसर! :)

खजराहो. पर्यटकों के बीच मशहूर खजुराहो में भोलेनाथ का एक मंदिर ऐसा भी है जहां का शिवलिंग हर साल बढ़ता है. इस चमत्कार के कारण इस मंदिर में बड़ी तादाद में श्रद्धालु आते हैं और भोलेनाथ का आशीर्वाद ले जाते हैं. शिवलिंग की ऊंचाई कितनी बढ़ी इसे खुद अधिकारी इंची टेप से नापते हैं। यही नहीं, हर साल कार्तिक माह की शरद पूर्णिमा के दिन शिवलिंग की लंबाई एक तिल के आकार के बराबर बढ़ती जाती है। अपनी कलाकृतियों के लिए विश्व प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र खजुराहो एक तीर्थ स्थल के

कमाख्या से चलकर थावे पहुंची थी मां भवानी, चमत्कार दुनियाभर में हैं मशहूर

गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज जिले से सीवन मार्ग पर थावे नाम के स्थान पर माता का चमत्कारिक मंदिर हैं। माता यहां मां भवानी के अवतार के रुप में विराजमान हैं। यह मां दुर्गा के एक रुप मां थावेवाली का प्राचीन मंदिर हैं। मां थावेवाली को श्रृद्धालुगण सिंहासिनी भवानी, थावे भवानी और रहषु भवानी के नाम से भी पहचाते हैं। जो भक्त यहां की महिमा जान लेता हैं वह इस पौराणिक स्थल पर बार-बार हाजिरी देने आता है। कई भक्त माता के चमत्कारों में इतनी आस्था रखते हैं कि वे विदेशों

100 वर्ष हो गए नश्वर देह त्यागे… फिर भी सारी दुनिया मुरीद होती जा रही है साईं की….

स्वप्निल व्यास @ इंदौर. सचमुच कौन हैं साईं. कभी सोचा है क्यों लगातार बढ़ती जा रही है इनके भक्तों की कतार. ऐसा क्या है साईं में कि जो भी शिरडी जाता है, साईं का ही होकर रह जाता है. आखिर क्या है साईं नाम की महिमा साईं बाबा के भक्त उन्हें साक्षात भगवान का ही अवतार मानते हैं।  उन्होंने अपने जीवन में कई असंभव चमत्कार दिखाए थे जिन्हें देख कर लोग हतप्रभ हो गए थे। साईं बाबा ने अपने जीवन भर मानव मात्र की सेवा तथा कल्याण करने का ही आदेश

गूगल पर क्यों सर्च हो रही बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर की जाति

डॉ. आंबेडकर नगर (महू, जिला इंदौर)। दलितों के मसीहा के रुप में पहचाने जाने वाले डॉ. भीम राव आंबेडकर इन दिनों गूगल पर जमकर सर्च किए जा रहे हैं। गूगल के यूजर का एक बड़ा वर्ग बाबा साहेब की जाति क्या थी, यह जानना चाहता हैं। कारण जो भी हों, लेकिन हम उनकी जाति भी जानेंगे, लेकिन उनके उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण काम भी लोग सर्च करके अमल में लाते तो ज्यादा अच्छा लगता, खैर जो भी हो। बाबा साहेब किसी भी जाति या वर्ग से नाता रखते हों हमारे देश

सूर्यदेव की पुत्री से हुआ था हनुमान का व‍िवाह, क्‍या है इसका रहस्य

हनुमान जी को ब्रह्मचारी माना जाता है लेकिन पुराणों में उनकी पत्‍नी सुवर्चला बताई गई हैं। तेलंगाना में उनके नाम का एक मंद‍िर भी बना है। जानें क्‍या है हनुमान जी की शादी का राज.हनुमान भक्‍त उन्‍हें ब्रह्मचारी मानते हैं और उनकी पूजा में अक्‍सर उनके नाम के आगे इस शब्‍द का प्रयोग करते हैं। लेकिन तेलंगाना के एक मंद‍िर में उनकी और उनकी पत्‍नी सुवर्चला की एक साथ मूर्तियां स्‍थाप‍ित हैं। यहां पूरी श्रद्धा के साथ उनका पूजन क‍िया जाता है। बता दें कि तेलंगाना के खम्मम जिले में हनुमान जी

क्रिश्चियन त्योहार 25 दिसंबर : ईश्वर के बेटे ईसा मसीह की आधी रात को धरती पर उतरने की कहानी

हर साल प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के रुप में मसीह समुदाय द्वारा क्रिसमस का त्योहार 25 दिसंबर को मनाया जाता हैं। क्रिश्चियन समुदाय का यह सबसे बड़ा और खुशी का त्योहार होता है, यही वजह हैं कि इस दिन को बड़ा दिन के रुप में भी पहचाना जाता हैं। क्रिसमस को भले ही ईसा मसीह के जन्मोत्सव के रुप में मनाते हों, लेकिन ईसाई विद्वान इस बात पर लगभग एकजुट हैं, कि ईसा के जन्म का वास्तविक दिन यह नहीं हैं। हालांकि जब यूरोप में ईसाई धर्म पहुंचा तो

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