बजरंगबली की कृपा प्राप्त करने के लिए करें यह आसान उपाय, संकट होंगे दूर, मिलेगी सुख-समृद्धि ..

नमस्कार दोस्तों आप सभी लोगों का हमारे लेख में स्वागत है दोस्तों धार्मिक शास्त्रों के अनुसार मंगलवार के दिन महाबली हनुमान जी का जन्म हुआ था इसलिए मंगलवार का दिन महाबली हनुमान जी को समर्पित है इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है ऐसा माना जाता है कि मंगलवार के दिन अगर बजरंगबली जी की पूजा की जाए तो यह बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं हर कोई व्यक्ति चाहता है कि बजरंगबली उनके ऊपर अपनी कृपा बनाए रखें और

माता इस वर्ष सिंह के बजाय नौका पर सवार आयेगीं, माता की सवारी इस वर्ष नौका रहेगी

माता इस वर्ष सिंह के बजाय नौका पर सवार आयेगीं चूंकि प्रतिपदा तिथि इस वर्ष बुधवार को पड रही है इसीलिये माता की सवारी इस वर्ष नौका रहेगी। इस वर्ष शरद ऋतु अंर्तगत पडने वाली शारदीय नवरात्र या महाकाली नवरात्र की महत्वपूर्ण तिथियां और उस दिन किया जाने वाले सफलता प्राप्ति के मंत्र जिनके जप से आप अप्रत्याशित लाभ प्राप्त कर सकते है । वे बालिकाऐं जिनके विवाह में अनावश्यक विलंब हो रहा है वे संपूर्ण नवरात्र में रोजाना प्रातः एवं संध्या काल के समय मंत्र ’ ऊॅं कात्यायनी महामाये

ये उपाय करने से हनुमान जी सपने में देते हैं दर्शन

हनुमान जी के दर्शन पाने के लिए अक्सर लोग मंगलवार के व्रत रखना और न जाने क्या-क्या टोटके करते हैं।लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिन्हें करने से हनुमान जी सपनों में दर्शन देते हैं या फिर किसी अन्य रूप में आपको अपनी मौजूदगी का अहसास करवा सकते हैं।लेकिन यह कार्य थोड़ा सा कठिन है लेकिन यदि आपमें सच्ची मेहनत औऱ लगन है तो इस अनुष्ठान को आसानी से कर सकते हैं। गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित हनुमान अंक में बताया गया है। इस उपाय को हनुमान जयंती या

हमारी संस्कृति में श्रद्धा तत्व को जीवित रखने का उत्सव है श्राद्ध

स्वप्निल व्यास, इंदौर @ प्रारंभ से प्रारब्ध भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म में श्राद्ध का अपना विशेष स्थान है। श्राद्ध शब्द श्रद्धा से बना है और उसी से उसके गुप्त तात्पर्य पर प्रकाश पड़ता है। सत्कर्मों के लिए, सत्पुरुषों के लिए आदर की, कृतज्ञता की भावना रखना श्रद्धा कहलाता है। जिस व्यक्ति ने हमारे साथ उपकार किया है, हम उसका श्रद्धा सहित स्मरण करते हैं। इस स्मरण में भजन-पूजन के साथ-साथ भोजन की व्यवस्था भी रहती है। यह सम्मिलित रूप श्रद्धा कहलाता है। श्राद्ध एक प्रकार से मृत पूज्य व्यक्तियों के

श्राद्ध कौन हैं पितृगण? महिलाएं भी कर सकती हैं पितृ तर्पण

हमारे पूर्वज ही हमारे पितृगण हैं।हमारे पितृदेवता श्राद्धपक्ष में सूर्य के उदित होते ही सूक्ष्म-शरीर के रूप में (वायुरूप) सूर्य की रश्मियों पर सवार हो हमारे दरवाजे पर आकर खडे हो जाते हैं। जब उनका पुत्र उन्हें संकल्प सहित आमंत्रित करता है तभी वह ग्रह प्रवेश करते हैं ।और अपना भाग वायुरूप में ग्रहण कर सूर्य की वापस होती किरणों के साथ पितृ लोक को चले जाते हैं। जो पुत्र पितृऋण के तहत तर्पण नहीं करता तो पितर दुःखित कातर हो अपने पुत्र को श्रापित कर चले जाते हैं।पितृपक्ष के 15

मंगलवार को इन टोटके से करें हनुमान जी को प्रसन्‍न, नहीं रहेगी दरिद्रता

मंगलवार का दिन हनुमान जी का माना जाता है। लेकिन इस दिन को गणेश जी के लिए भी शुभ माना गया है। यह दिन कर्ज से मुक्ति के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। कहा जाता है कि मंगलवार के दिन किए जाने वाले आसान उपाय जो धन संपदा के साथ मन की शांति के लिए भी उत्तम माने गए हैं। हनुमान जी कलयुग में सबसे सक्रिय देवताओं में से एक हैं।   इस दिन पीपल की करें पूजा कहते हैं कि बजरंगबली की अराधना भक्तों के हर संकट को हर लेती है और उनके दुख-दर्द

मां लक्ष्मी की कृपा चाहते हैं तो शुक्रवार को करें ये उपाय, किस्मत खुल जाएगी आपकी

धन और संपत्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं - माँ लक्ष्मी. माना जाता है समुद्र से इनका जन्म हुआ था, और इन्होंने श्री विष्णु से विवाह किया था. इनकी पूजा से धन की प्राप्ति होती है साथ ही वैभव भी मिलता है. अगर लक्ष्मी रुष्ट हो जाएँ तो घोर दरिद्रता का सामना करना पड़ता है. ज्योतिष में शुक्र ग्रह से इनका सम्बन्ध जोड़ा जाता है.इनकी पूजा से किन किन फलों की प्राप्ति होती है?- इनकी पूजा से केवल धन ही नहीं बल्कि नाम यश भी मिलता है.- इनकी उपासना से दाम्पत्य

हरतालिका तीज 2018 व्रत: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत कथा : पँ कपिल शर्मा काशी

हरतालिका तीज का व्रत हिन्दू धर्म में सबसे बड़ा व्रत माना जाता हैं। यह तीज का त्यौहार भाद्रपद मास शुक्ल की तृतीया तिथि को मनाया जाता हैं। खासतौर पर महिलाओं द्वारा यह त्यौहार मनाया जाता हैं। कम उम्र की लड़कियों के लिए भी यह हरतालिका का व्रत श्रेष्ठ समझा गया हैं। विधि-विधान से हरितालिका तीज का व्रत करने से जहाँ कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है, वहीं विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य मिलता है.हरतालिका तीज में भगवान शिव, माता गौरी एवम गणेश जी की पूजा का महत्व

धन प्राप्त करने के लिए शुक्रवार को करें यह पूजा, खींचे चले आएंगे लक्ष्मी-कुबेर

पैसा खुदा तो नहीं पर खुदा से कम भी नहीं। आज के परिवेश में यह बात शत प्रतिशत खरी उतरती है। मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी समस्या हैं गरीबी अर्थात निर्धनता। धन के अभाव में मनुष्य मान-सम्मान प्रतिष्ठा से भी वंचित रहता है। ऐसा शास्त्रों में वर्णन है की व्यक्ति को दरिद्रता दूर करने हेतु मां लक्ष्मी की आराधना करनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार लक्ष्मी को चंचला कहा जाता है अर्थात जो कभी एक स्थान पर रूकती नहीं। अतः लक्ष्मी अर्थात धन को स्थायी बनाने के लिए कुछ उपाय,

जन्माष्टमी को सुख-समृद्धि प्राप्ति के लिए करें ये ज्योतिष के विशेष उपाय

शास्त्रों के अनुसार श्री कृष्ण की पत्नी रुक्मणी माँ लक्ष्मी का अवतार थी अत: अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। यदि आप जन्माष्टमी के दिन ये उपाय पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से करेंगे तो आपको अभीष्ट फल की प्राप्ति होगी कृष्ण जन्माष्टमी कब है हिन्दू पंचांग के अुनसार भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में अर्धरात्रि को कृष्ण का जन्म हुआ था. इसलिए हर साल

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