सावन के महीने में बस 1 चुटकी नमक बनाएगा करोड़पति, जानें कैसे :o

जैसा की हम सभी जानते हैं सावन का महिना शुरू हो गया है। भगवान शिव को प्रसन्‍न करना बहुत ही आसान है अगर उन्‍हें एक लोटा सच्‍चे मन से जल भी अर्पित कर दें तो वो प्रसन्‍न हो जाते हैं। इस साल सावन का महीना बेहद खास है। ऐसे में अगर भक्तजन इस विधि से पूजन करेंगे तो भगवान शिव मेहरबान होंगे और सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी। इस वर्ष सावन का शुभारंभ सोमवार से और समाप्ति भी सोमवार को हो रहा है।सावन का महिना हिंदु कैलेण्‍डर के अनुसार पांचवे महिने में

इस बार सावन के सोमवार को चढ़ा दें भोलेनाथ को सिर्फ एक चीज़, पूरी होगी सारी मनोकामना :o

भगवान शिव को प्रसन्‍न करने का सबसे अच्‍छा महिना सावन का होता है। आप सभी जानते हैं कि सावन का महिना शुरू हो गया है। ऐसा सावन सैकड़ों सालों बाद आया है बता दें कि इस सावन में 5 सोमवार पड़ने वाला है ऐसा कई वर्षों बाद पड़ा है कि सावन की शुरूआत सोमवार से और अंत भी सोमवार से हुआ है। ये एक अच्‍छा मौका है जो भक्‍त भगवान शिव को प्रसन्‍न करना चाहते हैं वो सच्‍चे मन से प्रार्थना अर्चना करके मनचाहा वरदान पा सकते हैं। इस दिन आप एक विशेष

अगर आपका शुक्र ग्रह कमजोर है तो शरीर के इस अंग पर जरूर लगाएं इत्र, खींचा चला आएगा पैसा :o

परफ्यूम या सुगंधित वस्तु हर काल या हर युग में हमेशा से ही लोगों को आकर्षित करती आ रही है और लोगों की पसंदीदा रही है। कोई भी सेलीब्रिटी हो या कोई उत्सव या समारोह बिना परफ्यूम के वह अपूर्ण होता है। बिना परफ्यूम के उत्सव या धार्मिक अनुष्ठान अधूरा माना जाता है। परफ्यूम का उपयोग केवल खुशबू के लिए नहीं बल्कि किस्‍मत बदलने के लिए भी होता है।ग्रंथों में बताया गया है कि सुविधाओं से अभाव ग्रस्त जीवन जीने के पीछे शुक्र ग्रह का कमजोर होना सबसे बड़ा कारण है।

ज़िंदगी में कभी गलती से भी इस दिन नहीं चढ़ाना है जल पीपल को ,जान लेना एक बार पूरी बात :o

हिंदू धर्म में कई चीज़ों की पूजा की जाती है इनमें से पेड़ भी एक है। भारत में सदियों से पेड़-पौधों की पूजा की जाती रही है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पीपल का पौधा सबसे ज़्यादा पूजनीय होता है। पीपल के पेड़ को विश्ववृक्ष, चैत्य वृक्ष और वासुदेव के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पीपल के हर एक हिस्से में देवताओं का निवास होता है। यहाँ तक कि इसके पत्ते-पत्ते में देवता निवास करते हैं। इसके पत्ते में भगवान विष्णु का वास

क्या आपको पता है रामायण के सिर्फ एक मन्त्र पढ़ने से होता है पूरी रामायण पढ़ने जितना लाभ, यहाँ जाने कौन सा है वो मंत्र ..

आजकल लोगों की जिंदगी इतनी फ़ास्ट फॉरवर्ड हो गयी है की किसी को भी अपने हिन्दू शास्त्रों को पढ़ने का समय नहीं है चाहे वो रामायण हो या फिर कोई और ग्रन्थ। आज हम आपको रामायण का एक ऐसा मंत्र बताने जा रहे हैं जिसका रोज जाप करने से आपको सम्पूर्ण रामायण को पढ़ने का लाभ मिलेगा। ऐसा माना जाता है की एक हिन्दू को जीवन में एक बार कम से कम रामायण का पाठ जरूर कारण चाहिए। तो आइये जानते है की आखिर वो कौन सा मंत्र है जिसके जाप

शनिदेव को तेल चढ़ाते समय न करे ये गलती वरना व्यर्थ है पूजा :o

दोस्तों मान्यता है कि शनिदेव हमारे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। कुंडली में शनि अशुभ हो तो हर शनिवार शनिदेव को तेल चढ़ाना चाहिए। यह उपाय सभी राशि के लोग कर सकते हैं। जो लोग ये उपाय नियमित रूप से करते रहते हैं, उन्हें साढ़ेसाती और ढय्या में भी शनि की कृपा प्राप्त होती है। आज में आपको कुछ ऐसी बातें बताऊंगा जो शनिदेव को तेल चढ़ाते समय हमे ध्यान रखनी चाहिए… वीडियो देखे : https://youtu.be/pfG9kIHEsYsअगर इन बातों को ध्यान में रखते हुए शनिदेव को तेल चढ़ाया जाएतो वे जल्दी प्रसन्न होते

इस श्रावण महीने घर के पास लगाएं बेल पत्र का वृक्ष, भोलेनाथ की कृपा से दूर होंगी जीवन की कई मुसीबते :o

हिन्दू धर्म में भगवान शिव की महिमा के बारे में बताने की जरुरत नहीं है। भगवान शिव को भोलेनाथ के नाम से इसलिए जाना जाता है कि ये बहुत ही भोले हैं और अपने सभी भक्तों का कल्याण करते हैं। ये अपने किसी भक्त में कोई अंतर नहीं करते हैं। भगवान शिव की भक्ति वैसे तो पुरे साल की जाती है, लेकिन सावन में भगवान शिव की भक्ति का विशेष फल मिलता है। शास्त्रों के अनुसार सावन भगवान शिव का सबसे पसंदीदा महिना होता है। इस महीने में एक लोटे जल

नींबू सहित : इन उपायों से करें मां काली को प्रसन्न, होगी हर कामना पूर्ण :o

आज का दिन मां काली की उपासना के लिये बहुत ही शुभ है। दस महाविद्याओं में से एक मां काली की पूजा-उपासना बहुत ही सिद्ध मानी गयी है। शक्ति की देवी हैं- मां काली। मां काली का उपासना से सभी तरह के भय और संकटों से छुटकारा मिलता है साथ ही रोगों से भी मुक्ति मिलती है।आज के दिन काली मां के "आं हीं क्रां भद्र काल्यैय नमः" मंत्र का 108 बार जप करके जीरे का भोग लगाएं। फिर उस भोग को ग्रहण करें। ऐसा करने से नजर दोष, टोना-टोटका सब नष्ट हो

सूर्यदेव को जल चढ़ाने के बाद जरूर करे ये 3 काम, ऐसा भाग्य चमकेगा कि आप भी हैरान रह जाओगे :o

दोस्तों हमारे हिन्दू धर्म में सूर्य का बहुत अधिक महत्व दिया गया हैं. आप ने देखा होगा कि कई लोग सुबह उठकर सूर्य को नमस्कार करते हैं. सूरज को जल्द चढ़ाने की परंपरा भी कई सदियों पुरानी हैं. इसका जिक्र हमारी हिन्दू पुराणों में भी किया गया हैं. सूर्य को जल चढ़ाने से हमें कई सारे लाभ मिलते हैं. सूर्यदेव को प्रसन्न करने से जीवन में सुख, अच्छी किस्मत, धन और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती हैं.आप में से कई लोग सूर्य को जल चढ़ाते होंगे. जो नहीं चढ़ाता हैं उनसे हमारी विनती

राशि के अनुसार जाने किस भगवान की पूजा करना आपके लिए रहेगा शुभ :D

दोस्तों हमारे हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता हैं. ऐसे में इन सभी की पूजा आरधना करना और इन्हें प्रसन्न करना थोड़ा मुश्किल काम हो जाता हैं. इसीलिए आज हम आपको बताएँगे कि आप किस भगवान की अधिक पूजा आराधना करेंगे तो आपको सबसे ज्यादा लाभ होगा. हर राशि के गृह नक्षत्र के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में एक भगवान का जिक्र किया गया हैं जो उस राशि वाले जातक से जल्दी प्रसन्न होते हैं. आज हम इसी बारे में आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं. राशि के अनुसार करे इन

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