नवरात्रि के दौरान कर रहे हैं खरीदारी, तो इन बातों का रखें ध्यान, आपकी सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी ..

नवरात्रि का पवित्र त्यौहार 10 अक्टूबर से आरंभ होने जा रहा है नवरात्रि के दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, नवरात्रि के 9 दिन माता के नौ रूपों को पूजा जाता है, सभी भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए इन 9 दिनों तक माता का व्रत रखते हैं और कलश की स्थापना करते हैं, विधि विधान पूर्वक माता की पूजा-अर्चना की जाती है बहुत से लोग ऐसे हैं जो माता के मंदिर में जाकर इनके दर्शन करते हैं, आप सभी लोग नवरात्रि के दिनों

नवरात्रि के दिनों में ये 6 राशियां रहेंगी भाग्यशाली, महालक्ष्मी होंगी मेहरबान, मिलेगा धन लाभ ..

व्यक्ति के जीवन में राशियों का बहुत महत्व होता है राशियों के आधार पर व्यक्ति के आने वाले समय के बारे में पता लगाया जा सकता है, यदि ग्रह नक्षत्रों में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन होता है तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर कुछ ना कुछ अवश्य पड़ता है, अगर ग्रहों की स्थिति ठीक दशा में हो तो व्यक्ति को अपने जीवन में खुशियां ही खुशियां मिलती हैं परंतु ग्रहों की स्थिति ठीक दशा में ना हो तो व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है समय के

नवरात्रों में करें यह 4 गुप्त काम, आपकी इच्छा होगी पूरी, बन जाएंगे बिगड़े काम ..

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि नवरात्रि का त्योहार बहुत ही जल्दी आने वाला है नवरात्रि का पवित्र त्यौहार 10 अक्टूबर से आरंभ होगा और नवरात्रि के पूरे 9 दिनों तक माता दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग पूजा की जाती है जो भक्त अपने सच्चे मन से माता रानी की पूजा अर्चना करता है उसकी पुकार माता अवश्य सुनती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती है, इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसी मां होगी जो अपने बच्चे को दुख में देख पाती होगी माता रानी अपने

अनंत चतुर्दशी व्रत उद्यापन विधि, कथा, ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा

अनन्त चतुर्दशी का व्रत: दिनाँक 23/9/2018 दिन रविवार को अनन्त चतुर्दशी व्रत है। आईये जानें इस व्रत के बारे में। पंडित मनोज शुक्ला से। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत में अनन्त के रूप में भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा होती है। अनन्त चतुर्दशी के दिन पुरुष दाहिने हाथ में तथा नारियाँ बाँये हाथ में अनन्त धारण करती हैं। अनन्त कपास या रेशम के धागे से बने होते हैं, जो कुंकमी रंग में रंगे जाते हैं तथा इनमें चौदह गाँठे होती हैं।

एकादशी व्रत करने से दूर हो जाते हैं सारे कष्ट…

हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत की बहुत मान्यता है और शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को करने से इंसान के सारे कष्ट दूर होते हैं. साथ ही सारे पापों से मुक्ति भी मिल जाती है.सभी धर्मों में व्रत-उपवास करने का महत्व बहुत होता है और हर व्रत के आने नियम कायदे भी होते हैं. खास कर हिंदू धर्म के अनुसार एकादशी व्रत करने की इच्छा रखने वाले मनुष्य को दशमी के दिन से ही कुछ अनिवार्य नियमों का पालन करना चाहिए. ऐसा करने से उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं

बुध देता है मधुर वाणी साथ में होगी धन की बौछार, बस ये काम करें

वेद में एक वाक्य है कि वाणी की मधुरता से सहज ही सभी को मित्र और कर्कश वाणी से दुश्मन बनाया जा सकता है। विभिन्न वेदों और शास्त्रों में भी वाणी संयम को सर्वश्रेष्ठ तप कहा गया है। ऋग्वेद में कहा गया है, या ते जिव्हा मधुमति सुमेधाने देवेषूच्यत उरुचि। यानी, तू मीठी और सद्बुद्धि युक्त वाणी का प्रयोग कर, जिसे देव बोलते हैं। नीतिशास्त्र में कहा गया है, ‘झूठ बोलना, कटु बोलना, असंगत बात कहना, अहंकारयुक्त शब्द बोलना, निंदा करना आदि वाणी के ऐसे उद्वेग दोष हैं, जिनसे मनुष्य पग-पग

हनुमान जी करेंगे इन 5 राशियों के भाग्य में अद्भुत बदलाव, दूर होंगे संकट, मिलेगी बड़ी खुशखबरी !!!!

नमस्कार दोस्तों आप सभी लोगों का हमारे लेख में स्वागत है दोस्तों महाबली हनुमान जी श्री राम जी के परम भक्त है और राम जी को भी हनुमान जी बहुत ही प्रिय है कलयुग में बजरंगबली एकमात्र ऐसे देवता है जो अजर अमर है और यह अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं जो भक्त महाबली हनुमान जी की पूजा अर्चना करता है उसके ऊपर इनकी कृपा बनी रहती है और व्यक्ति के जीवन से सभी संकट दूर होते हैं हनुमान जी अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से ही प्रसन्न

जुलाई माह का पंचक काल, इन टोटकों से टाल दें आपके बुरे वक्त को

panchak kaal ke upay in hindi

हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ माना जाता है। पंचक के बारे में ज्योतिषियों का कहना हैं कि पंचककाल में कोई भी नया या शुभ काम शुरु नहीं करना चाहिए, वरना उस काम में बार-बार रुकावटें आएंगी और सफलता नहीं मिलेगी। इस बार पंचक काल 2 जुलाई सोमवार 8.50 बजे से शुरु हो रहा है, जो कि 07 जुलाई शनिवार 7.41 बजे तक जारी रहेगा। आईए जानते हैं, पंचक काल के दौरान किन बातों से बचें... जुलाई माह में पंचक की तारीखें... उज्जैन पंचांग अनुसार पंचक शुरु 2 जुलाई 2018 सोमवार को 8.50 सुबह

वट सावित्री व्रत: जानिए महत्व, पूजन और मान्यता, वट पूर्णिमा से पायें अखंड सुहाग

latest updates of vat savitri vrat 2017 importance, puja vidhi and katha in hindi

latest updates of vat savitri vrat 2018 importance, puja vidhi and katha in hindiज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को (ज्येष्ठ पूर्णिमा, वट सावित्री) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन वट सावित्री पूजन करने का विधान है। इस दिन महिलाएं सुखद वैवाहिक जीवन की कामना से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना करके अखंड सुहाग की कामना करेंगी। इस संबंध में यह लोककथा है कि सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे पड़े अपने मृत पति सत्यवान को यमराज से जीत लिया था। सावित्री के दृढ़ निश्चय व संकल्प की याद में इस

अगर आपकी प्रार्थनाएं नाकाम हो रही हों तो करे उपाय

totke in hindi

हर व्यक्ति को कभी ना कभी ये लगता है कि वह ईश्वर की प्रार्थना या पूजा तो खूब कर रहा है लेकिन ये सुनी नहीं जा रही हैं. अगर आप इस स्थिति में हैं तो हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों कभी कभी प्रार्थनाएं नाकाम हो जाती हैं. पहले आप यह समझ लीजिए कि व्यवसाय और लेन-देन की तरह की प्रार्थना भी असफल होती है.प्रार्थना के नाकाम होने की कुछ वजह होती हैं, जैसे -- आहार और व्यवहार पर नियंत्रण न रखने से प्रार्थना नाकाम होती है- माता-पिता का

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