इस मंदिर को भगवान विश्वकर्मा ने बनाया था, विश्राम करने आते हैं यहां विष्णुदेव

राजिम. छत्तीसगढ़ के राजिम में भगवान विष्णु का राजीव लोचन मंदिर स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने बनाया था। इस मंदिर में विष्णु भगवान रात्रि में विश्राम करने के लिए आज भी आते हैं।जी हां, इस मंदिर की सच्ची कहानी आज भी राजिम में किसी के भी मुंह से सुनी जा सकती हैं। मंदिर में भगवान विष्णु कमल के पराग पर विराजमान हैं। राजिम में तीन नदियों के संगम खारुन, महानदी और पैरी के संगम पर स्थित हैं। छत्तीसगढ़ में राजीव लोचन मंदिर का महत्व ठीक वैसा हैं, जैसा पूरे देश के

हरतालिका तीज 2018 व्रत: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और व्रत कथा : पँ कपिल शर्मा काशी

हरतालिका तीज का व्रत हिन्दू धर्म में सबसे बड़ा व्रत माना जाता हैं। यह तीज का त्यौहार भाद्रपद मास शुक्ल की तृतीया तिथि को मनाया जाता हैं। खासतौर पर महिलाओं द्वारा यह त्यौहार मनाया जाता हैं। कम उम्र की लड़कियों के लिए भी यह हरतालिका का व्रत श्रेष्ठ समझा गया हैं। विधि-विधान से हरितालिका तीज का व्रत करने से जहाँ कुंवारी कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है, वहीं विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य मिलता है.हरतालिका तीज में भगवान शिव, माता गौरी एवम गणेश जी की पूजा का महत्व

एक गाथा महारानी से पुण्यश्लोक लोकमाता बनने की, देवी अहिल्याबाई के पुण्य स्मरण दिवस पर विशेष

इतिहास-प्रसिद्ध सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र खंडेराव की पत्नी थीं, अहिल्याबाई सन १७४५ मे अहिल्याबाई के पुत्र हुआ और तीन वर्ष बाद एक कन्या। पुत्र का नाम मालेराव और कन्या का नाम मुक्ताबाई रखा। एक बार मल्हरराव राजस्थान में चौथ वसूल करने के लिए घूम रहे थे। साथ मे खण्डेराव भी थे। बढ़ते-बढ़ते भरतपुर के पास डींग पहुंचे। वहां के जाट उनका मुकाबला करने के लिए खड़े हो गये। घनघोर युद्ध हुआ। एकाएक खण्डेराव के गोली लगी और वह वही वीरगति को प्राप्त होगये। मल्हाराव जरा दूर लड़ रहा थे।

कड़वे प्रवचन देकर जिन्दगी में मिठास भरने वाले मुनि का अंतिम विहार

भावपूर्ण श्रद्धांजली @ स्वप्निल व्यास, इंदौरतुम्हारी वजह से जीते जी किसी की आंखों में आंसू आए तो यह सबसे बड़ा पाप है। लोग मरने के बाद तुम्हारे लिए रोए, यह सबसे बड़ा पुण्य है। इसीलिए जिंदगी में ऐसे काम करो कि, मरने के बाद तुम्हारी आत्मा की शांति के लिए किसी और को प्रार्थना नहीं करनी पड़े। क्योंकि दूसरों के द्वारा की गई प्रार्थना किसी काम की नहीं है। जैन मुनि तरुण सागर का शनिवार को सुबह निधन हो गया। 51 वर्षीय जैन मुनि लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

श्रीकृष्ण की पीड़ा और …भक्त के चरणों का धुला हुआ जल

स्वप्निल व्यास@ इंदौर. महर्षि नारद को यह अहंकार हो गया था,कि वही भगवान श्री हरि विष्णु के सबसे बड़े भक्त हैं। भगवान विष्णु का उनसे बड़ा भक्त तीनों लोकों में कोई नहीं है। महर्षि नारद अपनी इसी अहंकार की मस्ती में एक दिन पृथ्वी पर पहुंचे। पर जब वह पृथ्वी लोक पर पहुंचे, तो उन्हें बड़ा ही आश्चर्य हुआ… क्योंकि पृथ्वी लोक पर हर एक व्यक्ति भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण के साथ राधा का ही नाम ले रहा था। महर्षि नारद पृथ्वी लोक पर राधा रानी की स्तुति भगवान श्रीकृष्ण

ऐसे मनाई थी स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद ने राखी

स्वप्निल व्यास@ इंदौर. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में जनजागरण के लिए भी इस पर्व का सहारा लिया गया । रवीन्द्रनाथ टैगोर ने बंग-भंग का विरोध करते समय बंगाल निवासियों के पारस्परिक भाईचारे तथा एकता के प्रतीक रूप में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने की शुरुआत की थी। स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद के जीवन की एक मार्मिक घटना रक्षाबंधन से जुड़ी है । आजाद एक बार तूफानी रात में शरण लेने हेतु एक विधवा के घर पहुँचे । पहले तो उसने उन्हें डाकू समझकर शरण देने से मना कर दिया, परंतु जब आजाद ने अपना

यह चमत्कारी शिवलिंग दिन में 3 बार बदलता है अपना रंग, सबकी शादी की मनोकामना होती है पूरी

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि हमारा भारत वर्ष धार्मिक देश माना गया है हिंदू धर्म में देवी देवताओं की पूजा पाठ करने का विशेष महत्व माना जाता है आपको हर स्थान पर कोई ना कोई मंदिर अवश्य नजर आ जाएगा और इन्हीं मंदिरों में से आपको हर शहर में भगवान शिव जी के कई मंदिर भी नजर आ जाएंगे और इनमें अचलेश्वर महादेव के नाम से भी मंदिर आपको मिल ही जाएगा हमारे देश के साथ-साथ ही दुनिया भर में कई स्वयंभू शिवलिंग मौजूद है जब भक्तों

Beauty Parlour नहीं देवी मां के मंदिर में इस तालाब में नहाने से निखर जाती है Skin

नमस्कार दोस्तों, आज हम देवी मां के चमत्कारिक मंदिर के पास बने तालाब की सच्ची कहानी बताने जा रहे हैं। इस मंदिर में माताजी का आर्शीवाद लेकर कई भक्त अपनी सारी परेशानियां तो दूर करते ही हैं, साथ ही कंकाली माता के चमत्कारिक मंदिर के पास बने तालाब में हाथ-मुंह धोकर व नहाकर त्वचा निखारने के लिए यहां कई भक्त आते हैं। यहां आने वाले कई भक्तों का दावा हैं कि इस तालाब में नहाने से ब्यूटी पार्लर जाने की जरुरत नहीं होती हैं। कई युवाओं-युवतियों के शरीर के दाग

रावण विद्वान था जबकि हनुमान जी विद्यावान थे, पढ़ें यह रोचक कथा

इंदौर. विद्वान और विद्यावान में अन्तर: विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर॥ एक होता है विद्वान और एक विद्यावान । दोनों में आपस में बहुत अन्तर है। इसे हम ऐसे समझ सकते हैं, रावण विद्वान है और हनुमान जी विद्यावान हैं। रावण के दस सिर हैं । चार वेद और छह: शास्त्र दोनों मिलाकर दस हैं । इन्हीं को दस सिर कहा गया है । जिसके सिर में ये दसों भरे हों, वही दस शीश हैं । रावण वास्तव में विद्वान है । लेकिन विडम्बना क्या है

दलित बहन को दिया वचन आज भी निभाते हैं रामसा पीर

बाबा रामदेव को द्वारिका‍धीश (श्रीकृष्ण) का अवतार माना जाता है। इन्हें पीरों का पीर 'रामसा पीर' कहा जाता है। सबसे ज्यादा चमत्कारिक और सिद्ध पुरुषों में इनकी गणना की जाती है। हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक बाबा रामदेव के समाधि स्थल रुणिचा में है। बाबा रामदेव ने छुआछूत के खिलाफ कार्य कर दलित हिन्दुओं का पक्ष ही नहीं लिया बल्कि उन्होंने हिन्दू और मुस्लिमों के बीच एकता और भाईचारे को बढ़ाकर शांति से रहने की शिक्षा भी दी। बाबा रामदेव पोकरण के शासक भी रहे, लेकिन उन्होंने राजा बनकर नहीं अपितु जनसेवक

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