डिस्कवरी चैनल भी हारा इसकी लंबाई के आगे, सनातन धर्म की गाथा बताने वाले भीम कुंड का अजीब है रहस्य

हर हिंदूस्तानी मानता है कि यह प्यारा देश कई प्रकार के रहस्यों से भरा हुआ है। हर समय कुछ न कुछ चीजें रहस्य से जु़ड़ी हर हिंदूस्तानी के सामने आ जाती है। यह तो हर भारतीय जानता है कि उसका यह प्यारा देश कई रहस्यों से भरा हुआ है। हर-पल कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ रहस्य से भरी बात हर किसी भारतीय के सामने आती ही रहती है।ऐसा ही एक बेहद विचित्र रहस्य है जिसके सामने अमेरिका के मशहुर डिस्कवरी चैनल ने भी हार मान ली थी, उनके साथ

गजब का रहस्य, 12 घंटे के हनुमान जी ने कर दिया था सूर्य का भक्षण

भगवान हनुमान जी के जन्म के तुरंत बाद की एक कथा बहुत मश्हुर हैं, जो आज भी बच्चे बच्चे को पता है, लेकिन यह विस्तार से आज हम धर्म कथाएं डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। हनुमान जी को जन्मे महज 12 घंटे ही हुए थे कि उन्हें जोर से भूख लगने लगी और वे भूख मिटाने का इंतजाम करने लगे। इसके बाद शुरु होती है बाल हनुमान के नटखट किस्से की एक अनोखी कथा, जिससे सभी देवताओं को हैरत में डाल दिया था। आईए पूरी कथा पढ़ते हैं....हनुमान जी

बद्रीनाथ धाम के बारे में सच्ची बात, जो कुछ ही भक्तों को है पता, आप भी जानें

उत्तराखंड में पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग हिंदू धर्म में धार्मिक दृष्टी से बड़ा ही महत्व है। बदरीनाथ मंदिर को बदरीनारायण मंदिर के नाम से भी भक्त पहचानते हैं। यह अलकनंदा नदी के तट पर उत्तराखंड राज्य में है जो भगवान विष्णु के रुप में बद्रीनाथ को समर्पित है। हिंदू धर्म में सबसे श्रेष्ठ माने जाने वाले चार धाम में से एक धाम यही हैं। इसलिए देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां जरुर आते हैं।ऋषिकेश से यह मंदिर करीब 294 किमी उत्तर दिशा में है। हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं

आओ करें 210 साल के संत भगवान के दर्शन, भक्ति से मिली इतनी शक्ति

आधुनिक दिनों में आम इंसान की आयु हर रोज कम होती दिखती है। लेकिन किसी ने सोचा भी है कि किसी की उम्र 200 साल से भी ज्यादा हो सकती है। जी हां हमारे सामने ऐसे उदाहरण हैं, जिनके माध्यम से हम साबित कर सकते हैं कि किसी की उम्र आम लोगों से अधिक ही नहीं बल्कि दो गुना नहीं तीन गुना से भी ज्यादा हैं। तो इंतजार किस बात का दोस्तों। मिलिए 210 साल की आयु के एक ऐसे संत से जो भगवान की आराधना कर अपनी शक्ति को दिनोंदिन

सालासर धाम की सच्ची कहानी, भक्ति से प्रसन्न हनुमानजी ने प्रकट होकर पूरी की थी मनोकामना

चूरू. राजस्थान के चूरू जिले में राम के प्रिय भक्त और ज्ञानियों में अग्रगण्य हनुमानजी का सिद्ध मंदिर जो सालासर बालाजी के नाम प्रसिद्ध हैं। देश के बेहद चमत्कारिक मंदिरों में से एक सालासर बालाजी का धाम भी है, यहां देश ही नहीं दुनियाभर से भक्त हनुमानजी का आर्शीवाद और दर्शन लेने आते हैं। यहां विराजमान होने की इच्छा स्वयं बजरंगबली ने प्रकट की थी, तक करीब ढाई सौ साल पहले बालाजी के परम भक्त बाबा मोहनदास की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान बालाजी ने दर्शन दिए थे। भक्त बाबा मोहनदास

क्या पति-पत्नी का पिछले जन्मों का रिश्ता होता है ? तो जवाब अभी जानें

एक कार्यक्रम में ईशा फाउंडेशन के सदगुरु जग्गी वासुदेव गुरु से सवाल किया जिसमें पिछले जन्मों के बारे में जिज्ञासाएं शांत कर इस विषय पर प्रकाश डालने के लिए कहा। उन्होंने बेहद सरल तरीके से बताया, क्या पति-पत्नी का पिछले जन्मों का रिश्ता होता है ? इस सवाल का जवाब। जो आज हर कोई जानना और इस बात को समझना चाहता है। हमने भी इस रुचिकर विषय पर यह लेख तैयार किया ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सटिक जानकारी हम भेज सकें।कार्यक्रम में एक शिष्य ने कहा नमस्कार गुरुदेव,

Eclipse 2019 : सूर्य और चंद्र ग्रहण वाले इन दिनों में रहें सावधान, ये उपाय करें चुंबक की तरह खिंचा आएगा धन

नई दिल्ली. Solar eclipse 2019 सूर्य और चंद्रमा पर लगने वाले ग्रहण से हर बार कुछ रोमांचक जिज्ञासाएं लोगों के मन में बनी रहती हैं और जानने की जिज्ञासा बनी रहती है कि कैसा होगा, सूर्य sun grahan या चंद्रमा ग्रहण chandra grahan के दौरान कैसे दिखेंगे। हम पर कैसा असर होगा। यह बहुत लोगों को जानने का मन करता है। सूर्य ग्रहण हो तो इसके प्रति रोमांच-कौतूहल और बढ़ जाता है। यह इसलिए भी कि उजाले में होता है और दिन में होने से लोगों को देखने का रोमांच देखा

कलयुग में देवी अन्नपूर्णा के आधिपत्य में है संपूर्ण विश्व, जानिए एक सच्ची कथा

अन्नपूर्णा को देवी जगदंबा का ही रूप माना गया है, जिनसे सम्पूर्ण विश्व का संचालन होता है। इन्हीं जगदंबा के अन्नपूर्णा स्वरूप से संसार का भरण-पोषण होता है। अन्नपूर्णा का शाब्दिक अर्थ है धान्य यानी अन्न की अधिष्ठात्री देवी।मान्यतानुसार सभी प्राणियों को भोजन देवी अन्नपूर्णा की कृपा से ही प्राप्त होता है। कलयुग में देवी अन्नपूर्णा की पुरी काशी है, किंतु संपूर्ण विश्व उनके नियंत्रण में है। महादेव की नगरी काशी के अन्नपूर्णा के आधिपत्य में आने की कथा बड़ी रोचक है।महादेव जब पार्वती के संग विवाह करने के पश्चात्

त्रिदेवों की शक्ति जिसमें समाहित है उसने क्यों बनाए 24 गुरु

दत्तात्रेय जयंती विशेष @ स्वप्निल व्यास हिंदू धर्म के त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश की प्रचलित विचारधारा के विलय के लिए ही भगवान दत्तात्रेय ने जन्म लिया था, इसीलिए उन्हें त्रिदेव का स्वरूप भी कहा जाता है। दत्तात्रेय को शैवपंथी शिव का अवतार और वैष्णवपंथी विष्णु का अंशावतार मानते हैं। दत्तात्रेय को नाथ संप्रदाय की नवनाथ परंपरा का भी अग्रज माना है। यह भी मान्यता है कि रसेश्वर संप्रदाय के प्रवर्तक भी दत्तात्रेय थे। भगवान दत्तात्रेय से वेद और तंत्र मार्ग का विलय कर एक ही संप्रदाय निर्मित किया था। दत्तात्रेय में

करोड़ों का सोना पहनकर बने गोल्डन बाबा, संत बनने से पहले कंधे पर लादकर बेचते थे कपड़े

प्रयागराज. एक ऐसे बाबा हैं जो सादगी से नहीं बल्कि सोने के आभूषणों की चमक से पहचाने जाते हैं। देश में संतों की बात की जाए तो उनका नाम अलग ही चमके के साथ लिया जाता हैं। जी हां हम गोल्डन बाबा के बारे में बात कर रहे हैं।दिल्ली के व्यवसायी के रुप में सुधीर कुमार माकड़ नाम से अपनी पहचान रखने कपड़ा व्यापारी को एकाएक अहसास होता है कि मैंने बहुत पाप किए हैं, तब मैंने साधु बनने और जरुरतमदों की मदद करने का जिम्मेदारी उठाई। बस वो दिन

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