क्रिश्चियन त्योहार 25 दिसंबर : ईश्वर के बेटे ईसा मसीह की आधी रात को धरती पर उतरने की कहानी

हर साल प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव के रुप में मसीह समुदाय द्वारा क्रिसमस का त्योहार 25 दिसंबर को मनाया जाता हैं। क्रिश्चियन समुदाय का यह सबसे बड़ा और खुशी का त्योहार होता है, यही वजह हैं कि इस दिन को बड़ा दिन के रुप में भी पहचाना जाता हैं। क्रिसमस को भले ही ईसा मसीह के जन्मोत्सव के रुप में मनाते हों, लेकिन ईसाई विद्वान इस बात पर लगभग एकजुट हैं, कि ईसा के जन्म का वास्तविक दिन यह नहीं हैं। हालांकि जब यूरोप में ईसाई धर्म पहुंचा तो

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जनता को दी ’क्रिसमस’ की बधाई

cm raman singh

रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 25 दिसम्बर को प्रभु यीशु मसीह के जन्म दिवस ‘क्रिसमस’ के अवसर पर मसीही समाज सहित आम जनता को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने ‘क्रिसमस’ की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी शुभकामना संदेश में कहा हैै कि प्रभु यीशु मसीह ने अपने प्राणों की आहुति देकर सम्पूर्ण मानव समाज को सत्य, अहिंसा, दया, करूणा और परोपकार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। डॉ. सिंह ने कहा- दुनिया के इतिहास में दो हजार साल से भी ज्यादा वक्त गुजर जाने के

छत्तीसगढ़ का यह चर्च सिर्फ एक बीम पर टिका, क्रिसमस पर्व पर दुनियाभर से लोग आते हैं कुनकुरी

Kunkuri church

(kunkuri catholic church jashpurnagar india-location facts, history and all about kunkuri catholic church jashpurnagar in hindi)कुनकुरी. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च है। क्रिसमस पर्व पर कुनकुरी में अलग ही धूम होती हैं। इसकी वजह है कुनकुरी का विशाल-खूबसूरत चर्च जो अपनी पहचान इंटरनेशनल लेवल पर हैं। खास बात यह है कि इस चर्च की पूरी बिल्डिंग एक ही बीम पर टिकी हुई है। दुनियाभर से इस चर्च को देखने के लिए लोग कुनकुरी आते हैं। बदलते समय के साथ कुनकुरी अब गांव से

ईसाई धर्म: कब्रिस्तान में इसलिए शुरु हो रही यह अजीब परंपरा

isai dharm : christian peoples problems for cremation land

कोटा. आज के आधुनिक युग में ईसाई धर्म के लिए अनोखा संकट पैदा होता नजर आ रहा है। ईसाई धर्म के लोगों के मरने के बाद कब्रिस्तान नसीब नहीं हो रहे है। इसके लिए कई लोग जीते-जी अपने लिए कब्रिस्तान की बुकिंग करवा रहे है। कब्रिस्तान के संकट का यह वाक्या धार्मिक संकट के तौर पर भी देखा जा रहा है। धार्मिक संकट इसलिए क्योंकि कब्रिस्तान का संकट होने से ईसाई धर्म के लोग धार्मिक परंपराओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि ईसाई धर्म के

माता मरियम : सच्ची श्रद्धा हो तो जरूर पूरी होती है मन्नत, पढि़ए एक सच्ची दास्तां

miraculous of mother mary in meerut

मेरठ. आजादी के बाद मेरठ शहर में बेगम समरू ने बड़ी आस्था और श्रद्धा के साथ एक साधारण-सी चर्च का निर्माण करवाया। इस चर्च में नर्ई डायस के विशप इटली से मंगवाया माता मरियम का चित्र लगवाया गया। इस मौके पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मां मरियम का यह चित्र बेहद चमत्कारी सिद्ध हुआ, हो भी क्यों नहीं, सच्ची अस्था-श्रद्धा से की गई प्राथना कभी खाली नहीं जाती है, यही बात मेरठ की इस सरधना चर्च में भी साबित हुई। धीरे-धीरे लोग माता मरियम के पास अपनी समस्याएं लेकर

मां के प्रेम की सच्ची कहानी, पढ़कर भर जाएंगी आपकी भी आंखें

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इंदौर. मां मरियम को सच्चे मन से की एक प्रार्थना से एक मासूम के दिल में जन्म से ही छेद को बगैर किसी ईलाज को ठीक हो गया। यह सच्ची घटना हैं, मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की।यहां के मुसाखेड़ी क्षेत्र में रहने वाली मरिया पति सिमोर डावर ने 28 फरवरी 2011 को एक ऐसी बेटी को जन्म दिया, जो जन्म से ही दिल की बीमारी से पीडि़त थी। नवजात बालिका के दिल में छेद था।(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});जब यह बात माता-पिता को पता लगी

ईसा मसीह ने इसलिए कहा था, हे ईश्वर इन्हें माफ कर देना!

दिल्ली. ईसा मसीह का नाम जहन में आते ही उन्हें सूली पर चढ़ाने का किस्सा हर किसी के जहन में आ जाता है। गुड फ्राइडे के दिन उन्हें सुली पर चढ़ाया गया था और उसी वक्त उन्होंने प्राण त्यागे थे। इस घटना से जुड़ी कई खास बातें आज हमारे बीच हैं।ऐसा है गुड फ्राइडे का महत्वहोली फ्राइडे, ग्रेट फ्राइडे को गुड फ्राइडे भी कहा जाता है। कई लोग इस दिन को ब्लैक फ्राइडे भी कहते हैं। लोग इस दिन को ईसा मसीह के बलिदान के दिन के रूप में भी याद करते हैं। कई लोग

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