9 विदेशी संत बन गए महामंडलेश्वर, अब दुनियाभर में हिंदू धर्म का प्रचार-प्रसार

प्रयागराज @ हिंदू धर्म को लेकर प्रयागराज कुंभ सदियों तक बेहद यादगार साबित होगा। जी हां, हर हिंदू इस काम पर गर्व करेगा। दरअसल राम मंदिर निर्माण के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने वाले निर्मोही अखाड़े ने नौ विदेशी संतों का पट्टाभिषेक किया। इसके साथ ही उन्हें महामंडलेश्वर की पदवी से सम्मानित किया। अब इन विदेशी संतों के जरिए दुनिया के कौने कौने में हिंदू धर्म के बारे में लोगों को जागरुक किया जाएगा और हिंदू धर्म से जुड़ने की शिक्षा दुनियाभर में दी जाएगी।हिन्दू धर्म के लिए बड़ी बात यह

डिस्कवरी चैनल भी हारा इसकी लंबाई के आगे, सनातन धर्म की गाथा बताने वाले भीम कुंड का अजीब है रहस्य

हर हिंदूस्तानी मानता है कि यह प्यारा देश कई प्रकार के रहस्यों से भरा हुआ है। हर समय कुछ न कुछ चीजें रहस्य से जु़ड़ी हर हिंदूस्तानी के सामने आ जाती है। यह तो हर भारतीय जानता है कि उसका यह प्यारा देश कई रहस्यों से भरा हुआ है। हर-पल कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ रहस्य से भरी बात हर किसी भारतीय के सामने आती ही रहती है।ऐसा ही एक बेहद विचित्र रहस्य है जिसके सामने अमेरिका के मशहुर डिस्कवरी चैनल ने भी हार मान ली थी, उनके साथ

कटनी का चमत्कारी मंदिर जहां हनुमान जी की कृपा से जुड़ जाती हैं हड्डियां। ज्यादा से ज्यादा शेयर करें

कटनी. संकट मोचन भगवान हनुमानजी के चमत्कार तो कई सुनने में आए है, लेकिन मध्यप्रदेश के कटनी के पास हनुमानजी के मंदिर की एक सच्ची दास्तां आपको भी चौंका देगी। जिस मर्ज का इलाज डॉक्टर नहीं कर पाते हैं, वो दर्द हनुमानजी एक घंटे में खत्म कर देते है। शरीर का कोई दर्द हो या फिर किसी टूटी हड्डी को जोडऩा हो। जी हां, मप्र के कटनी जिले की रीठी तहसील के ग्राम मोहास में चमत्कारी हनुमान जी का मंदिर है।यहां कई भक्त रोजाना अपना दर्द लेकर आते हैं और

गजब का रहस्य, 12 घंटे के हनुमान जी ने कर दिया था सूर्य का भक्षण

भगवान हनुमान जी के जन्म के तुरंत बाद की एक कथा बहुत मश्हुर हैं, जो आज भी बच्चे बच्चे को पता है, लेकिन यह विस्तार से आज हम धर्म कथाएं डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। हनुमान जी को जन्मे महज 12 घंटे ही हुए थे कि उन्हें जोर से भूख लगने लगी और वे भूख मिटाने का इंतजाम करने लगे। इसके बाद शुरु होती है बाल हनुमान के नटखट किस्से की एक अनोखी कथा, जिससे सभी देवताओं को हैरत में डाल दिया था। आईए पूरी कथा पढ़ते हैं....हनुमान जी

धर्मांतरण के बाद पछता रहे लाखों दलित परिवार, दिल दहलाने वाला भेदभाव करते हैं ईसाई

नई दिल्ली. देश के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के भोलेभाले दलितों को बहला फुसलाकर धर्मांतरण करवाने के मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई हैं। दलित से ईसाई बनने के बाद कई लोग परेशान हैं। लाखों परिवारों ने अपनी समस्या लिखित रुप से संयुक्त राष्ट्र को की गई है। संयुक्त राष्ट्र ने एक संगठन की शिकायत पर भेदभाव के मामले में जांच की प्रक्रिया की है। बताया जाता है कि शिकायत वेटिकन के खिलाफ भी है।सामाजिक भेदभाव से राहत देने के लिए लाखों परिवारों को ईसाई बनाया गया था,

बद्रीनाथ धाम के बारे में सच्ची बात, जो कुछ ही भक्तों को है पता, आप भी जानें

उत्तराखंड में पंच बदरी, पंच केदार और पंच प्रयाग हिंदू धर्म में धार्मिक दृष्टी से बड़ा ही महत्व है। बदरीनाथ मंदिर को बदरीनारायण मंदिर के नाम से भी भक्त पहचानते हैं। यह अलकनंदा नदी के तट पर उत्तराखंड राज्य में है जो भगवान विष्णु के रुप में बद्रीनाथ को समर्पित है। हिंदू धर्म में सबसे श्रेष्ठ माने जाने वाले चार धाम में से एक धाम यही हैं। इसलिए देश-दुनिया के श्रद्धालु यहां जरुर आते हैं।ऋषिकेश से यह मंदिर करीब 294 किमी उत्तर दिशा में है। हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं

आओ करें 210 साल के संत भगवान के दर्शन, भक्ति से मिली इतनी शक्ति

आधुनिक दिनों में आम इंसान की आयु हर रोज कम होती दिखती है। लेकिन किसी ने सोचा भी है कि किसी की उम्र 200 साल से भी ज्यादा हो सकती है। जी हां हमारे सामने ऐसे उदाहरण हैं, जिनके माध्यम से हम साबित कर सकते हैं कि किसी की उम्र आम लोगों से अधिक ही नहीं बल्कि दो गुना नहीं तीन गुना से भी ज्यादा हैं। तो इंतजार किस बात का दोस्तों। मिलिए 210 साल की आयु के एक ऐसे संत से जो भगवान की आराधना कर अपनी शक्ति को दिनोंदिन

सालासर धाम की सच्ची कहानी, भक्ति से प्रसन्न हनुमानजी ने प्रकट होकर पूरी की थी मनोकामना

चूरू. राजस्थान के चूरू जिले में राम के प्रिय भक्त और ज्ञानियों में अग्रगण्य हनुमानजी का सिद्ध मंदिर जो सालासर बालाजी के नाम प्रसिद्ध हैं। देश के बेहद चमत्कारिक मंदिरों में से एक सालासर बालाजी का धाम भी है, यहां देश ही नहीं दुनियाभर से भक्त हनुमानजी का आर्शीवाद और दर्शन लेने आते हैं। यहां विराजमान होने की इच्छा स्वयं बजरंगबली ने प्रकट की थी, तक करीब ढाई सौ साल पहले बालाजी के परम भक्त बाबा मोहनदास की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान बालाजी ने दर्शन दिए थे। भक्त बाबा मोहनदास

क्या पति-पत्नी का पिछले जन्मों का रिश्ता होता है ? तो जवाब अभी जानें

एक कार्यक्रम में ईशा फाउंडेशन के सदगुरु जग्गी वासुदेव गुरु से सवाल किया जिसमें पिछले जन्मों के बारे में जिज्ञासाएं शांत कर इस विषय पर प्रकाश डालने के लिए कहा। उन्होंने बेहद सरल तरीके से बताया, क्या पति-पत्नी का पिछले जन्मों का रिश्ता होता है ? इस सवाल का जवाब। जो आज हर कोई जानना और इस बात को समझना चाहता है। हमने भी इस रुचिकर विषय पर यह लेख तैयार किया ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सटिक जानकारी हम भेज सकें।कार्यक्रम में एक शिष्य ने कहा नमस्कार गुरुदेव,

Eclipse 2019 : सूर्य और चंद्र ग्रहण वाले इन दिनों में रहें सावधान, ये उपाय करें चुंबक की तरह खिंचा आएगा धन

नई दिल्ली. Solar eclipse 2019 सूर्य और चंद्रमा पर लगने वाले ग्रहण से हर बार कुछ रोमांचक जिज्ञासाएं लोगों के मन में बनी रहती हैं और जानने की जिज्ञासा बनी रहती है कि कैसा होगा, सूर्य sun grahan या चंद्रमा ग्रहण chandra grahan के दौरान कैसे दिखेंगे। हम पर कैसा असर होगा। यह बहुत लोगों को जानने का मन करता है। सूर्य ग्रहण हो तो इसके प्रति रोमांच-कौतूहल और बढ़ जाता है। यह इसलिए भी कि उजाले में होता है और दिन में होने से लोगों को देखने का रोमांच देखा

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