जय श्री गणेश जी : आज बुधवार का पंचांग सूर्यसिद्धान्तीय दिनांक 19 सितम्बर 2018 सूर्य पंचांग

जय श्रीराधेकृष्ण

-सूर्यसिद्धान्तीय
-(सूर्य पंचांग रायपुरॅ)

-दिनांक 19 सितम्बर 2018
-दिन बुधवार
-सूर्योदय 05:37:18
-सूर्यास्त 05:43:22
-दक्षिणायन
-संवत् 2075
-शक् 1940
-ॠतु निरयन- वर्षा
-ऋतु सायन- शरद
-भाद्रपद मास
-शुक्ल पक्ष
-दशवीं तिथि
22:33:20 परं एकादशी तिथि
-पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र 11:59:40 परं उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
-शोभन योग 27:32:29परं
– अतिगंड योग
-प्रथम तैतिल करण 09:55
-द्वितिय गर करण 42:20
-राहुकाल-
12:01 / 13:31अशुभ
-अभिजीत 11:49 / 12 :38❎ अशुभ
-सूर्य- कन्या राशि
-चन्द्र- धनु राशि 06:36:57 परं मकर राशि

डाॅ गीता शर्मा, ज्योतिष मनीषी, कांकेर छत्तीसगढ।
(7974032722)

-दशावतारः 10 व्रतं
-श्री भागवद् सप्ताह प्रारम्भः
-रवियोगः (अहोरात्र)
-अमृतयोगः 22:33 या
-मृत्युबाण 23:02 या
-पूर्वाषाढ़ा में- शिल्पारंभः मुहूर्त।

-भाद्रपदमास
-दधिभाद्रपदे त्यजेत्
-सुगंध दशवीं (जैन)
-अनंत व्रत (जैन) -दिनांक 19 से 23 तक

-धर्माचरण ही सच्चा मित्र➖
“वाताभ्रविभ्रमिदं वसुधाधिपत्यं,
आपातमात्रमधुरा विषयोपभोगाः।
प्राणास्तृणाग्रजलविन्दुसमा नराणां;
धर्मः सदा सुह्रदहो न विरोधनीयः।।”

अर्थात्-

इस सम्पूर्ण पृथ्वी का आधिपत्य हवा में उड़ने वाले बादल के समान (क्षणभंगुर) है, यह धन-सम्पदा, पद्-प्रतिष्ठा सदा बनी रहे ही रहेगी-
ऐसा समझना केवल भ्रान्तिमात्र है।इन्द्रियों के विषय-भोग केवल आरम्भ में ही अर्थात् केवल भोगकाल में ही मधुर लगते हैं, उनका अन्त अत्यन्त दुःखदायी है।प्राण तिनके के नोक पर अटके हैं हुये जल की बूंद के समान हैं, किस क्षण निकल जायें; कोई भरोसा नहीं।एकमात्र धर्माचरण-सत्कर्मानुष्ठान ही ऐसा है, जो मनुष्यों का सनातन एवं सच्चा मित्र है, अतः उसका कभी विरोध ( तिरस्कार) नहीं करना चाहिये, अपितु अत्यन्त प्रयत्नपूर्वक दानधर्मादि सत्कर्मानुष्ठान के अनुपालन में सतत संलग्न रहना चाहिये।

निज चिन्तन➖

“”जीत “किसके” लिये—-?
हार “किसके” लिये—-?
“जिन्दगी” भर तकरार “किसके” लिये—–?
जो भी “आया” वो “जायेगा” “एक” दिन—–;
फिर इतना “अहंकार” “किसके” लिये—-?

-चलते रहिये-

श्रीकृष्णं शरणं ममः

डाॅ गीता शर्मा
माँ गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केन्द्र, कांकेर,छत्तीसगढ

(7974032722)

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