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Bel Patra Importance : बेलपत्र के चमत्कारी टोटकों से मिलेगी सफलता, खुलेंगे किस्मत के द्वार

महाशिवरात्री का पर्व अब बेहद नजदीक है. (Bel Patra Importance ) इस साल 11 मार्च को 2020 को महाशिवरात्री का पर्व मनाया जाएगा. हिंदु धर्म में इस पर्व की बड़ी मान्यता है. शिवरात्री का पर्व धूमधाम से देशभर में मनाया जाता है भक्त इस दिन की बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं और कई दिन पहले से इसकी तैयारियों में जुट जाते हैं. फाल्गुन माह की कृष्ण चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्री का त्यौहार मनाया जाता है. हिंदु धर्म ग्रंथों के अनुसार मान्यता है कि शिवरात्री के दिन ही भगवान शिव का विवाह पार्वती के साथ हुआ था. (Bel Patra Importance ) इस दिन विधि विधान से भगवान शिव की पूजा आराधना करने से व्यक्ति को सभी सांसारिक सुख प्राप्त हो जाते हैं. कई जगहों पर भगवान शिव की इस दिन बारात भी निकाली जाती है. भगवान शिव सभी देवी-देवताओं में सबसे सरलता से और शीघ्र प्रसन्न होने वाले भगवान हैं, जो कि एक लोटे जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन यदि शिवजी को चढ़ने वाले फूलों या पूजा सामग्रियों की बात करें तो शिवजी को बेलपत्र बहुत प्रिय हैं. एक बेलपत्र चढ़ाने मात्र से शिवजी प्रसन्न हो जाते हैं.

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भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह से जतन करते हैं, प्रसन्न करने के लिए कई तरह से पूजा करते हैं. लेकिन शिव जी को यदि आप सिर्फ बेलपत्र और एक लोटा जल सच्ची श्रद्धा से अर्पित करेंगे तो शिवजी प्रसन्न हो जाएंगे. जो लोग शिवजी को बेलपत्र अर्पित करते हैं उन्हें शिवजी की असीम अनुकंपा प्राप्त होती है. ऐसा कहा जाता है कि जितने भी तीर्थ हैं वो बेलपत्र के मूल में निवास करते हैं. बेलपत्र को धरती में पवित्र माना गया है कहते हैं कि जो लोग बेलपत्र की जड़ के जल से अपने मस्तिष्क को सींचते हैं उन्हें सभी तीर्थों में स्नान का पुण्य मिलता है. भगवान शिव बेलपत्र चढ़ाने से अतिशीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं बेलपत्र को भगवान शिव के तीन नेत्र माना गया है. कहते हैं कि जो भक्त भगवान शिव की गंध, पुष्प और बेलपत्र से आराधना करता है उसे शिवलोक की प्राप्ति होती है. संसार में ऐसे लोगों को किसी वस्तु की कमी नहीं होती, जो लोग बेलपत्र की जड़ में दिया जलाते हैं उन्हें सभी सुखों की प्राप्ति हो जाती है. जो लोग बेलपत्र की जड़ को पास रख कर लोगों को भोजन कराते हैं उन्हें करोड़ों पुण्य के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है, बेलपत्र की जड़ से शिवभक्तों को जो कोई भी खीर और घृत से युक्त अन्न देता है उसके पास कभी दरिद्रता नहीं रहती. शिवजी की पूजा में बेलपत्र का अत्याधिक महत्व है, बेलपत्र के पत्तों ही नहीं बल्कि इसकी जड़ भी कई चमत्कारों से भरी है. बेलपत्र की जड़ का प्रयोग पूजा के साथ ही साथ औषधि के रूप में भी किया जाता है.

king of ujjain
उज्जैन के राजा

बेलपत्र के जड़ की कुछ विशेषताएं हम इस प्रकार हैं.

1  बिल्वपत्र के वृक्ष को श्रीवृक्ष के नाम से भी जाना जाता है, जिसकी जड़ को पूजनीय माना गया है. कहते हैं बेलपत्र की जड़ में मां लक्ष्मी का साक्षात वास होता है.

2  जो व्यक्ति बेलपत्र की जड़ के पास किसी शिवभक्त को घी, अन्न, खीर या किसी मिष्ठान का दान करता हैं उसे कभी दरिद्रता परेशान नहीं करती, उस व्यक्ति को कभी धन की कमी नहीं होती.

3 जो लोग बेलपत्र की जड़ की पूजा करते हैं उन्हें पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.

4  संतान सुख की प्राप्ति के लिए फूल, धतूरा, गंध और स्वयं बिल्वपत्र चढ़ाकर इस वृक्ष के जड़ का पूजन किया जाता है. इससे सभी सुखों की प्राप्ति होती है.

5  बेलपत्र की जड़ के जल को माथे पर लगाने से व्यक्ति के समस्त तीर्थों का पुण्य मिलता है.

6  बेलपत्र की जड़ को पानी में घिसकर या उबालकर औषधि‍ के रूप में प्रयोग किया जाता है. कष्टकारी रोगों में भी यह अमृत के समान लाभकारी होती है।

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