"क्या आप जानते हैं कि एक छोटे बालक की भक्ति ने भगवान को प्रकट होने पर मजबूर कर दिया?"

हिरण्यकश्यप एक शक्तिशाली राक्षस था जो खुद को ईश्वर मानता था

प्रह्लाद, हिरण्यकश्यप का पुत्र था, लेकिन उसने अपने पिता की बात नहीं मानी।

प्रह्लाद के लिए भगवान विष्णु ही सर्वोपरि थें। वो दिन रात इनकी पूजा में लगे रहते थें

हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के कई प्रयास किए, लेकिन हर बार भगवान ने प्रह्लाद की रक्षा की।

ये सब देख भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतार लिया और प्रकट हो गएं।

भगवान नरसिंह ने हिरण्यकश्यप का अंत किया जो यह दर्शाता है कि धर्म की रक्षा के लिए ईश्वर हमेशा आते हैं।