मां के प्रेम की सच्ची कहानी, पढ़कर भर जाएंगी आपकी भी आंखें

true story of mother mary miracles

इंदौर. मां मरियम को सच्चे मन से की एक प्रार्थना से एक मासूम के दिल में जन्म से ही छेद को बगैर किसी ईलाज को ठीक हो गया। यह सच्ची घटना हैं, मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की।

यहां के मुसाखेड़ी क्षेत्र में रहने वाली मरिया पति सिमोर डावर ने 28 फरवरी 2011 को एक ऐसी बेटी को जन्म दिया, जो जन्म से ही दिल की बीमारी से पीडि़त थी। नवजात बालिका के दिल में छेद था।



जब यह बात माता-पिता को पता लगी तो वे भी डॉक्टरों से मिन्नत करने लगे कि साहब हमारे पास पैसे भी नहीं है और हमारी बेटी को बचाना हमारे जीवन का उद्देश्य है। मासूम नवजात की मां ने मदर मैरी से प्रार्र्थना कर कहा कि मेरी बेटी को बचा लो। क्रिश्चियन समुदाय का तीर्थ मां मरियम का गिरजा है। यह तमिलनाडू के वेलांकनी शहर में है। मासूम की मां सिमोर को पता था, कि यहां प्रार्थना करने से कोई खाली हाथ नहीं लौटता है।

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सिमोर ने भी इंदौर स्थित रेड चर्च में अपनी समस्या बताकर प्रार्थना की और जब 5 साल बाद 15 अगस्त 2016 को नवजात बच्ची को ऑपरेशन का समय आया। तब जांच के लिए अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उन्हें बताया कि आपकी बेटी स्वस्थ है। वे मदर मैरी को धन्यवाद दे रहे थे और उनकी आंखों में खुशी के आंसू भी आ रहे है।

और आ गए खुशी के आंसू
मदर मैरी की यह सच्ची घटना जिस किसी ने भी सुनी और देखी। सभी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। इंदौर के वत्सल कहते हैं कि ईश्वर सभी जगह है। सिर्फ सच्चे मन से प्रार्थना की जाना चाहिए। ऐसी प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती है। ऐसा कई मामलों में साबित भी हो चुका है।  जिस बच्चे के दिल में छेद था, वह आज बिलकुल स्वस्थ है। वह आम बच्चों की तरह स्कूल जा रहा है। समय-समय पर वह अपने माता-पिता के साथ चर्च में प्रार्थना करने भी पहुंचता है।

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