शुक्रवार का राशिफल: इस राशि वालों को आज मिलेगा प्यार

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वैदिक ज्योतिष की रहस्यमयी दुनिया में हम आपकों रूबरू कराने जा रहे है 12 राशियों के भविष्यफल से। भविष्य और वर्तमान के बारे में आपको बताएंगे जिंदगी संवारने के तरीके। आइए जानते हैं सिलसिलेवार तरीके से सभी राशियों के बारे में क्या कहती हैं ग्रहों की चाल-

आज का राशिफल

राशि फलादेश मेष
झंझटों में न पड़ें। चोरी, विवाद व दुर्घटना आदि से हानि संभव है। जल्दबाजी न करें। जोखिम न लें।

राशि फलादेश वृष
विवाह का प्रस्ताव मिल सकता है। राजकीय सहयोग मिलेगा। जल्दबाजी न करें। निवेश शुभ रहेगा।

राशि फलादेश मिथुन
स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। यात्रा, नौकरी व निवेश आदि मनोनुकूल रहेंगे। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति होगी।

राशि फलादेश कर्क
राजकीय बाधा झेलना पड़ सकती है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। मनपसंद भोजन मिलेगा। लाभ होगा |

राशि फलादेश सिंह
शोक समाचार मिल सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। दौड़धूप अधिक होगी। लाभ के अवसर टलेंगे।

राशि फलादेश कन्या
रुके कार्य पूर्ण होंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। उन्नति होगी।

राशि फलादेश तुला
शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। शुभ समाचार मिलेंगे। बुद्धि का प्रयोग करें। जल्दबाजी न करें। धनार्जन होगा।

राशि फलादेश वृश्चिक
रोजी-रोजगार में वृद्धि होगी। भेंट व उपहार मिलेंगे। कुसंगति से बचें। प्रसन्नता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।

राशि फलादेश धनु
व्ययवृद्धि होगी। कर्ज लेना पड़ सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। लेन-देन में सावधानी रखें। हानि होगी।

राशि फलादेश मकर
रोजगार प्राप्ति होगी। डूबी हुई रकम मिल सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। धनार्जन होगा।

राशि फलादेश कुंभ
कार्यप्रणाली में परिवर्तन होगा तथा योजना बनेगी। घर-बाहर प्रशंसा होगी। धनलाभ होगा। जोखिम न लें।

राशि फलादेश मीन
तीर्थदर्शन संभव है। सत्संग का लाभ मिलेगा। कानूनी सहयोग मिलेगा। धन प्राप्ति सुगमता से होगी।

आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।

शुभम भवतु

💮 *आज का मंत्र* :-
।। ॐ महादेव्ये नम: ।।

संस्कृत सुभाषितानि
*अष्टावक्र गीता – सप्तदश अध्याय 😗
यस्तु भोगेषु भुक्तेषु
न भवत्यधिवासिता।
अभुक्तेषु निराकांक्षी
तदृशो भवदुर्लभः॥१७- ४॥
अर्थात —
जिसकी प्राप्त हो चुके भोगों में आसक्ति नहीं है और न प्राप्त हुए भोगों की इच्छा नहीं है, ऐसा व्यक्ति इस संसार में दुर्लभ है॥४॥

आरोग्यं
हकलाना [Stammering ]

हकलाकर या अटक -अटक कर बोलना , दोनों का मतलब एक ही है – वाक् शक्ति में गड़बड़ी , जिसमे बोलनेवाला , बोलते-बोलते रुक जाता है , बोले हुए शब्दों को दोहराता है या लम्बा कर के बोलता है |

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हकलाहट के आयुर्वेदिक उपचार

१-हकलाहट दूर करने के लिए १० बादाम तथा १० काली मिर्च थोड़ी सी मिश्री के साथ पीसकर प्रातःकाल एक गिलास गर्म दूध के साथ लें ,यह प्रयोग कम से कम दस दिन करें |
२- गाय का घी हकलाहट दूर करने का एक उत्तम उपचार मन जाता है | ३-६ ग्राम घी में प्रतिदिन मिश्री मिलकर सुबह-शाम चाटें और ऊपर से गाय का दूध पियें | लगातार कुछ महीनों तक इसका सेवन करने से हकलाना बंद हो जाता है |
३- बच्चों को एक ताज़ा आंवला प्रतिदिन चबाने के लिए दें | इससे उनकी जीभ पतली और आवाज़ साफ होती है तथा उनका हकलाना और तुतलाना दूर हो जाता है |
४- रात को १० बादाम पानी में भिगो दें | सुबह उनके छिलके उतार कर पीस लें , और उन्हें ३० ग्राम मक्खन के साथ सेवन करने से भी हकलाहट में लाभ होता है |

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