सोमवार के इस उपवास से शिव-पार्वती देते हैं वरदान!

somvar ki vrat katha

भगवान का पूजन-अर्चना के लिए कोई जगह, समय या दिन निश्चित नहीं है, ऐसा माना जाता है। लेकिन हिंदू धर्म की प्रथाओं के मुताबिक सोमवार का दिन भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष दिन माना गया है।

इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से शिव-पार्वती प्रसन्न होते हैं। भगवान भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं। सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने वालों को कभी निराश नहीं होना पड़ता हैं। सोमवार को भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजन करनी चाहिए। इस दिन एक समय ही भोजन करना चाहिए। व्रत के साथ सोमवार व्रत की कथा को सुनना चाहिए, इससे चमत्कारी फल प्राप्त होता है।

व्रत के दौरान यह भी अपनाएं (somvar vrat niyam)

-ब्रह्मा मुहूर्त में उठकर पूरे घर की सफाई स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
-पवित्र जल या गंगा जल का छिड़काव करें।
-घर में पवित्र जगह पर भगवान शिव की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें और पूजन शुरू करें।



-भगवान शिव के मंत्र ऊं नम: शिवाय: का जाप करें।
-जाप करने के बाद व्रत कथा सुने।
-इसके बाद आरती कर प्रसाद बांटें।
-फिर भोजन या फलाहार करें।
-सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव व देवी पार्वती की अनुकंपा बनेगी।
-आपकी जिंदगी वैभव से भर जाएगी।

सोमवार के व्रत की विधि (somvar vrat vidhi in hindi)

भगवान शिव का व्रत के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करके भगवान शिव की अर्चना करें। बेल पत्र चढ़ाएं। नारद पुराण के अनुसार शिवजी का व्रत करने के लिए शिव-पार्वती की पूजा करनी चाहिए।



पूजन के बाद व्रत कथा सुननी चाहिए। इसके बाद सामान्य तौर पर सोमवार के दिन तीसरे पहर तक यानी शाम तक व्रत किया जाता है। सोमवार के उपवास तीन प्रकार के होते हैं, जबकि इनकी विधि एक ही होती हैं। सोमवार का उपवास, सौम्य प्रदोष व्रत, सोलह सोमवार का व्रत।

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