शिर्डी वाले साईं बाबा के यह है ११ वचन, अमल करें होंगे चौंकाने वाले चमत्कार!

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शिर्डी. सांई बाबा के चमत्कार की कई कथाएं प्रचलित हैं। लेकिन आज भी भक्तों के बीच मतभेद हैं, कि शिर्डी वाले सांई बाबा हिंदू थे या मुसलमान थे। लेकिन यह सच है कि वे एक फकीर जरुर थे। बाबा का व्यवहार कभी भी धर्म के आधार पर नहीं देखा गया। उन्होंने हमेशा न्याय और इंसानियत की शिक्षाएं दी जो आज भी हमारे जीवन में महत्वपूर्ण सीख के रुप में हम शामिल कर सकते हैं। सांई बाबा की कुछ शिक्षाओं पर आज हम नजर डालते हैं।



बाबा की बातों मेंं अनोखी सीख हैं, जो भक्तों को समृद्ध बनाती हैं। सांई बाबा का महाराष्ट्र के शिर्डी में भव्य मंदिर हैं। शिर्डी में सांई बाबा कहां से आए आज तक यह बात रहस्य ही हैं।

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सांई बाबा के जन्म के बारे में किसी को सही नहीं पता, इसलिए उन्हें अवतार कहते हैं। आज भी हर धर्म के लोग सांई बाबा के भक्त हैं। गुरुवार के दिन सांई बाबा की विशेष पूजा और व्रत होता है। चमत्कारी पुरुष, भगवान और गुरु के रुप में सांई बाबा की पूजा की जाती है। गुुरु के रुप में सांई बाबा की आराधना सबसे उत्तम मानी जाती है। सांई बाबा के 11 वचन उनके भक्तों के लिए उनका दर्शन हैं। इन वचनों में जीवन की हर समस्या का हल छिपा है।

सांई बाबा हिंदू थे या मुसलमान?
सांई बाबा हिंदू थे या मुसलमान। ईश्वर के दूत थे या स्वयं भगवान या थे आम इंसान ऐसे कई सवाल है, जिनका जवाब कहीं नहीं आपको मिलेगा सांई बाबा के भक्तों के पास, जिनके लिए सांई ही सब कुछ है और उनका सबकुछ सांई बाबा का है। सांई बाबा ने कोई विशेष पूजन दर्शन नहीं दिया, बल्कि एक ही बात पर जोर दिया ईश्वर एक है। सांई अपने भक्तों को श्रद्धा-सबूरी का संदेश देते हैं।



यह है सांई बाबा के 11 वचन
-जो शिरडी में आएगा, आपद दूर भगाएगा।
-चढ़े समधि की सीढ़ी पर, पैर तले दुख की पीढ़ी पर।
-त्याग शरीर चला जाऊंगा भक्त हेतु दौड़ा चलाा आऊंगा।
-मन में रखना दृढ़ विश्वास, करे समाधि पूरी आस।
-मुझे सदा जीवित ही जानो, अनुभव करो सत्य पहचानो।
-मेरी शरण आ खाली जाए, हो तो कोई मुझे बताए।
-जैसा भाव रहा जिस जन का, वैसा रुप हुआ मेरे मन का।
-भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न मेरा झूठा होगा।
-आ सहायता लो भरपूर, जो मांगा वो नहीं है दूर।
-मुझमें लीन वचन मन, काया, उसका ऋण न कभी चुकाया।
-धन्य धन्य वह भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्य।

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यह करें बरसेगी बाबा की कृपा
किसी भी गुरुवार को इन 11 वचनों को पीले कागज पर लाल कलम से लिख लें। पूजन स्थल, विश्राम गृह और कार्यस्थल की जगह लगा दें। पूजन के पहले, विश्राम से पहले, विश्राम के बाद इन वचनों का वाचन करें और मन में उतारें। सांई बाबा का स्मरण करें। सांई बाबा की कृपा आप पर चमत्कारिक तरीके से बरसेगी।

 

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