पूर्वजों ने बताई ये सटिक भविष्यवाणियां, क्या आप जानते हैं

हमारे पुरखों द्वारा बताए गए कुछ घरेलू नुस्खे आज के अत्याधुनिक युग में भी बेहद सटिक साबित होते हैं। हमारे पुर्वजों की बताई ये सटिक भविष्यवाणियां आज भी पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित हो रही हैं। हालांकि इनके बारें में इतिहास में कोई उल्लेख नहीं हैं, मगर आज भी सही साबित होती हैं। यह संकलन हमें परंपरागत रुप से प्राप्त होता हैं।
-सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीकर दोनों हाथों को देखें तो वह व्यक्ति कभी बीमार नहीं पड़ता है।
-किसी वृक्ष पर बगुला बैठा हुआ हो तो उस वृक्ष का विनाश होना तय है।
-सात दांत वाले बैल अपने मालिक को खा लेता है, वहीं नौ दांत वाला बैल मालिक सहित परिवार को भी खा जाता है।
-चींटी का जमा किया हुआ दाना अगर तीतर खा जाता है तो यह घोर अप शकुन माना जाता है।



-माघ में बादलों का रंग लाल दिखे तो ओला वृष्टि होती हैं।
-होली, लोहड़ी और दीपावली जिस साल में शनिवार, रविवार या मंगलवार को पड़े तो मान लो देश में भारी बीमारी लगने वाली हैं।
-अगर गिरगिट नीचे की ओर मुंह करके उल्टे चलकर पेड़ पर चढ़े तो वर्षा से धरती डूब जाएगी।
-चैत्र माह में गु़ड़, वैशाख में तेल, जेष्ठ माह में रास्ता चलना, आषाढ़ में बिल्व (बेलफल) , सावन में साग , भादौ में दही, अस्सू में दूध कार्तिक माह में मट्ठा, अगहन माह में जीरा, पौष माह में धनिया, माघ में मिश्री, फागुन में चना चबाना नुकसानदेह होता हैं।

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