सोमवती अमावस्या: पांडव जीवनभर तरसे इस महासंयोग के लिए, आज इस 1 मंत्र का जाप करें होगी धन वर्षा

somvati amavasya 2017 date in hindi

साल में एक बार सोमवार को पडऩे वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। इस साल आज यानी 15 अप्रैल सुबह 8.37 से 16 अप्रैल 07.27 बजे तक अमवस्या है। इस दिन के महासंयोग के लिए पांडव जीवनभर तरसे थे। आज के दिन कुछ जरूरी उपाय कर लेने से पुण्य प्राप्त किया जा सकता हैं।
ग्रंथों में बताया गया हैं कि सोमवार को अमावस्या बड़े भाग्य से आती हैं। पांडव पूरे जीवन तरसते रहे थे, लेकिन सोमवार को सोमवती अमावस्या नहीं आई थी। आज के दिन नदियों तीर्थों में स्नान, गोदान, अन्न दान, ब्राम्हण भोजन, वस्त्र दान का बेहद लाभ मिलता हैं।

यह जरुरी उपाय जरुर करें

-आज के दिन तुलसी की 108 बार परिक्रमा करने से धन लाभ होता है।
-श्री हरि के नाम या श्री हरि के मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।’ या किसी भी मंत्र का जाप करने से घर में बरकत आती है, कर्ज उतरता है, गरीबी कोसों दूर रहती हैं।



-इस दिन पीपल के वृक्ष को शाम के समय दिपक लगाएं।
-भगवान शंकर के मंदिर जाएं, सुबह या शाम कभी भी जा सकते हैं।

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सोमवती अमावस्या कथा (somvati amavasya vrat katha in hindi)

एक ब्राह्मण परिवार अपनी बेटी के विवाह के लिए परेशान था। बेटी बेहद सुंदर, सुशील होने के बाद भी विवाह के योग नहीं बन रहे थे। एक दिन घर में साधू संत आए। युवती की सेवा से प्रसन्न होकर उसे दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया, पता चला कि उसका विवाह नहीं हुआ तो संत ने युवती की कुंडली में देखा कि विवाह के योग ही नहीं हैं।

यह जानकर सब चौंक गए। पिता ने उपाय पूछा। संत ने युवती को पड़ौस गांव की एक धोबिन पतिव्रता औरत के पास सेवा के लिए भेजा और कहा कि वह अपनी मांग का सिंदूर इस पर लगाएगी, तो जीवन धन्य हो जाएगा। धोबिन अपने बेटे-बहू के साथ रहती थी, ब्र्राह्मण की बेटी सुबह जल्दी जाकर उसके घर के सारे काम कर आती थी, दो-तीन दिन तक यही हुआ। धोबिन समझी कि बहू इतनी जल्दी उठ रही और फिर सो जाती हैं। उसने पूछा तो पता चला कि वह यह काम नहीं कर रही। अगले दिन धोबिन से छिपकर देखा तो ब्राह्मण की बेटी का पता लगा।



धोबिन से बात की तो उसे बताया कि यह समस्या है, जिसका उपाय यहां करने आई हूं। धोबिन ने प्रसन्न होकर अपनी मांग क सिंदूर लगा दिया, लेकिन ऐसा करते ही धोबिन के पति ने प्राण त्याग दिए। यह सोमवती अमावस्या का ही दिन था। धोबिन उसी समय दौडक़र पीपल की 108 बार परिक्रमा करना शुर किया, ऐसा करते ही धोबिन के पति में जान आ गई। इसके बाद से विवाहिता के जीवन में इस व्रत और कथा का विशेष महत्व हो गया। सभी महिलाएं इस दिन व्रत करके पति की लम्बी आयु की कामना करती हैं।

सोमवती अमावस्या के उपाय (somvati amavasya ke upay in hindi)

सोमवती अमावस्‍या को पितृ दोष दूर करने के लिए उपाय हेतु विशेष दिन कहा गया है। विभिन्‍न मतों के अनुसार, भिन्‍न-भिन्‍न उपाय प्रचलित हैं। जो इस प्रकार हैं:

– पितृ दोष को शांत करने के लिए सोमवती अमावस्‍या से इतर प्रत्‍येक शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करें।

– सोमवती अमावस्‍या के दिन एक ब्राह्मण को दक्षिणा और भोजन कराना प्रभावी उपाय है।

– सोमवती अमावस्‍या के दिन खीर को दक्षिण दिशा में पिता की फोटो के सामने कंडे की धूनी लगाकर अर्पित करने से लाभ होता है।

– सोमवती अमावस्‍या की सुबह पीपल के पेड़ के पास जाकर उसे एक जनेऊ दीजिए और एक जनेऊ भगवान विष्‍णु के नाम पर उसे अर्पित कीजिए। पीपल और भगवान विष्‍णु की प्रार्थना करते हुए 108 बार पीपल की परिक्रमा करें और एक मिठाई पीपल को अर्पित कीजिए। परिक्रमा करते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।’ का जप करते रहें।

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