श्मशान से घिरा है यह चमत्कारिक मंदिर, भगवान श्रीकृष्ण ने की थी मां की स्थापना!

nalkheda baglamukhi temple

नलखेड़ा. मप्र के नलखेड़़ा में लखुंदर नदी के तट पर द्वापर काल से प्रसिद्ध चमत्कारिक मां बगलामुखी मंदिर तांत्रिक क्रियाओं के लिए आज भी विश्वप्रसिद्ध हैं। यहां भगवान कृष्ण की प्रेरणा से पांडवों ने महाभारत के युद्ध में जीत के लिए तंत्र साधना की थी। इस मंदिर में दस पीढिय़ों से पुजारी तंत्र साधना करवाते आए हैं। मंदिर में देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी हर क्षेत्र में जीत प्राप्ति के लिए तंत्र साधना करने के लिए आते हैं। यहां विशेष प्रकार के यज्ञ, हवन या पूजा-पाठ किए जाते हैं। मंदिर श्मशान क्षेत्र में स्थित हैं।



मां बगलामुखी मूलत: तंत्र की देवी हैं, इसलिए यहां दूर-दूर से श्रद्धालु तंत्र साधना करवाने आते हैं। देश के नामी नेताओं ने यहां तंत्र साधना से सफलता प्राप्त की है।

ऐसा है मां का स्वरुप

मां बगलामुखी को महारुद्र (मृत्युंजय शिव)की मूल शक्ति के रुप में माना जाता हैं। मां के भाल पर तीसरा नेत्र व मणी हैं। भगवती बगला अष्टमी विद्या हैं। आराधना श्री काली, तारा और षोडशी का ही पूर्व क्रम माना जाता हैं। सिद्ध-विद्या-त्रयी में पहला स्थान हैं।

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स्वयंभू है मां बगलामुखी

आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित इस मंदिर में देशभर से तांत्रिक तंत्र साधना के लिए आते है। इस मंदिर में मां बगलामुखी के साथ कृष्ण, हनुमान, भैरव, लक्ष्मी और मां सरस्वती के दर्शन भी कर सकते है। इस मंदिर की स्थापना महाभारत में जीत के लिए श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से करवाई थी,



तब स्वयंभू मां बगलामुखी की प्रतिमा प्रकट हुई थी। यह देश का पहला ऐसा मंदिर है, जिसके परिसर में बिल्वपत्र, पीपल, आंवला, सफेद आंकड़ा, चंपा, नीम के पेड़ एकसाथ है। बड़ी बात यह है कि मंदिर के आसपास शमशान है।

कई दिग्गज करवा चुके हैं तंत्र साधना

तीन मुखों वाली मां बगलामुखी के मंदिर में कई दिग्गज तंत्र साधना करवा चुके हैं। यहां नेता से लेकर अभिनेता, आम से लेकर खास व्यक्ति मन्नत मांग चुका है, यहां मांगी गई मन्नत खाली नहीं जाती है।

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स्मृति इरानी, उमा भारती, उत्तराखंड की महारानी टेहरी गढ़वाल, सांसद मालाराज्य लक्ष्मी शाह, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, अमर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अर्जुन सिंह सहित कईयों ने यहां तंत्र साधना करवाई है और वह सफल भी हुई।



ऐसे जाएं:-
वायु मार्ग: नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर स्थल के सबसे निकटतम इंदौर का एयरपोर्ट है।
रेलमार्ग: ट्रेन द्वारा इंदौर से 30 किमी पर स्थित देवास या लगभग 60 किमी पर मक्सी पहुंचकर भी शाजापुर जिले के गांव नलखेड़ा पहुंच सकते हैं।

 

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