संकटमोचन भगवान हनुमान कलयुग में भी हल करते भक्तों की समस्या

shri hanuman ji ki aarti or chalisa

भगवान हनुमान जी का नाम लेने मात्र से भक्तों के दुख दूर हो जाते हैं। आज के कलयुग में भी रामभक्त हनुमान को जीवित-अमरता का वर प्राप्त है।

वे आज भी भक्तों का समस्या पल भर में हल करते हैं। आइए हम आपको हनुमान जी का चालीसा-आरती बताते हैं। इनका पाठ करने से आपकी हर समस्या हल हो जाएगी…।



इस समय हनुमान चालीसा का पाठ करने से मिलता है पूरा फल
हनुमानजी की भक्ति सबसे सरल और जल्द ही फल प्रदान करने वाली मानी गई है। इनकी भक्ति हमें कई आपदाओं से बचाती है, वहीं यह ग्रह-नक्षत्रों के बुरे प्रभाव से भी बचाती है। हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा उपाय है हनुमान चालीसा का पाठ।

 

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कहा जाता है कि रात को हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी व्यक्ति के कई दोष दूर होते हैं। इससे शनि के साढ़े साति में हो रहे कई नकारात्मक प्रभावों से भी छुटकारा मिलता है।
हनुमान चालीसा का पाठ सुबह नहा-धोकर मंगलवार या शनिवार के दिन किया जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ बेहद प्रभावशाली है। इसके पाठ से अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि तो आती ही है साथ ही कई नकारात्मक चीजों का भी प्रभाव कम होता है।
हनुमान चालीसा का पाठ करने का सबसे उत्तम समय सुबह और रात के समय है। ज्योतिषियों की मानें तो रात को आठ बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के साढ़े साती में भी राहत मिलती है।

हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्टदलन रघुनाथ कला की ।।
जाके बल से गिरिवर काँपै । रोग-दोष जाके निकट न झाँपै ।।
अंजनि पुत्र महा बलदाई ।
संतन के प्रभु सदा सहाई ।।
आरती कीजै हनुमान…..
दे बीरा रघुनाथ पठाये ।
लंका जारि सीय सुधि लाये ।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई ।
जात पवनसुत बार न लाई ।।
आरती कीजै हनुमान…..
लंका जारि असुर सँहारे ।



सियारामजी के काज सँवारे ।।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे ।
आनि सजीवन प्रान उबारे ।।
आरती कीजै हनुमान…..
पैठि पताल तोरि जम-कारे ।
अहिरावन की भुजा उखारे ।।
बायें भुजा असुर दल मारे ।
दहिने भुजा संतजन तारे ।।
आरती कीजै हनुमान…..
सुर नर मुनि आरती उतारे।
जै जै जै हनुमान उचारे ।।
कंचन थार कपूर लौ छाई ।
आरति करत अंजना माई ।।
आरती कीजै हनुमान…..
जो हनुमान जी की आरती गावै ।
बसि बैकुण्ठ परमपद पावै ।।
लंक विध्वंस किए रघुराई ।
तुलसिदास प्रभु कीरति गाई ।।
आरती कीजै हनुमान लला की…..

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