किसी ने कुछ तो किया होगा, तभी तो मां फलोदी का आशीर्वाद मिला और मेला सफल रहा

phalodi mata mandir khairabad dham medatwal samaj kuldevi

खैराबादधाम. रामगंजमंडी के समीप खैराबादधाम तीर्थस्थल पर मां फलोदी का चमत्कारिक मंदिर हैं। मां फलोदी अखिल भारतीय मेड़तवाल (वैश्य) समाज की आराध्य देवी (कुलदेवी) हैं। मां की विशेष आराधना के लिए हर 12 साल में एक बार समाज के लोग इस पौराणिक सिद्धपीठ पर आते हैं और सात दिन तक यहीं मेले के रुप में रहते हैं।
इस बार मेला 28 जनवरी 2017 से 4 फरवरी 2017 तक आयोजित किया गया था, जिसमें समाज के सभी जिम्मेदार समाजजनों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार सहयोग किया। लेकिन आज जो समाज में कुछ ऐसी बातें हो रहीं हैं, जो मेले को सफल बनने के उद्देश्य से अपना तन, मन, धन पूरी श्रद्धा से दिन-रात लगे रहे थे, (कुछ ने तो अपनी नौकरी छोडक़र सेवा का अलग ही उदाहरण पेश किया था) आज यह बातें उनके मन को तकलीफ दे रही हैं।




दरअसल मेले में किसी ने कुछ तो किया होगा तभी तो माता फलोदी का आशीर्वाद मिला और मेला सफल रहा। मां फलोदी के नाम को हम पूजा स्थल पर रखते हैं फिर कोर्ट-थाने क्यों लिखा गया मां का नाम…? यह सवाल हर किसी के मन को कचोट रहा हैं। समाज के बुजूर्ग लोग बताते हैं, कि जिन्होंने माताजी के नाम पर जब भी गलत गतिविधियां की हैं, वे बर्बाद हो गए और मां प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रुप में फल भोगने पड़े हैं।

सच्ची धार्मिक कहानियां पढऩे के लिए फेसबुक पेज लाइक करें-  https://www.facebook.com/DharmKathayen/

 

इतिहास गवाह हैं कि माताजी का नाम कभी भी कोर्ट-थाने नहीं गया। बुजुर्ग बताते हैं कि मां फलोदी का मंदिर चमत्कारिक हैं, यहां अगर किसी ने गलत गतिविधियां की तो उसकी सजा किसी न्यायालय ने नहीं बल्कि मां फलोदी ने स्वयं किसी न किसी रुप में दी हैं। मां फलोदी अच्छे-बुरे कार्यों को अपनी तीसरी आंख से देती हैं और उचित समय पर परिणाम भी देती हैं। ऐसा समाज के बुजुर्गों का कहना हैं।

समाज की दरीखाना महापंचायत की परंपरा
मंदिर में प्राचीन परंपरानुसार दरीखाना हैं, जो कि समाज की पारंपरिक पंचायत व्यवस्था से संचालित हैं। प्रत्येक नगर में समाज की पंचायत हैं और महापंचायत के रुप में दरीखाना की गरीमा हैं। यहीं से माताजी के मंदिर की गतिविधियों का संचालन होता हैं। मेले में भी समाज के संगठनों के साथ दरीखाने की अहम भूमिका रहती आई हैं।

यह भी पढ़ें:- खैराबादधाम में आस्था और अनुष्ठान का इकलौता अष्टकोणीय श्रीफलौदी माता मंदिर

मंदिर से लेकर नहीं चलाते हैं कोई भी अपना घर
माताजी के कार्यक्रमों को सतत रुप से आगे ले जाने वालों को बीते समय आरोपों का भी सामना करना पड़ा हैं। कुछ मामलों में मंदिर से पैसा लेकर घर चलाने जैसे गंभीर आरोप भी दाग दिए गए, वहीं ऐसे मामलों में समाज के बुजुर्गों का कहना है कि कोई भी व्यक्ति मंदिर के कार्यक्रमों की राशि लेकर घर नहीं चलाता हैं।

phalodi mata mandir khairabad near ramganj mandi

माताजी मंदिर के काम के लिए समाज का हर व्यक्ति तन-मन-धन से समर्पित हैं और हमेशा से समर्पित रहता आया है और ऐसा होता रहेगा। समाज का हर व्यक्ति समाज के कार्यक्रमों के लिए अपना हर संभव सहयोग करता हैं। समाज के कार्यक्रमों में कई बार समाज के पदाधिकारी व कार्यकर्ता व्यवस्थाओं को बनाने के दौरान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से कई बड़ी राशि की बचाते भी हैं, यह बचत की राशि समाज के हित में ही काम आती हैं। सिर्फ बुराई करने से कुछ नहीं होता, किसी ने कुछ तो किया होगा तभी तो मेला सफल हुआ। आलोचना से सफल नहीं हुआ। समाज को अपमानित करने वालों को यह भी ध्यान रखना होगा कि उनके इस कृत्य से मां का नाम भी साथ में जुड़ रहा हैं। एक कहावत है एक ऊंगली जब आप किसी पर उठाते हैं तो तीन ऊंगलियां स्वयं पर भी उठती हैं।
अब भी समय हैं, माताजी में आस्था है तो समाज को जोडऩे का प्रयास कीजिए। जो अच्छे काम कर रहे हैं, उनकी आलोचना करना, केवल कमियां खोजना समाजसेवा नहीं हैं।
अच्छाई की राह पर चलो, माताजी आपको फलीभूत कर देगी।
जय मां फलोदी।

 

whatsapp पर रोज एक सच्ची धार्मिक कहानी पढऩे के लिए हमारे नंबर 8224954801 को dharma kathayen के नाम से सेव करें। इसके बाद हमारे नंबर पर start लिखकर whatsapp कर दें…

 

 

 

One thought on “किसी ने कुछ तो किया होगा, तभी तो मां फलोदी का आशीर्वाद मिला और मेला सफल रहा

Leave a Reply

Top
error: Content is protected !!