अभी है पंचक काल, जानिए महत्व, प्रथा और टोटके!

panchak kaal ke upay in hindi

हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ माना जाता है। ज्योतिषियों का कहना हैं कि पंचककाल में कोई भी नया या शुभ काम शुरु नहीं करना चाहिए, वरना उस काम में बार-बार रुकावटें आएंगी और सफलता नहीं मिलेगी। बुधवार 14 जून 2017 की रात 1 बजे 30 पर पंचककाल शुरू हुआ। यह सोमवार 19 जून तक होगा। दोपहर 1 बजकर 9 मिनट के बाद कोई भी नया काम शुरू कर सकते हैं।



अशुभ सितारों का मेल होता है, उस काल को पंचककाल कहा जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार पांच सितारे घनिष्ठा, शतभिषा, पूवाज़् भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती एक साथ मिलते हैं, तब पंचककाल शुरु होता है। यह पांच दिन का होता है। हिंदू धर्म में पंचक को कई प्रथाएं हैं, लेकिन ज्योतिषियों के अनुसार कुछ ऐसे काम पंचककाल में नहीं करना चाहिए, जिन्हें आप शुभ मानते हों।

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घर की छत, नया बिस्तर, घर या सुविधा के लिए नया सामान नहीं खरीदें। यहां तक की एक बात ऐसी भी है, जिसे सुन हर कोई चौंक जाता है। वह बात यह है, अगर पंचककाल में किसी की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसे में पांच लोगों की मौत हो सकती है। कई बार यह बात सच भी होती देखी गई है।

पंचककाल में मृत्यु पर यह टोटका
पंचककाल में मृत्यु होने पर एक टोटका किया जाता है। अगर किसी परिवार का कोई व्यक्ति की पंचक काल में मौत हो जाती है, तो वे एक अजीब टोटका करते हैं। बताया जाता है कि यह टोटका करने से पंचककाल का असर खत्म हो जाता है। पंचक में मृत्यु होने पर शव के साथ 4 पुतले के शव का भी अंतिम संस्कार करते हैं। यह पुतले घांस और आटे के बनाए जाते हैं। पूरे विधि विधान से अपने परिजन के साथ इन चार पुतलों को भी जलाते हैं, ताकि पंचक में अन्य सदस्यों की मौत न हो जाए। कई मामलों में यह टोटका कारगर साबित हुआ है।

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पंचक काल में इन कामों से बचें

-पंचककाल में किसी भी प्रकार का ईंधन, घांस या आग को घर में न लाएं। रहने वाले स्थान पर भी न रखें।
-दक्षिण दिशा की ओर यात्रा से बचें। यह दिशा यम की बताई जाती है। कई लोग पंचक में दक्षिण दिशा में यात्रा करने पर यम लोक भी पहुंच गए है। आप ऐसा न करें।
-घर की छत या नवीन निर्माण कार्य को त्यागें।
-घर में कोई भी आराम देने वाली वस्तु, सुविधा प्राप्त करने वाली सामग्री न लाएं।
-बिस्तर न खरीदें।
-किसी भी प्रकार का नया काम शुरू नहीं करें।

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