इस पेड़ का फल खाने से किन्नर हो गई थी गर्भवती

khawaja mainuddin dargah

अजमेर. राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। अजमेर शरीफ के नाम से इस दरगाह में हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की मजार है। इस दरगाह के चमत्कार इतने ख्यात हैं कि यहां केवल मुस्लिम ही नहीं बल्कि दुनियाभर से हर धर्म के लोग खिंचे चले आते हैं।
ख्वाजा के इस शहर में एक और दरगाह मश्हूर है मीरां सैयद हुसैन खिंगसवार की। दरगाह परिसर में करीश्माई लाल बंदी का पेड़ है। यह पेड़ इतना चमत्कारी है, कि यहां लोगों अपने-आप ही खिंचे चले आते हैं। इस पेड़ के बारे में कहा जाता हैं कि इसके फल को खाने वाला बेऔलाद नहीं रहता है।

कई साल पहले यहां एक किन्नर ने पेड़ का फल खा लिया था और करिश्मा ऐसा हुआ कि सब चौंक गए। कुछ ही समय में किन्नर गर्भवती हो गई और उसने एक लड़के को जन्म दिया। कहा जाता है कि जो लोग ख्वाजा मोइनुद्दीन चिस्ती की दरगाह पर जाते हैं वे तारागढ़ पहाड़ पर स्थित इस चमत्कारी दरगाह पर सिर झुकाने जरूर जाते हैं। फिल्मों की सफलता के लिए आते हैं सितारे इस दरगाह पर अपनी फिल्मों की सफलता के लिए दुआ मांगने कई सितारे आते हैं। यहां राजनेता सत्ता की सलामती के लिए दुआ मांगते हैं। यहां किन्नर भी बड़ी आस्था रखते हैं। हर साल यहां आयोजित होने वाले उर्स के मौके पर देश के कई स्थानों से किन्नर यहां आकर सिर नवाते हैं। किन्नरों की देश में सबसे बड़ी गद्दी यहीं पर हैं।

लगा रहता है भक्तों का तांता
इस दरगाह पर देशभर ही नहीं विदेशों से भी ओलाद के लिए मन्नत मांगने आते है। यहां कई वर्षों से बेओलाद लोगों की झोली में भी ओलाद का सुख मिला है। इसलिए यह दरगाह आज इतनी मश्हूर है। बड़ी बात यह है कि यहां सभी धर्मों के लोग अस्था के साथ मन्नत मांगते हैं और वे पूरी भी होती है। यही वजह है कि यहां साल के बारह महीनों भक्तों का तांता लगा रहता है।

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