अम्बिकापुर : मैनपाट महोत्सव 2018 : पर्यटन सहित सर्वांगीण विकास हेतु प्रशासन प्रतिबद्ध

information about mainpat carnival in hindi

अम्बिकापुर . छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के अप्रतिम प्राकृतिक सौन्दर्य से पर्यटकों को आकर्षित करने महोत्सव की शुरूआत मैनपाट कार्निवाल के नाम से वर्ष 2012 के दिसम्बर माह में की गई थी। महोत्सव में स्कूल, कॉलेेज के विद्यार्थी, स्थानीय कलाकार, छत्तीसगढ़ी कलाकार, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। वर्ष 2018 में आयोजित यह छठवां मैनपाट महोत्सव है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के मार्गदर्शन में महोत्सव के भव्य एवं उद्देश्यपूर्ण आयोजन की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। जिला प्रशासन मैनपाट में पर्यटन सहित सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है। कलेक्टर ने इन कार्यो में कर्तव्यस्थ अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवŸाापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्राकृतिक सौन्दर्य एवं मिश्रित संस्कृति
हरी-भरी वादियों कल-कल करती नदियों और झरनों, दलदली का स्पंजनुमा भूतल, मेहता प्वाइंट का आकर्षक मनोहारी परिदृश्य, वन्य प्राणियों के स्वतंत्र विचरण एवं रंग-बिरंगे पक्षियों के कलरव से गुंजायमान प्राकृतिक सौन्दर्य, रोपाखार जलाशय में नौकायन, उल्टा पानी का प्राकृतिक करिश्मा, टाइगर फॉल का रोमांचक दृश्य, फिश प्वाइंट के बहते झरने से परिपूर्ण समुद्रतल से लगभग 4 हजार फीट की ऊँचाई पर स्थित है मैनपाट। मैनपाट में बौद्ध धर्मावलंबी तिब्बतियों तथा स्थानीय जनजातियों की मिश्रित संस्कृति विद्यमान है।
आकर्षक एवं विस्तृत महोत्सव स्थल
मैनपाट में रोपाखार जलाशय के समीप विस्तृत क्षेत्र में आकर्षक मंच निर्माण के साथ स्थायी महोत्सव स्थल का विकास किया जा रहा है। यह महोत्सव स्थल पूर्व के महोत्सव स्थल से दस गुना बड़ा है। रोपाखार जलाशय का सुरूचिपूर्ण सौन्दर्यीकरण किया गया है।
मेले एवं एडवेंन्चर स्पोटर््स का आयोजन
महोत्सव स्थल पर इस वर्ष मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में कई प्रकार के झूले एवं बच्चों के लिए आकर्षक स्टॉल लगाए जा रहे हैं। मैनपाट में पर्यटकों के लिए फ्लाईंग फॉक्स, रैपलिंग, वैलीक्रासिंग, कमाण्डो नेट, जूमरिंग, आर्चरी, ट्रेम्पोलिन, हैंगिंग बॉल एवं बोटिंग की सुविधा भी रहेगी। महोत्सव के दौरान सायकल रेस प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं सामग्री वितरण
महोत्सव के दौरान 5 हजार 676 हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया जाएगा। इनमें स्वास्थ्य, श्रम, खाद्य, कृषि, उद्यान, साक्षर भारत कार्यक्रम, छŸाीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण, समाज कल्याण तथा वन विभाग के हितग्राही शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 251 जोड़ो का विवाह उपहार सहित निःशुल्क कराया जाएगा।



पर्यटन विकास
मैनपाट में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए संभाग मुख्यालय अम्बिकापुर से मैनपाट तक के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध है। मैनपाट में पर्यटकों के आकर्षण हेतु लगभग 19 करोड़ की लागत से ट्रायबल टूरिज्म विलेज का विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही विलेज में पर्यटकांे के भोजन एवं आवास सहित मनोरंजन की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। टाइगर फॉल, फिश प्वाइंट, मेहता प्वाइंट, दलदली, उल्टा पानी तथा रोपाखार जलाशय तक जाने के लिए अच्छी सड़के उपलब्ध है। मैनपाट के सर्वांगीण विकास हेतु गुणवŸाायुक्त सड़के, पुुल-पुलिया, ट्रायबल टूरिज्म सर्किट, शैला रिसोर्ट तथा पर्यटकों के लिए आवासीय मोटल, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में पक्के घरों का निर्मााण, सोलर हाई मास्ट लाईट एवं डूएल पम्प की स्थापना तथा मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।



फूड प्रोसेसिंग यूनिट
मैनपाट में बक-व्हीट अर्थात् टाउ के लिए लगभग सवा करोड़ की लागत से प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जा रही है। इससे मैनपाट के लगभग 5 हजार हेक्टेयर में बोये जाने वाले टाउ के किसानों को टाउ का  बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। इसका संचालन स्व सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। मैनपाट के लगभग 4 हजार हेक्टेयर में कुटकी अर्थात् मेझरी तथा खरीफ सीजन के आलू का उत्पादन किया जा रहा है। इससे किसानों को अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। आलू अनुसंधान केन्द्र की स्थापना भी की गई है।

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