वाक सिद्धि और तीव्र बुद्धि के लिए करें तारा महाविद्या की साधना

maa kali tantra sadhana in hindi, काली तंत्र , वाक सिद्धि और तीव्र बुद्धि, तारा महाविद्या की साधना, maa kali photos , maa kali mantra

शास्त्रों में तारा को तारिणी भी कहा गया है। काली तंत्र के अनुसार ये आदिशक्ति की दूसरी शक्ति हैं। देवी भागवतम् के अनुसार देवी तारा शामला कुल की शक्ति हैं। तारा महाविद्या की साधना से साधक में परम गोपनीय शक्तियों का विकास होता है। तारा महाविद्या की साधना उनके 3 रूपों में की जाती है।

1.उग्र तारा,

2.एकजटा



3.नील सरस्वती

भगवती तारा सदा बाधाओं से तारने वाली तथा सुख और मोक्ष प्रदान करने वाली हैं। उग्र आपतियो से रक्षा करने के कारण इन्हें उग्र तारा कहा गया है तथा ज्ञान की प्राप्ति के लिए देवी तारा की साधना नील सरस्वती के रूप में की जाती है। देवी तारा की साधना से वाक सिद्धि और तीव्र बुद्धि की अतिशीघ्र प्राप्त होती है। इनकी साधना से रचनात्मकता व काव्य गुण परस्पर आते हैं।

सच्ची धार्मिक कहानियां पढऩे के लिए फेसबुक पेज लाइक करें-  https://www.facebook.com/DharmKathayen/

 

इनकी वाम मुखी साधना शत्रु को जड़ से खत्म कर देती है। इनकी साधना हेतु नीलकांत अथवा पंचमुखी रुद्राक्ष की माला का उपयोग किया जाता है। तारा की साधना मे स्त्री बीज का उपयोग किया जाता है। जब कोई मार्ग समझ में न आए या घोर आर्थिक संकट आ जाए तब निश्चित रूप से तारा साधना शीघ्र फलदाई है।



सूर्यास्त के तुरंत बाद पूजा घर में दक्षिण की ओर मुंह कर नीले रंग के ऊनी आसन पर बैठ जाएं। अपने सामने बाजोट पर नीला वस्त्र बिछाकर उस पर देवी तारा का चित्र और तारा यंत्र को विराजमान करें। दाएं हाथ में जल लेकर संकल्प करें तत्पश्चात हाथ जोड़ कर तारा का ध्यान करें।



ध्यान: नम्सतारायै महातारायै सकलदुस्तरम तारय तारय तर तर महाविधाया नामौस्तुते।।

देवी तारा की विभिन्न प्रकार से पूजा करें। सरसों के तेल का दीपक करें। देवी पर नील चढ़ाएं। देवी पर लाल गुडहल का फूल चढ़ाएं। गुड़-उड़द से बने पुए का भोग लगाएं। देवी के चित्र पर मोर पंख से सेवा करें। नारियल मिश्री साबुत काली मिर्च अर्पित करें। गुलाब की अगरबत्ती से धूप करें। तत्पश्चात बाएं हाथ में लौंग लेकर दाएं हाथ से पंचमुखी रुद्राक्ष की माला से देवी के इस अदभूत मंत्र का यथासंभव जाप करें।



मंत्र: ऐंग ह्रीं स्त्रीं हुं फट

जाप पूरा होने के बाद लौंग को सिर से वारकर कर्पूर से जला दें तथा रुद्राक्ष की माला को संभालकर पूजा घर में रख दें। बची हुई सामग्री को किसी वीरान स्थान में खड्डा खोद कर गाड़ दें। इस साधना से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर होंगी तथा आपके सभी संकटो का नाश होगा।

यह भी पढ़ें:-सूर्य देव छूते हैं मां के पैर, श्री महामाया देवी के दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना!

 

whatsapp पर रोज एक सच्ची धार्मिक कहानी पढऩे के लिए हमारे नंबर 8224954801 को dharma kathayen के नाम से सेव करें। इसके बाद हमारे नंबर पर start लिखकर whatsapp कर दें…

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Top
error: Content is protected !!