किसान आंदोलन के बाद बगलामुखी सिद्धपीठ क्यों पहुंचे शिवराज के यह मंत्री!

gauri shankar bisen minister worship of baglamukhi mata mandir

जबलपुर. किसान आंदोलन के बाद शिवराज सरकार के कृषि मंत्री गौरी शंकर बिसेन मां बगलामुखी सिद्धपीठ पर शत्रुनाशक पूजा करवाने पहुंचे। जनता की सेवा की बजाए मंत्री भगवान की भक्ति में जुटे हुए हैं, इन दिनों उन्हें कुर्सी से हटने का डर दिख रहा है।

दरअसल अपने बयानों और तेवरों से हमेशा सुर्खियों में रहने वाले प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन एक बार फिर पूजा के कारण चचाओं में है। जबलपुर के बगलामुखी सिद्धपीठ पहुंचकर उन्होंने शत्रुनाशक पूजा कराई है। किसानों के आंदोलन से हलाकान सरकार को इस समय जवाब देते नहीं बन रहा ऐसे में मंत्री बिसेन की इस पूजा पर चर्चाओं का दौर चल पड़ा है। कयास लगाए जा रहे हैं इस विशेष पूजन अनुष्ठान के ज़रिए मंत्री बिसेन ने एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश की है। मंत्री बिसेन की इस पूजा को शिवराज सरकार पर छाए संकट को दूर करने के साथ ही अपने विरोधियों को सबक सिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बालाघाट के सांसद बोध सिंह भगत से कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन की दुश्मनी किसी से छुपी नहीं है। सांसद भगत से हाल ही में हुई नोंकझोंक पर पार्टी के सामने उन्हें जवाब तक देना पड़ा था। सिर पर मंडरा रहे अनेक संकटों से निजात पाने मंत्री बिसेन अब भगवान की शरण में पहुँच गए है। जबलपुर के बगलामुखी सिद्धपीठ में पूजन कराने पहुंचे बिसेन के चेहरे पर चिता की लकीरें साफ़ तौर पर नजऱ आईं। पूजा कराने वाले पुजारी ने भी माना है कि प्रदेश के बिगड़े हालातों पर कृषि मंत्री काफी चिंतित थे और प्रदेश के हालातों के सामान्य होने की कामना लेकर ही उन्होंने माँ बगलामुखी के दरबार में गुहार लगाई है। बगलामुखी मंदिर के पुजारी स्वामी चैतन्यानंद ने बताया कि मंत्री ने पूजन करवाई है। यह विषेश प्रकार की पूजा होती है, जिससे माता प्रसन्न होती है और शत्रुओं का नाश होता है।

स्वयंभू है मां बगलामुखी
माता बगलामुखी के मंदिर में देशभर से तांत्रिक तंत्र साधना के लिए आते है। इस मंदिर में मां बगलामुखी के साथ कृष्ण, हनुमान, भैरव, लक्ष्मी और मां सरस्वती के दर्शन भी कर सकते है। इस मंदिर की स्थापना महाभारत में जीत के लिए श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से करवाई थी, तब स्वयंभू मां बगलामुखी की प्रतिमा प्रकट हुई थी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Top
error: Content is protected !!