गुरु संयोग: 12 साल बाद बन रहे आपकी राशि के यह खास योग

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(jupiter retrograde 2019)
देवताओं के गुरु बृहस्पति अपनी मार्गीय चाल चलते हुए 12 सिंतबर को कन्या राशि से तुला में प्रवेश कर रहे हैं। 12 साल बाद आपकी राशि के खास योग बन रहे हैं। तुला राशि के स्वामी दैत्यों के गुरु शुक्र होने के कारण समाज में जोरदार बौद्धिक बहस का दौर शुरु होगा। देव गुरु बुहस्पति दैत्य गुरु शुक्र के घर में 11 अक्टूबर 2018 तक कुल 13 माह निवास करेंगे। आईए जानते हैं किन राशियों पर क्या होगा असर…
मेष
बृहस्पति आपकी राशि से सातवें भाव में प्रवेश करेगा। इस दौरान शादीशुदा जीवन में प्यार बढ़ेगा और अपने पार्टनर के साथ आपके रिश्ते और भी मज़बूत हो जाएंगे। तनाव कम होगा जिस कारण आप मानसिक और शारीरिक दोनों तरीकों से स्वस्थ महसूस करेंगे। पार्टनर के सहयोग से समाज में आपकी छवि सुधरेगी। यदि विदेश में बसने की कोई योजना है तो आपकी ये इच्छा इस अवधि में पूरी हो सकती है। मानसिक स्थिति बेहतर होने से आप अपने फैसले ज़्यादा बेहतर तरीके से ले पाएंगे। वेतन में बढ़ोतरी होगी और आमदनी के कई और साधन मिल सकते हैं। आपके भाई-बहनों को भी इस गोचर का लाभ मिलेगा। जीवनसाथी द्वारा किए गए प्रयास सफल होंगे।



वृषभ
गुरु आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेगा।
स्वास्थ्य में गिरावट आने से कई समस्याएं हो सकती हैं। पुरानी बीमारी से परेशानी हो सकती है। ऐसे में अपना रूटीन चेकअप करवाते रहें। यदि वज़न पर नियंत्रण नहीं रखा तो मोटापा बढ़ सकता है। सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत और संघर्ष करने की ज़रूरत है। कार्यस्थल पर सीनियर्स या फिर घर में बड़े भाई-बहनों से लड़ाई हो सकती है इसलिए विवाद से बचने के लिए बहस करने से बचें। ख़र्च में बढ़ोत्तरी की संभावना है। बैंक लोन से मुक्ति मिल सकती है। निरंतर प्रयास से आय में वृद्धि होगी और आपकी आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी।



मिथुन
गुरु आपकी राशि से पांचवें भाव में गोचर करेगा। इस बीच आपके व्यावसायिक जीवन में कई बदलाव आएंगे। पुरानी जॉब से खुश न होने के कारण आप नई जगह पर जा सकते हैं। इस गोचर के प्रभाव से आपको बेहतर अवसर प्रदान होंगे। निजी संबंधों में शांति, सुख व प्यार ही प्यार रहेगा। इस बीच इस राशि के प्रेमी परिणय सूत्र में बंध सकते हैं। शादीशुदा हैं तो आपके बच्चों के लिए ये समय काफी शुभ रहेगा। छात्रों के लिए भी ये समय बढ़िया है। वो अपनी पढ़ाई आदि में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा और सफलता हासिल होगी। दौलत, शोहरत व प्रसिद्धि के लिए आप जो भी कार्य करेंगे, उसमें सफल होंगे। आर्थिक लिहाज़ से भी ये समय लाभकारी रहने वाला है। पार्टनर को उसके काम में प्रशंसा मिलेगी। मित्रों की संख्या में वृद्धि होगी।



कर्क
गुरु आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। इस गोचर से निजी जीवन में शांति व सद्भाव बना रहेगा। घर पर अच्छा समय बिताएंगे और इस पूरे गोचर काल में संतुष्टि का अनुभव करेंगे। प्रबंधन व उच्च अधिकारियों की सलाह के अनुसार कार्य कर पाएंगे जिससे आप प्रशंसा के हकदार होंगे। पिता की सेहत में गिरावट आ सकती है इसलिए चेकअप करवाते रहें। अपने बुजुर्गों के साथ रहने का मौका मिल सकता है। ज़मीन से संबंधित कुछ विवाद हो सकते हैं लेकिन गुरु की कृपा व बुद्धि के आधार पर आप इस बाज़ी को जीत लेंगे। धार्मिक कार्यों की ओर रुझान बढ़ सकता है। आपके धार्मिक विचारों को लोगों द्वारा सराहा जाएगा। अपने से बड़ों का सहयोग प्राप्त होगा। पारिवारिक सुख की प्राप्ति होगी।



सिंह
गुरु आपकी राशि से तीसरे भाव में प्रवेश करेगा। गुरु आपके पंचम व अष्टम भाव का स्वामी है। ये गोचर काल आपको जोश व उत्सुकता से भर देगा जिससे आप सफलता प्राप्त करेंगे। आलस को त्यागकर काम में ध्यान लगाने की ज़रूरत है ऐसा करने से आप लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे। भाई-बहन को इस बीच किसी प्रकार की हानि उठानी पड़ सकती है। प्रेम संबंध पहले से ज्यादा बेहतर होंगे। किसी नए रिश्ते का आगमन भी हो सकता है। पिता की सेहत का ख्याल रखें। आपके द्वारा किए गए प्रयास सफल होंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी। कुल मिलाकर ये समय आपके लिए तरक्की व खुशहाली लेकर आएगा।
कन्या
गुरु आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा। इस दौरान घर में किसी समारोह का आयोजन हो सकता है। परिवार में शादी या जन्म से किसी नए व्यक्ति का प्रवेश हो सकता है। बातों में थोड़ी गंभीरता आएगी और अपनी बातचीत से दूसरों को प्रभावित कर सकेंगे। इस दौरान आपके द्वारा किए गए कुछ आकलन संभवतः सच हो सकते हैं। प्रॉपर्टी से लाभ मिल सकता है फिर चाहे वो किराए के रूप में या किसी और प्रकार से। परिवार की भूमिका बेहद अहम होगी। जीवनसाथी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। यदि वे कार्यरत हैं तो ये समय उनके लिए कई उपलब्धियाँ लेकर आने वाला है। व्यवसायियों को भी कई प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे। परिवार व समाज में आपका नाम आदर के साथ लिया जाएगा। थोड़ी बहुत स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। संतुलित आहार खाएं व मीठे से परहेज करें।



तुला
बृहस्पति देव आपकी राशि से ही गोचर करेंगे और
प्रथम भाव में स्थित होंगे। इस दौरान आप ऊर्जावान महसूस करेंगे, साथ ही ज़िंदगी को काफी सकारात्मक नज़रिए से लेने लग जाएंगे। भाई-बंधुओं से सहयोग मिलेगा। चुनौतियों का डट कर सामना करेंगे व अपनी सूझबूझ से लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। सेहत में अनदेखी करने से आप मोटापे के शिकार हो सकते हैं। आपकी गिनती बुद्धिमान लोगों में होगी और आपका सामाजिक स्तर बढ़ेगा। वैवाहिक संबंध भी मज़बूत होंगे। यदि कोई प्रॉब्लम पहले से चल रही है तो वो भी इस दौरान दूर हो जाएगी। बच्चे अच्छा प्रदर्शन करेंगे और आदर व सत्कार के साथ बड़े-बुजुर्गों से पेश आएंगे। छात्र पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। यदि आपके पिता किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं तो उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। परोपकारी कार्यों में मन लगेगा और वेतन में बढ़ोत्तरी होगी।
वृश्चिक
गुरु आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर करेगा। इस अवधि में आप परोपकारी कार्यों में अच्छी रक़म ख़र्च कर सकते हैं। धार्मिक कार्यों में काफी मन लगेगा। शादीशुदा हैं तो आपके बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश जाने का मौका मिल सकता है। घरेलू ज़िंदगी में शांति व सौहार्द की भावना बनी रहेगी। जीवनसाथी को सेहत से संबंधित कुछ समस्याएं हो सकती हैं जैसे वज़न का बढ़ना आदि। लोन लेने की कोशिश कर रहे हैं तो इस दौरान बात बन सकती है। इसके अलावा पुराने कर्ज़ को चुकाने में भी कामयाब हो जाएंगे। प्रतिरोधक क्षमता के बढ़ने से सेहत पहले से अच्छी होगी। पैसों का निवेश कर सकते हैं। हवाई यात्रा का प्लान बना सकते हैं लेकिन ख़र्चों पर काबू रखें। मां की तबियत पहले से अच्छी रहेगी। छात्रों के लिए भी यह समय काफी उत्तम है। पुराने घर में मरम्मत करवा सकते हैं। घर में यज्ञ का आयोजन भी हो सकता है। मुनाफ़े के लिए अपनी प्रॉपर्टी को किराए पर भी दे सकते हैं।
धनु
गुरु आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। बृहस्पति आपकी राशि और चतुर्थ भाव का स्वामी है। गोचर की इस अवधि में आय के स्रोत खुलेंगे और जीवन में संपन्नता आएगी। कार्यों में लगातार व्यस्त रहने के कारण घर पर समय नहीं दे पाएंगे। समाज में एक इज्जतदार व ज्ञानी मनुष्य होने की वज़ह से भी आपको कई लाभ होंगे। बड़े भाई-बहनों के लिए कुछ मुश्किलें हो सकती हैं लेकिन अपने से छोटे भाई-बहनों के लिए समय उत्तम है। दोस्तों व रिश्तेदारों का साथ पसंद करेंगे। बृहस्पति का शुभ प्रभाव आपके बच्चों की भी ज़िंदगी पर पड़ेगा। यदि प्रेम प्रसंग चल रहा है तो इस दौरान लव मैरिज के योग भी बन रहे हैं। छात्रों का ध्यान पढ़ाई पर ज्यादा केंद्रित रहेगा। बड़े बुज़ुर्गों से ज्ञान मिलेगा और आप वैवाहिक जीवन का आनंद उठाएंगे।
मकर
गुरु आपकी राशि से दसवें भाव में गोचर करने वाला है। प्रोफेशन के लिहाज़ से ये गोचर आपके लिए काफी शुभकारी है। इस दौरान सभी लक्ष्य पूर्ण होंगे और कार्य क्षेत्र में एक नया मुक़ाम हासिल होगा। हॉबी को पैशन बनाने वालों के लिए भी यह समय अच्छा है। काम में रूचि व लगन दिखाई देगी जिसका परिणाम भी अच्छा होगा। कार्य क्षेत्र में भाई-बहन का साथ भी मिल सकता है। विदेशी कंपनियों के साथ किया गया समझौता मुनाफ़ा दिला सकता है। यदि जॉब बदलना चाहेंगे तो कई अवसर प्राप्त हो सकते हैं। प्रोफेशनल के अलावा आपकी पर्सनल लाइफ में भी सुधार आएगा।

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कुंभ

गुरु आपकी राशि से नवम भाव में गोचर कर रहा है। इसमें कोई शक नहीं कि गुरु का ये गोचर आपके लिए मंगलकारी है। यात्रा के योग हैं जिससे कई फायदे होंगे। धार्मिक अनुष्ठान व परोपकार में ज़्यादा मन लगेगा, ज़रूरतमंदों की मदद करेंगे। प्रशंसा के हकदार होंगे। शिक्षकों, वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। सेहत में सुधार आएगा और मन को शांति मिलेगी। परिवार के लोगों को भी इस गोचर से लाभ प्राप्त होगा। निज़ी संबंधों में मज़बूती आएगी और आप एक-दूसरे के प्रति सम्मान व प्रेम प्रकट करेंगे। गोचर के प्रभाव से जीवनसाथी की आय में वृद्धि हो सकती है। किसी धार्मिक स्थल पर घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं।



मीन
बृहस्पति देव आपकी राशि से आठवें भाव में गोचर करेगा। इस दौरान जीवन में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। सेहत ढ़ीली पड़ सकती है। ख़र्चे आसमां को छू सकते हैं इसलिए शुरुआत से ही अपने ख़र्चों पर संयम रखें। पिता को आर्थिक रूप से हानि हो सकती है। व्यावसायिक जीवन में सफलता हासिल होगी। हो सकता है कि इस दौरान आप अपना जॉब बदल लें। विज्ञान, ज्योतिषास्त्र व आध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा। ऑफिस में सीनियर्स द्वारा प्रशंसा थोड़ी कम हो सकती है। घर से दूर रहने के आसार नज़र आ रहे हैं, हो सकता है कि आपका ट्रांसफर हो जाए। ससुराल में कोई कार्यक्रम हो सकता है। भाषा में मिठास आएगी। खान-पान का ख्याल रखें और मिर्च-मसाले व मीठे आदि से परहेज करें।
-शास्त्री मनोज शुक्ला, कर्मकांड ज्योतिषाचार्य 

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