हिन्दू नववर्ष, विक्रम संवत् 2075,  विरोधकृत होगा सत्ता का विरोध, जानिए किस राशि वालों के आ गए अच्छे दिन

भारतीय संस्कृति में चैत्र शुक्ल पक्ष से नव संवत्सर का प्रारम्भ होता है और इस वर्ष विरोधकृत नामक संवत्सर है.. इसके साथ ही जिस दिन से सम्वत्सर का पप्रारम्भ होता है वह सम्वत्सर वर्ष का राजा होता है इसलिए सूर्य इस सम्वत्सर का राजा है … हिन्दू कैलेंडर का प्रथम संवत है चैत्र और अंतिम है फाल्गुन। दोनों ही संवत वसंत ऋतु में आते हैं। चैत्र की प्रतिपदा तिथि से ही हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है। विक्रम संवत की चैत्र शुक्ल की पहली तिथि से नवरात्रि में दुर्गा व्रत-पूजन का आरंभ होता है … संवत् 2075 शक 1940 में विरोधकृत् नामक संवत्सर होगा.. 16 मई 2018 परिधावी नामक संवत्सर का प्रवेश होगा.. लेकिन नित्य संकल्पादि विनियोग में विरोधकृत नामक संवत्सर का प्रयोग होगा। इस वर्ष राजा सूर्य व मत्री शनि है … अत: केन्द्र सता व राज्यों के मध्य अधिकारों को लेकर मतभेद रहेगा …

इस वर्ष दशाधिकारिणी समिति में राजा सूर्य, मंत्री शनि, सस्येश चंद्र, धान्येश सूर्य, मेघेश शुक्र रशेष बुध, निरशेष चंद्र, फलेश गुरु, धनेश चंद्रमा तथा दुर्गेश शुक्र है … आकाशीय दशाधिकारिणी समिति में वर्षनायक सूर्यं, अमात्य शनि है ये दोनों ग्रह परस्पर उग्र शत्रुता का भाव रखते हैं अत: आकाशीय प्रशासिका में इन दोनों ग्रहों का सर्वोच्च पदों पर रहना प्रजा तथा प्रशासन चलाने वालों के मध्य सौमनस्यता की कमी गम्भीर वैचारिक मतभेद न्यायपालिका तथा कार्यपालिका के मध्य वैचारिक विरोध का संकेट देता है … प्रजा पर कानून की पकड़ बढेगी, अपराधों को नियंत्रित करने के लिए कई कानून बनाये जायेंगे तथा कठोर दण्ड व्यवस्था अपनाई जायेगी … शीर्षस्थ नेताओं के पारस्परिक सामंजस्य की कमी के कारण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कमी और सुरक्षा संबंधी चुक दिखाई देगी … प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता की कमी, देश के अपेक्षित विकास मार्ग में अवरोधक बनेंगे … शुक्र फसलों के लिए उपयोगी वृष्टि प्रदान करेंगे … रसकश के उत्पादन का दायित्व बुध पर तथा विभिन्न मौसमी फलों के उत्पादन का भार गुरु पर है, अत: रस पदार्थ दूध दही गन्न चीनी गुड़ खांड का उत्पादन अच्छा रहेगा और वस्तु के अनुसार फल भी प्रचुर मानों में प्राप्त हो सकेंगे …

विषम ग्रहों के हाथ में संचालन का दायित्व अधिक होने के कारण विषम राजनैतिक व सामाजिक परिस्थितियों के कारण प्रजा को अन्याय और अवरोध का सामना करना होगा… गोचर गत विभिन्न ग्रहों के प्रभाव देखें तो शनि वर्षभर धनु राशि में संचार क्ररेंगे … गुरु इस वर्ष अतिचारी होकर तुलाराशि से धनुराशि के एक भाग तक संचार करेंगे उसके साथ शनि भी वक्री होकर अप्रैल से अगस्त तक धनु राशि में संचार करेंगे .. यह ग्रह स्थिति अत्यधिक भय और पीड़ा उत्पन्न करती है … इस बीच अगस्त, नवम्बर, दिसम्बर व जनवरी-फरवरी में अमावस्या के आसपास चतुर्ग्रही योग बनने से हानि और कष्ट के योग बन रहें है इसका अर्थ यह हुआ कि यह वर्ष प्रारंभ से लेकर अंत तक किसी प्राकृतिक भूकम्प, बाढ़, सूखा तथा जनसंहार की घटनाओं से किसी न किसी तरह से त्रस्त रहेगा … कर्क राशि के राहु से प्रजा को भय, घरेलू अशांति और महंगाई से जूझना होगा..

संत्वसर का नाम विरोधकृत होने से अपने नाम के अनुरूप प्रजा तथा राजा में विरोध की भावना को जन्म देगा तथा विकास के कार्यों में दिशा भ्रम रहने से लक्ष्य तक पहुचना कठिन होगा …

 

विश्व में श्रमिक कल्याण हेतु प्रयास होगें, बौद्धिक व शिक्षा सुधार पर विचार विमर्श होगा…  युद्धजनित क्षेत्रो में संधीवार्ता तथा मैत्री के प्रवास होगें। विश्व के तापमान में वृद्धि होगी पाप व अरब प्रायद्वीप में आतंकी हिसा तथा युद्ध जनित हालात होगी…  पूर्वी राष्ट्रों में पहाड़ी विखडंन की घटनायें होगी विश्व के सैन्य आयुधों के क्रय विक्रय में तेजी होगी। पूर्व व दक्षिण समुद्रो भाग में आपदा संभव है… किसी महामारी का प्रकोप होगा। व्यापार व पूंजी निवेश में वृद्धि होगी पूँजी निर्माण हेतु विनिवेश का प्रयास होगा विपक्षी प्रबल होगें.. मित्र राष्ट्रों का सहयोग मिलेगा कुछ देशो के साथ व्यापार संबधी नीति पर विवाद होगा नवीन तकनीक का प्रयोग बढेगा… शेयरों, कृषि के क्षेत्र में मंदी आयेगी। खदान दुर्घटना संभव है। देश के पश्चीमोत्तर भाग में हिसंक घटनायें तथा साम्प्रदायिक तनाव-होगें। पूवोंत्तर भाग में किसी शिक्षण संस्थानों व मंनोरजन स्थल पर अग्निकाण्ड की घटनायें घटित होगी सैन्य का क्रय तथा सेना का विस्तार होगा।

आर्द्रा प्रवेशांक के विचार से वर्षा मध्यम है। चक्रवात व तूफान का प्रकोप रहेगा। दक्षिणा व पश्चिम भारा के तटीय क्षेत्रो में इसका प्रकोप अधिक रहेगा। उत्तरी भारत में वर्षा उत्तम वर्षा होगी पश्चिम दक्षिण भारा में प्रलयकारी वर्षा होगी… पश्चिम व दक्षिण में कृषि को क्षति होगी अरहर चावल आदि फसली में कमी होगी… चन्द्रर्दशन मुहूर्त के विचार से यह मास सामान्य है। खाद्य पदार्थों के मूल्य में सस्ती… पश्चिपोत्तर क्षेत्र में सैन्य संघर्ष तथा दक्षिणी प्रान्तो में प्राकृतिक प्रकोप से क्षति… सीमाओं पर रक्तपात घटित होगा किसी विशिष्ट व्यक्ति का निधन संभव है। करो में वृद्धि। सट्टा कारोबार मंदी।  जलीय आपदा का समय है। किसी महामारी का प्रकोप रहेगा। हड़ताल,रेल दुर्घटना, लेखक व पत्रकारो को कष्ट होगा बेरोजगारी में वृद्धि होगी … चीनी, औषधि तथा गेहूँ,जी,चावल,चना में तेजी। सोना चादी, में अस्थिरता रहेगी। तिल, सरसों, फली, एरण्ड एवं सोयाबीन में तेजी। मासान्त शेयर बाजार में तेजी किन्तु बैक तथा परिवहन कम्पनीयो के शेयरों में मंदी होगी… गेहूँ, मोठ, दलहन में अस्थिरता रहेगी। मसाले एवं मेवा में मंदी आयेगी… दुर्भिक्ष होगा खाद्य पदार्थ मंहगे होगें। आर्थिक व सामाजिक मुहो पर आक्रोश होगा देश के पूर्वोतर भाग में अग्निकांड होगे। धर्मार्थ संस्थाओ की उन्नति होगी… सरकार द्वारा सामाजिक व स्वास्थ्य संबधित सेवाओ का विस्तार होगा शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति होगी। गेहूँ चावल, जो, आदि धान्यौ में मंदी। चना-सरसो, मूंगफली  तथा पीली वस्तु सोना, पीतल आदि धातुओं में तेजी होगी मेवा सामानों में तेजी प्लास्टिक, रबड़ के समानों में घटाबढ़… पूर्वार्द्ध से वायु का प्रकोप रहेगा…

अत:

अब जानते हैं कि किस राशि वालो पर क्या होगा असर… क्या करने होंगे उपाय ..

 

राशिफल –

 

मेष राशि –

मेष राशि वालो को इस वर्ष मानसिक चिंता होगी मन में दुविधा बनी रहेगी… सरकारी कर्मचारियों के कार्यभार में वृद्धि होगी … महिलाओं को संयमित व्यवहार रखना होगा तब घर का वातावरण सुखद बना रहेगा.. सन्तान पक्ष से शुभ समाचार की प्राप्ति होगी … पारिवारिक यात्रा संभव है… व्यापारियों कारोबार में बाधायें आयेगी

किन्तु कारोबार सुचारु रुप से चलेगा … माता-पिता के स्वास्थ्य में बाधा आयेगी विद्यार्थियों को कडा परिश्रम करना पडेगा … सम्पत्ति के मुकद्दमे में राहत मिलेगी … वर्ष के 3, 6, 9, मास कष्टदायी है …

 

उपाय

मेष राशि वालो को साल भर शुभ फल कि प्राप्ति के लिए मंगल का एक वर्ष का व्रत रखना बड़ो को मंगल स्त्रोत और बच्चो को हनुमान चालीसा का पाठ करना.. गाय को आहार देना और मूंगा रत्न धारण करना या दान करना चाहिए…

 

वृष राशि –

वृष राशि पर इस वर्ष शनि का अष्टम प्रभाव रहेगा …आकस्मिक रूप से पारिवारिक समस्याएँ सामने आयेंगी … दैनिक जीवन में कार्य भार में वृद्धि होगी … व्यापारियों को प्रतिस्पर्धा और आर्थिक कष्ट का सामना करना पडेगा … विलम्बित तथा बाधित कार्य पूर्ण होगें … शेयर बाजार, सट्टा बाजार में निवेश पूर्व सचेत रहें … हानि संभव है। वाहन इत्यादी से दुर्घटना से कष्ट होगी … सन्तान सुख प्राप्ति … सम्पति क्रय से भी आर्थिक रूप से परेशान होंगे.. जीवनसाथी से मतभेद होगा … वर्ष के 2, 5, 8 मास कष्टदायी है …

उपाय –

शनिवार का व्रत रखना चाहिए … शनि कि शांति करने के लिए तिलभिशेक कराएँ… तिल या उरद का दान करें.. पीपल के पेड़ में तिल के तेल का दीपक जलाएं.. सूक्ष्म जीवों कि सेवा करें..

 

मिथुन राशि –

मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष अनुकूल एवं सुखदायी है …परिवार में वृद्धजन के स्वास्थ्य पहले कि तुलना में बेहतर रहेगा.. परिवार में शुभ मांगलिक कार्य होंगे.. वाणिज्य प्रतिष्ठानों व पूँजी निवेश तथा विज्ञापन संबधित कार्य करने वालों को जरुर मन्दी का सामना करना पड़ेगा .. विद्यार्थी वर्ग के लिये यह वर्ष उत्तम होगा, प्रतियोगी परीक्षार्थीयो को सफलता मिलेगी .. सन्तान सुख प्राप्त रहेगा … प्रमोशन अथवा स्थान्नात्र्ण के प्रयास में इस साल सफलता मिलेगी.. लम्बी यात्रा के योग बने हुए हैं … इस वर्ष 4, 7, और 11 मास में यात्रा अथवा निवेश से बचे यह समय कष्टदायी है …

उपाय

शुक्रवार का व्रत करें .. दुर्गा मंदिर या काली मंदिर में नियम से दर्शन कर प्रसाद चढ़ायें … चीनी और आटा चीटी के लिए रखें .. सुहागिन स्त्रियों को सुहाग कि सामग्री का भेट दें …

 

कर्क राशि

कर्क राशि वालो को इस वर्ष आकस्मिक व्यय से चिंता होगी … शेयर बाजार तथा निवेश में हानि होगी … नौकरी वालों के स्थानान्तरण के योग है … गृहणियों पर मानसिक दबाव रहेगा … घर में किसी ना किसी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता और भाग दौड़ रहेगी … स्वयं के पेट से संबधित कष्ट संभव … वेतन भोगी कर्मचारी वर्ग के हेतु वर्ष उत्तम … परीक्षार्थीयो तथा प्रतियोगी परीक्षा देने वालो के लिए इस राशि वालो का वर्ष उत्तम है, सफलता प्राप्ति होगी … 4, 8 और 12 मास कष्टदायी है …

उपाय

सोमवार का व्रत करें … शिवजी की पूजा करें … दूध से अभिषेक करें … नारियल के मिठाई प्रसाद में बाटें …

 

सिंह राशि

र्सिंह राशि वालों के लिए यह वर्ष मध्यम रहेगा … कार्य मे बाधा, कारोबारियों को कष्ट संभव हैं … सूचना संचार और टेका कार्य करने वालों पर पर मानसिक दबाव रहेगा … पुराने रोग से कष्ट तथा शल्य चिकित्सा संभव है … माता-पिता-पत्नी के स्वास्थ्य में बाधा आयेगी … परिवार में मांङ्गलिक कार्य में आर्थिक कष्ट रहेगा … पुराने बॉस के वापस आने से राहत रहेगी … परीक्षार्थीयो को अथक प्रयास से सफलता प्राप्त होगी … प्रेम प्रसंग उलझने वाली होगी … वर्ष के 2, 5, 8 मास कष्टदायी है…

 

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह वर्ष शुभ रहेगा … प्रमोशन या संतान से सम्बन्धित शुभ समाचार प्राप्त होगा … इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी … पारिवारिक उलझने पैदा होगी क्योंकि चतुर्थ स्थान में राहु से होने से सुख में कमी करेगा … कार्य से संबधित विवाद होगें … रिश्तेदारी में भी शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी … विद्यार्थी वर्ग द्वारा परिश्रम के अनुरूप सफलता प्राप्ति के योग हैं … भूमि-वाहन क्रय करेंगे … पड़ोसियों से कष्ट तथा अनावश्यक वाद-बिवाद संभव है … स्वास्थ्य में जरुर बाधा उत्पन्न होगी … राजनीतिज्ञ एवं समाज के बड़े लोगो को विरोध का सामना करना पडेगा … 1, 7 और 10 मास कष्ठ्कारी है …

उपाय –

राहु के मन्त्र का जाप करें .. शनिवार का व्रत करें … बिमारो की सेवा के साथ दवाई का दान पुरे साल करें … जीवों कि सेवा करें और झूठ बोलने से बचें …

 

तुला राशि –

तुला राशि वालों के लिये यह वर्ष शुभदायी है … स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें .. कार्यों में सफलता प्राप्त होगी … सामाजिक कार्य में सहभागिता बढेगी … व्यापारियों को कारोबार में मंदी का रुख रहेगा … सरकारी कर्मचारियों के कार्य भार में वृद्धि होगी… अध्यापन, लेखन पत्रकारिता एवं अन्य बौद्धिक कार्यं वालो का सम्मान होगा … आर्थिक पक्ष में सुदृढ़ता होगी … परिवार में विरोध एवं चिंता होगी धन निवेश व ऋण लेन देन में हानि संभव है .. कर्मचारी वर्ग का अधिकारियों से मतभेद संभव है … न्यायालीय कार्यों में वाधा नये विवाद से बचें … धन के अपव्यय से कष्ट संभव है … वर्ष के 5, 9 और 12 मास कष्टदायी है …

उपाय

गुरुवार का व्रत करें … चने दाल का दान करें … पुरोहित या शिक्षक को आहार कराएँ .. कृष्ण जी में पीले पुष्प अर्पित कर गुरु मन्त्र का जाप करें … व्रत का एक वर्ष का संकल्प करें …

 

वृश्चिक राशि –

वृश्चिक राशि वाली के लिये शनि की साढे साती का प्रभाव रहेगा … दुर्घटना या सर्जरी इसके साथ ही अनावश्यक वाद-बिवाद-संभव है … निरर्थक भाग दौड़ से मानसिक कष्ट रहेगा … पारिवारिक सम्पत्ति विवाद और घरेलु मतभेद होगा … पति-पत्नी में अगर पत्नी कि वृश्चिक राशि हो तो आपस में वैचारिक मतभेद रहेंगे … चोरी-ठगी से हानि … आर्थिक स्थिति सामान्य तथा व्यापार में कष्ट संभव है … विद्यार्थियों के लिए सफलता बहुतआसान नहीं होगी… इस वर्ष सोचे कार्य पुरे होने में बहुत सी बाधा का सामना करना होगा .. यात्रा अथवा पर्यटन का योग बनेगा … वर्ष के 1, 5, 11 मास कष्ट के हो सकते हैं …

उपाय –

मंगल की आराधना व सुन्दरकाण्ड का पाठ करें .. मंगल का व्रत करें … गाय को भीगा गेहूं खिलाएं … मूंगा पहने …

धनु राशि –

धनु राशि वाल के लिए इस वर्ष प्रभाव भाग्य का प्रभाव अनुकूल बना रहेगा … न्यायालीय केस में सफलता प्राप्त होगी … विवाद समाप्त होगा और बीते दिनों के रुके कार्य पुरे होंगे… सन्तान प्राप्ति के योग हैं … विदेश प्रवास करेंगे … सरकारी पद और प्रतिष्ठा पाने के योग बने हुए हैं … वाहन या मकान बनने के योग हैं … स्वास्थ्य में पेट या आर्थराइटिस सम्बन्धित कष्ट जरुर परेशान कर सकता है.. इसके अलावा वर्ष के 2, 4 और 8 मास कष्टदायी है …

उपाय –

शनिवार का व्रत करें .. रक्त दान करें … पेड़ लगाकर उसकी हिफाजत करें …या पौधों का दान करें अथवा गिफ्ट दें … गरीबो कि मदद करें … जमुनिया धारण करें …

 

मकर राशि –

मकरराशि पर साड़ेसाती का प्रभाव रहेगा … आर्थिक दृष्टि से परेशानी भरा होगा … अपने ही परेशान करेंगे… जीवनसाथी का स्वास्थ्य और बिजनेस पार्टनर से तालमेल में कमी रहेगी … गुस्सा ज्यादा बढेगा और मनोबल में कमी होगी … वेतनभोगी कर्मचारियों हेतु यह वर्ष उत्तम नही कार्य अधिकता या स्थान्त्र्ण के बाद परेशान होंगे अथवा बॉस बदलने के बाद नये बॉस से निभाना मुश्किल होगा … धन संबधी कायों में हानि तथा कष्ट होगा … सन्तान से सम्बन्धित निर्णय भी गलत साबित होंगे… निर्णय में सचेत रहें …  कारोबार में गिरावट, आयेगी… प्रतियोगिता परीक्षा में दो चार नम्बर से चूकना बेहद तनाव भरा होगा … वर्ष के 3, 6, 9 मास कष्टकरी है।

 

उपाय

सत्यनारायन कि कथा करें … भगवन विष्णु की पूजा करें … नारियल का दान करें इसके साथ विष्णु कवच का पाठ करें …

 

कुम्भ राशि –

कुम्भ राशि के लिये यह वर्ष अनुकूल रहेगा…  सन्तान पक्ष से सुख की प्राप्ति … आय के नये स्त्रोत बनेंगे… रुके धन कि भी प्राप्ति होने से आपका तनाव समाप्त होने का समय आ गया .. इस समय पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा… बच्चो का प्रदर्शन भी संतोषजनक रहेगा … परिवार में शादी या नौकरी सम्बन्धित शुभ समाचार मिलेंगे … माता-पिता के स्वास्थ में बाधा आयेगी किन्तु ज्यादा चिंताजनक नहीं है … मास के उत्तरार्द्ध में व्यापारियों को लाभ होगा…  नौकरीपेशा लोगों की आय में वृद्धि होगी… वर्ष के 2, 6 और 8 मास नेष्ट है …

उपाय –

रविवार का व्रत रखें … आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें सूर्य को अर्ध्य देकर दिन कि शुरुआत करें … गाय को गुड और गेहूं खिलाये…

 

मीन राशि –

यह वर्ष धन एवं स्वास्थ्य की दृष्टि में उत्तम है … शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी …. भाइयों से मतभेद समाप्त होंगे…  अनेकानेक माध्यमों से कारोबारी विस्तार और नये कारोबार की योजना बनेगी … मिडिया और लेखन से जुडे जनो हेतु उत्तम समय है … नये कपड़े, आभूषण प्राप्त होंगे… व्यवसायी को आंशिक लाभ होगा धन की कठिनाइ दूर होगी …  राजनीतिज्ञों हेतु समय चुनौतीपूर्ण रहेगा … मीन राशि वाले लोगो को बड़ा पद या सम्मान प्राप्त होगा … परिवार में शुभ मांगलिक कार्य होने के योग बनेंगे … अपवाह या अभिमान से नुकसान हो सकता है … मास के 5, 7 और 11 नष्ट हैं …

उपाय –

गणेशजी कि पूजा का एक वर्ष का संकल्प करें … हरी इलायची का दान करें इसके अलावा मुंग या मुंग से बनी मिठाइयाँ खाएं और खिलाएं … गाय को हरा चारा खिलाएं …

 

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