अगरबत्ती लगाते समय इस 1 बात का ध्यान रखें, खुश होंगे भगवान

agarbatti lgane ke fayde aur nuksaan

(agarbatti jalane ka mahatva)

हिंदू धर्म में पूजन में अगरबत्ती लगाने का बड़ा महत्व है। अगरबत्ती लगाते समय एक बात कर ध्यान जरूर रखना चाहिए। शास्त्रो में बांस की लकड़ी को जलाना वर्जित है, किसी भी हवन अथवा पूजन विधि में बांस को नही जलाते हैं।

महामाया मंदिर के पं. मनोज शुक्ला बताते है कि शास्त्रों के अनुसार बांस से बनी अगरबत्ती लगने से उल्टा प्रभाव पड़ता है। भगवान खुश होने की बजाए रुष्ठ हो जाते है, इससे बचने के लिए बांस की लकड़ी को कभी भी किसी भी उपयोग के लिए न जलाएं।



यहां तक कि चिता में भी बांस की लकड़ी का प्रयोग वर्जित है। अर्थी के लिए बांस की लकड़ी का उपयोग होता है लेकिन उसे भी नही जलाते है। शास्त्रों के अनुसार बांस जलाने से पित्र दोष लगता है।

क्या इसका कोई वैज्ञानिक कारण है? (agarbatti lgane ke vaigyanik karan)

बांस में लेड व हेवी मेटल प्रचुर मात्रा में होते है, लेड जलने पर लेड आक्साइड बनाता है जो कि एक खतरनाक नीरो टॉक्सिक है हेवी मेटल भी जलने पर ऑक्साइड्स बनाते है

लेकिन जिस बांस की लकड़ी को जलाना शास्त्रों में वर्जित है यहां तक कि चिता मे भी नही जला सकते, उस बांस की लकड़ी को हमलोग रोज़ अगरबत्ती में जलाते हैं।

अगरबत्ती के जलने से उतपन्न हुई सुगन्ध के प्रसार के लिए फेथलेट नाम के विशिष्ट केमिकल का प्रयोग किया जाता है

यह एक फेथलिक एसिड का ईस्टर होता है

यह भी स्वांस के साथ शरीर मे प्रवेश करता है

इस प्रकार अगरबत्ती की तथाकथित सुगन्ध न्यूरोटॉक्सिक एवम हेप्टोटोक्सिक को भी स्वांस के साथ शरीर मे पहुचाती है



इसकी लेश मात्र उपस्थिति केन्सर अथवा मष्तिष्क आघात का कारण बन सकती है

हेप्टो टॉक्सिक की थोड़ी सी मात्रा लीवर को नष्ट करने के लिए पर्याप्त है।

शास्त्रो में पूजन विधान में कही भी अगरबत्ती का उल्लेख नही मिलता सब जगह धूप ही लिखा है

(अतः कृपया सामर्थ्य अनुसार स्वच्छ धूप का ही उपयोग करें)

 

whatsapp पर रोज एक सच्ची धार्मिक कहानी पढऩे के लिए हमारे नंबर 8224954801 को dharma kathayen के नाम से सेव करें। इसके बाद हमारे नंबर पर start लिखकर whatsapp कर दें…

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Top
error: Content is protected !!