ब्रिटेन में कैद है इकलौती 1000 साल पुरानी मां सरस्वती की चमत्कारिक प्रतिमा

Madhya Pradesh's Ayodhya How the british manufactured the myth of Bhojshala

Madhya Pradesh's Ayodhya: How the british manufactured the myth of Bhojshalaधार. ब्रिटेन के ब्रिटिश म्यूजियम में देश-दुनिया की इकलौती 1000 साल पुरानी मां सरस्वती की चमत्कारिक प्रतिमा कैद में है। मध्यप्रदेश के धार जिला मुख्यालय पर भोजशााला में मां सरस्वती के एकमात्र मंदिर जहां माता साक्षात विराजमान थी। भूरे रंग की स्फटिक से निर्मित यह प्रतिमा अत्यंत ही चमत्कारिक, मनमोहक और शांत मुद्रा में दर्शन देती हैं। राजा भोज ने इस प्रतिमा को भोजशाल में जनदर्शन के लिए विराजित किया था। इस जगह राजा भोज की पूजन स्थली कहा जाता

खेराबादधाम सिद्धपीठ मां फलोदी के दरबार में विदेशों से आते हैं भक्त, मंदिर प्रांगण में रहती हैं देवी मां

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falaudi mata mandir khairabad near ramganj mandi in hindiखेराबाद. भारत में मातृशक्ति का अनूठा सिद्धपीठ राजस्थान के रामगंजमंडी के समीप खेराबादधाम में मां फलोदी का दरबार है। मेड़तवाल समाज की कुलदेवी मां फलोदी का आशीर्वाद लेने के लिए भक्त विदेशों से भी खेराबादधाम आते हैं। किवदंती है कि देवी अलौकिक रुप में मंदिर प्रांगण में विचरण करती हैं। अखिल भारतीय मेडतवाल (वैश्य) समाज की आराध्य देवी हैं श्रीफलौदी माताजी महाराज। देश में कुलदेवी का इकलौता मंदिर होने से श्रद्धालु इसे तीर्थस्थल खैराबादधाम के नाम से पुकारते हैं।

सूनी गोद भरती हैं दसई की भवानी माता, यहां मन्नत मांग 70 साल के जालम सिंह बने थे पिता!

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magh gupt navratri 2018 puja vidhi shubh muhurat in hindi 2018 gupta navratri hindi maiधार. कहते हैं सच्चे मन से भगवान के दरबार में प्रार्थना करो तो मनोकामना जरुर पूरी होती है। मध्यप्रदेश के धार जिले में ऐसा ही चमत्कार भवानी माता के मंदिर में होता हैं। यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी खाली नहीं जाती है। धार के समीप दसई में स्थित यह मंदिर खासतौर से एक प्राचीन कथा के लिए जाना जाता है, जो आज भी सच साबित होती हैं। दरअसल भवानी माता के सामने अपनी परेशानी

छत्तीसगढ़ के साक्षात् स्वयंभू शीतला माता सिद्धपीठ से जुड़ी हैं एक दिलचस्प कहानी

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shree shitla mata mandir is shakti temple located in raipur chhattisgarh, ati pracheen budi maa sheetla mata mandir, devotees visit this temple to seek fulfillment of wishes, famous hindu temples in raipur chhattisgarh रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती में स्थित साक्षात् स्वयंभू शीतला माता सिद्धपीठ से एक दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई हैं। जिससे श्रद्धालुओं के मन में आस्था का भाव और मजबूत हो जाता हैं। पंडित नीरज सैनी बताते हैं कि माता ने यहां की श्रीराजरानी को स्वप्न दिया था, जिसके स्वप्न अनुसार मां की प्रतिमा खोजी गई

भगवान महाकालेश्वर की सच्ची कहानी, सूर्य देव की12 रश्मियों से प्रकट हुए थे ज्योर्तिलिंग

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(mahakaleshwar jyotirlinga ujjain madhya pradesh) उज्जैन. बाबा महाकाल सृष्टि की उत्पत्ति के साथ स्वयं प्रकट हुए थे। आज भी उज्जैन के राजा महाकाल ही है। बाबा महाकाल के बारे में एक कथा प्रचलित है, जो आज भी सच है। पहले किसी भी राजा को महाराज महाकाल की नगरी उज्जैन में ठहरने की इजाजत नहीं थी।कहा जाता है कि सदियों पहले कोई ओर राजा एक रात गुजार ले तो उसे अपनी सल्तनत गंवानी पड़ती थी। इसी वजह से महाकाल की शरण में रहने के लिए सिंधिया राजघराने ने महल बनवाया। उस समय

छत्तीसगढ़ में 3000 फीट की ऊंचाई पर विराजे हैं भगवान गणेश, दर्शन के लिए देश-दुनिया से आते हैं श्रद्धालु

Story of 13000 years old ganesh statue in dholkal dantewada

(Story of 13000 years old ganesh statue in dholkal dantewada)दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 3000 फीट की ऊंचाई पर दुर्लभ काले भगवान गणेश विराजमान थे। छिंदक नागवंशी राजाओं ने ढोलकल की पहाड़ी पर 10 वीं व 11 वीं शताब्दी से पहले के दुर्लभ गणेशजी की प्रतिमा की स्थापना करवाई थी। यहां से वे रहस्यमयी तरीके से करीब 6 माह पहले यानी 26 जनवरी 2017 को अंतरध्यान हो गए। हालांकि अभी तक तथ्यात्मक तौर पर पता नहीं लगाया जा सका हैं कि भगवान गणेश की प्रतिमा कहां चली गई।सच्ची धार्मिक कहानियां

रायपुर : मुख्यमंत्री ने चढ़ाया श्वेत ध्वज, डॉ. रमन सिंह कहा: जैतखाम और श्वेत ध्वज सादगी-ईमानदारी का प्रतीक

CM RAMAN SINGH

रायपुर.  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज राज्य के तहसील मुख्यालय सारंगढ़ (जिला रायगढ़) में आयोजित गुरू घासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने जैतखाम पर श्वेत ध्वज चढ़ाया और गुरू बाबा घासीदास की पूजा-अर्चना की। समारोह का आयोजन ज्ञानस्थली-गुरू घासीदास पुष्प वाटिका में किया गया। मुख्यमंत्री ने श्वेत ध्वज को सादगी, सच्चाई और ईमानदारी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा- गुरू बाबा घासीदास ने समाज को सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देकर नई दिशा दी। समारोह में प्रदेश के सहकारिता, पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल, राज्यसभा सांसद

सालासर धाम की सच्ची कहानी, भक्ति से प्रसन्न हनुमानजी ने प्रकट होकर पूरी की थी मनोकामना

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history of salasar balaji temple in hindi churu rajasthan चूरू. राजस्थान के चूरू जिले में राम के प्रिय भक्त और ज्ञानियों में अग्रगण्य हनुमानजी का सिद्ध मंदिर जो सालासर बालाजी के नाम प्रसिद्ध हैं। देश के बेहद चमत्कारिक मंदिरों में से एक सालासर बालाजी का धाम भी है, यहां देश ही नहीं दुनियाभर से भक्त हनुमानजी का आर्शीवाद और दर्शन लेने आते हैं। यहां विराजमान होने की इच्छा स्वयं बजरंगबली ने प्रकट की थी, तक करीब ढाई सौ साल पहले बालाजी के परम भक्त बाबा मोहनदास की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान

चमत्कारिक हनुमान मंदिर की सच्ची कहानी, मोहास मंदिर का प्रसाद खाने से जुड़ जाती हैं टूटी हड्डियां

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(HANUMAN MANDIR MOHAS KATNI HADDI JODNE WALE HANUMAN)कटनी (KATNI ). संकट मोचन भगवान हनुमानजी के चमत्कार तो कई सुनने में आए है, लेकिन मध्यप्रदेश के कटनी के पास हनुमानजी के मंदिर की एक सच्ची दास्तां आपको भी चौंका देगी। जिस मर्ज का इलाज डॉक्टर नहीं कर पाते हैं, वो दर्द हनुमानजी एक घंटे में खत्म कर देते है। शरीर का कोई दर्द हो या फिर किसी टूटी हड्डी को जोडऩा हो। जी हां, मप्र के कटनी जिले की रीठी तहसील के ग्राम मोहास में चमत्कारी हनुमान जी का मंदिर है।

महादेव घाट पर विराजे हैं हटकेश्वर नाथ, यहां लक्ष्मणजी हनुमानजी पर हुए थे क्रोधित

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(hatkeshwar mahadev temple at mahadev ghat raipura in raipur chhattisgarh hindi news) रायपुर. खारुन नदी के तट पर महादेव घाट (mahadev ghat) के नाम से प्रसिद्ध शिव की पावन नगरी में हटकेश्वर नाथ विराजे हैं। इस मंदिर की स्थापना और इसके नाम के पीछे एक दिलचस्प कहानी हैं। रायपुर (raipur) शहर से 8 किमी दूर स्थित 500 साल पुराना भगवान शिव का यह मंदिर प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। आस्था के सैलाब में गोता लगाने के लिए श्रद्धालु महादेव घाट पहुंचते हैं। करीब 600 साल पुराने शिवलिंग के दर्शन मात्र

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