भक्तों की श्रद्धा देख जागृत हो गए अरन्या बालाजी, सिर्फ एक काम करने से प्रसन्न हो जाते हैं ये हनुमानजी

hanuman jayanti 2018 special

अरन्या. ग्राम अरन्या में प्राचीन काल से विराजे भगवान हनुमानजी के चमत्कार की अलग ही कहानी हैं। चिंताहरणमनसापूर्ण श्रीहनुमान मंदिर में भक्तों की अटूट श्रद्धा-आस्था देख हनुमानजी जागृत हो गए और यहां भक्तों की मनोकामनाएं देखते ही देखते पूरी होने लगी। पं. मुकेश शर्मा बताते हैं कि भगवान के चरणों में सच्चे मन से मनोकामना मांगने पर तत्काल परिणाम मिलता है। पिछले करीब 5-6 सालों में भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान हनुमान जी ने कई लोगों की मनोकामनाएं पूरी की है। इसलिए यहां प्राचीन काल से विराजे हनुमानजी के

बालोद के जलेश्वर महादेव मंदिर में बन रहा ॐ नम: शिवाय मंत्र का अनोखा रिकार्ड

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बालोद. दशौदी तालाब स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ हैं। यहां ओम नमः शिवाय मंत्र निधि अर्पण का तीन दिवसीय महोत्सव आयोजन से क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है। कोलकाता से पहुंचे नौ वैदिक पंण्डितों द्वारा विशेष पूजा अर्चना के साथ तीन करोड़ से भी अधिक ओम नमः शिवाय मंत्रों का अभिषेक किया जा रहा है। गौरतलब है कि 4 जुलाई 2012 से यहां भक्तों के द्वारा ओम नमः शिवाय मंत्र का लेखन कार्य अनवरत जारी है। और अब तक 19 करोड़ 97 लाख 90 हजार 132 मंत्र

चमत्कारिक है श्री अमरवास बालाजी मंदिर, दूर-दूर से आते हैं भक्त!

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(Amazing Story of Shree Amarwas Balaji Temple At Garoth Mandsaur In Hindi) गरोठ. संकट मोचन हनुमानजी के मंदसौर के गरोठ स्थित चमत्कारिक मंदिर में दूर-दूर से आस्था और विश्वास के साथ आते हैं। यहां श्री अमरवास बालाजी मंदिर एक प्रार्थना मात्र से सारे संकट दूर कर देते हैं। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ से करीब डेढ़ किमी दूर गांव बरखेड़ा के पास हैं। यहां हर मंगलवार और शनिवार को बालाजी की विशेष आराधना की जाती हैं। पुजारी कुलदीप (विक्की भैया) जोशी बताते हैं कि बालाजी के चोले के लिए श्रद्धालुओं की लम्बी

mahashivratri 2018 : मंदोदरी की इस पूजा से प्रसन्न हुए थे महादेव, लड़कियां वरदान मांगने के लिए पूजती हैं शिवलिंग

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(amazing baba baleshwar nath mahadev Mandir in meerut uttar pradesh) मेरठ. त्रेता युग का बिल्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर आज भी रावण की पत्नी मंदोदरी की पूजा की सच्ची कहानी के लिए देशभर में ख्यात हैं। इस मंदिर में शिवलिंग पत्थर की बजाए धातु से बने हुए है। सावन माह में यहां एक महोत्सव जैसा माहौल रहता है।दरअसल इसी मंदिर में मंदोदरी ने शिवलिंग की पूजा की थी, जिससे भगवान शिव ने प्रसन्न होकर साक्षात प्रकट हुए थे। भगवान शिव से मंदोदरी ने सबसेे शक्तिशाली और सबसे विद्वान व्यक्ति से विवाह का

कवर्धा का भोरमदेव मंदिर: सूर्य की पहली किरण से जगमगाती है गर्भगृह में भगवान शिव की प्रतिमा

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(mahashivratri 2018 lord shiva and Bhoramdeo Temple At Kawardha Chhattisgarh history & story in hindi) कवर्धा. 10 वीं सदी का भोरमदेव मंदिर देवताओं और मानव आकृतियों की उत्कृष्ट नक्काशी के साथ मूर्तिकला का चमत्कार के कारण सभी की आंखों का तारा है। यहां पूजन करने के लिए हर वर्ष देश ही नहीं बल्कि कई देखों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर का नाम भगवान शिव के नाम है। स्थानीय बोली में शिव का दूसरा नाम भोरमदेव भी है। गर्भगृह में मुख्य प्रतिमा एक शिवलिंग की है।

अहमदाबाद था कर्णावती, जामा मस्जिद थी भद्रकाली मंदिर

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ये कहानी है एक सुंदर बसाहट वाले गौरवशाली हिंदू शहर की, जिसे आज से करीब 700 साल पहले इतिहास में गुम कर दिया गया, और फिर एक मुस्लिम आक्रांता के नाम पर बसाकर यह झूठ फैलाया गया कि इसे उसी ने बसाया है । इस नगर की अद्भुत शौर्य-गाथा को खत्म कर रक्तरंजित बना देने की ये कहानी 1400 सदी में लिखी गई थी। यह कहानी कर्णावती शहर की है, जिसे आज आप अहमदाबाद के रूप में जानते हैं।सच्ची धार्मिक कहानियां पढऩे के लिए फेसबुक पेज लाइक करें-  https://www.facebook.com/DharmKathayen/गुजरात का

हिंदू : एक कौम जो अपने गौरवमयी इतिहास को भुला बैठी है

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दुनिया में हिंदू ही एक ऐसी कौम है, जो 'वसुधैव कुटुम्बकम' के छलावे में रहकर दूसरी कौमों को अपनी जमीन पर आने देती रही और वे यहां आकर लूट मचाते रहे। आखिरकार इस कौम की सत्ता पश्चिम में सुदूर ईरान और पूरब में कंबोडिया से सिमटकर अब महज अरुणाचल से गुजरात तक सिकुड़ चुकी है। और यह भी भ्रम है कि वर्तमान भारत में हिंदुत्व की सत्ता है। जरा केरल, मेघालय या मणिपुर चले जाइए, ईसाइयों का प्रभुत्व साफ महसूस करेंगे। जरा आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, जौनपुर चले जाइए, आपको छोटे-मोटे कई

प्राचीनतम शनि मंदिर की सच्ची कहानी, अंधे पुजारी की प्रार्थना पर शनिदेव ने दी थी आंखें

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juni indore shani mandir believed to be 500 years old amazing ancient history shani temple in indoreइंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर (अहिल्या नगरी) में भगवान शनिदेव का प्राचीनतम और चमत्कारिक शनिमंदिर जूनि इंदौर में स्थित हैं। यहां भगवान शनिदेव ने मंदिर के अंधे पुजारी की प्रार्थना से प्रसन्न होकर आंखें दी थी, जिसके बाद पुजारी ने आसपास के लोगों की मदद से मंदिर में प्रतिमा स्थापित करवाई। यह मंदिर भगवान शनि देव की इच्छा से यहां बनाया गया हैं। इतिहास में देखें तो यह मंदिर देश ही नहीं दुनियाभर का

मदुराई के मीनाक्षी मंदिर से जुड़ी है पौराणिक कथा

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meenakshi sundareswarar temple bangalore timings meenakshi sundareswarar mandir meenakshi sundareswarar temple in hindiमदुराई. दक्षिण भारत के श्रेष्ठ मंदिरों में से एक हैं तमिलनाडु के मदुराई में स्थित मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मंदिर। इस मंदिर में दर्शन के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यहां विश्व की सर्वश्रेष्ठ शिल्पकला, पेंटिंग एवं रंगों का अद्भुत प्रयोग दिखाई देता हैं। यह मंदिर स्थापत्य और वास्तुकला के हिसाब से आधुनिक विश्व के आश्चर्यों में गिना जाता है। यह मंदिर भगवान सुन्दरेश्वर (शिव) की भार्या जिनकी आंखे मछली की

विश्व का एकमात्र श्रीफल गणेश मंदिर

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world's only one shrifal ganesh mandir in indore at juni indore madhya pradesh in indoreइंदौर. एकाक्षी नारियल वाले यानी श्रीफल गणेशजी का दुनिया का एकमात्र मंदिर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में जूनि इंदौर में हैं। यहां शनिमंदिर मेनरोड पर विराजमान श्रीफल सिद्धि विनायक स्वयंभू रुप में दर्शन देते हैं। पंडित डॉ. महेंद्र व्यास बताते हैं कि चमत्कारी एकाक्षी श्रीफल गणेशजी जूनि इंदौर के व्यास परिवार में करीब 30 वर्ष पहले प्रकट हुए थे, जिनकी स्थापना धर्म मार्तण्ड आचार्य पं. मुरलीधरजी व्यास गुरुदेव के घर 18 सितंबर 1985 बुधवार गणेश चतुर्थी

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