रतनपुर में है 51 शक्ति पीठ में से एक श्री आदिशक्ति मां महामाया देवी का अनौकिक धाम

ratanpur mahamaya temple is one of the 51 shaktipith

shri mahamaya devi mandir / kumari ratnavali shakti peeth ratanpur, chhattisgarhबिलासपुर. श्री आदिशक्ति मां महामाया देवी: प्राचीन महामाया देवी का दिव्य एवं भव्य मंदिर दर्शनीय है। मां के द्वार पर आज तक जो भी श्रद्धालु आया है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटा है। 51 शक्ति पीठों में से एक मां का यह धाम में मां महामाया देवी के आशीर्वाद से हर संकट दूर हो जाता है। कुंवारी कन्याओं को यहां पर सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं, तो लोगों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इसका निर्माण राजा रत्नदेव प्रथम

शनि शिंगणापुर मंदिर की कहानी : पत्थर से बहा खून, फिर होने लगा चमत्कार

Shani Shingnapur Situated in Nevasa taluka in Ahmednagar district, the village is known for its popular temple of Shani, the Hindu god associated with the planet (graha) Saturnशनि शिंगणापुर. महाराष्ट्र के नासिक शहर के पास शिंगणापुर गांव में न्याय के देवता शनिदेव का अतिप्राचीन मंदिर हैं। यहां शनिदेव की अत्यंत प्राचीन पाषाण की प्रतिमा हैं।प्राचीनकाल से ही इस प्रतिमा को स्वयंभू माना जाता आया हैं। अहमद नगर जिले में स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर की महिमा अपरंपार है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव न्याय के देवता हैं। वे हर जीव-जंतु को

बारसूर में मामा भांजा मंदिर दर्शन के लिए देश-दुनिया से पहुंचते हैं पर्यटक

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां धार्मिक स्थालों को देखने के लिए देश-दुनिया से पर्यटक आते हैं। जगदलपुर और दंतेवाड़ा क्षेत्र में भी बारसूर की ऐतिहासिक धरोहरें कुछ ऐसी ही हैं, जिन्हें देखने के लिए हर साल दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कोई यहां के धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं, तो कोई यहां के गौरवशाली इतिहास का जीवंत नजरा देखने आते हैं। छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक ज्ञात पुरातात्विक स्थलों में से एक हैं, बारसूर के प्रारंभिक इतिहास के बारे में विद्वानों के बीच कोई

छत्तीसगढ़ में दाढ़ी मूंछों वाले सालासर बालाजी भगवान का हैं धाम

Shri Bala Ji Salasar Dham, raipur| Salasar Balaji Dham| Shree salasar balaji dham mandir salasar raipur chhattisgarh labhandi agrasen dham raipurरायपुर. राजस्थान के चूरू जिले में स्थित सालासर बालाजी हनुमानजी के मंदिर की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी सालासर बालाजी का भव्य मंदिर बनाया गया हैं। लभांडी स्थित अग्रसेन धाम में सालासार बालाजी मंदिर में धूमधाम के साथ सालासर बालाजी भगवान हनुमान और अखंड ज्योति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। मंदिर में बनाई गई 36 कमरों की वातानुकुलित धर्मशाला का लोकर्पण किया गया। स्थापना महोत्सव में मुख्यमंत्री रमन सिंह

माता रमई भक्तों की करती हैं मनोकामना पूरी, निःसंतान दंपत्ति यहां से मांगकर ले जाते हैं संतान सुख

नवापारा-राजिम : फिंगेश्वर से 10 किमी. दूर ग्राम सोरिदखुर्द में स्थित मॉं रमईपाट धाम माता भक्तों के लिए पवित्र धाम है । इस मंदिर के प्रति भक्तों में अगाध श्रद्धा है । कभी बियाबान रहा रमईपाट धीरे-धीरे धार्मिक पर्यटन स्थल में परिणित हो रहा है । साल भर यहॉं श्रद्धालु भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, विशेषकर चैत्र व क्वांर नवरात्र में मानो यहॉं मेला लगा रहता है । इस वर्ष चैत्र नवरात्र में जलाये गए 1089 मनोकामना ज्योत इस बात को प्रमाणित करते हैं, इस मंदिर के प्रति लोग

चमत्कारिक है माता बमलेश्वरी देवी का मंदिर, PM से लेकर CM तक आते हैं दर्शन करने

maa bamleshwari devi dongargarh

(maa bamleshwari devi mandir dongargarh at chhattisgarh)डोंगरगढ़. छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में हरी-भरी वादियों के बीच झील किनारे मां बमलेश्वरी हजार सीढिय़ां चढऩे पर दिव्य दर्शन देती हैं। मान्यता हैं कि माता के आशीर्वाद मात्र से ही शत्रु परास्त हो जाते है। ऐसा चमत्कार कई भक्तों के साथ हुआ भी हैं। मां बमलेश्वरी को मां बगलामुखी का रूप भी माना जाता है। मां अपने भक्तों को विजय का वरदान देती हैं। साल के दोनों नवरात्रों में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और मां के दर्शन कर भक्त खुद को धन्य

डॉ. आंबेडकर की जन्मस्थली पर है भव्य स्मारक, यहां पीएम मोदी, राष्ट्रपति कोविंद समेत कई दिग्गज नवा चुके हैं शीश

ambedkar smarak mhow

डॉ. आंबेडकर नगर (महू, जिला इंदौर)। 14 अप्रैल 1891 को महू (जो अब डॉ. आंबेडकर नगर) में सूबेदार रामजी शकपाल एवं भीमाबाई की चौदहवीं संतान के रुप में डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्म हुआ। व्यक्तित्व में स्मरण शक्ति की प्रखरता, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी, सच्चाई, नियमितता, दृढ़ता, प्रचंड संग्रामी स्वभाव का मणिकाचंद मेल था। दलितों के मसीहा डॉ. बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की उनकी जन्मस्थली पर देशदुनिया से आने वाले लोग अर्चना करते हैं। यहां बाबा साहेब की भव्य स्मारक बनाई गई है, जिसमें पीएम मोदी, राष्ट्रपति कोविंद समेत कई दिग्गज शीश

भक्तों की श्रद्धा देख जागृत हो गए अरन्या बालाजी, सिर्फ एक काम करने से प्रसन्न हो जाते हैं ये हनुमानजी

hanuman jayanti 2018 special

अरन्या. ग्राम अरन्या में प्राचीन काल से विराजे भगवान हनुमानजी के चमत्कार की अलग ही कहानी हैं। चिंताहरणमनसापूर्ण श्रीहनुमान मंदिर में भक्तों की अटूट श्रद्धा-आस्था देख हनुमानजी जागृत हो गए और यहां भक्तों की मनोकामनाएं देखते ही देखते पूरी होने लगी। पं. मुकेश शर्मा बताते हैं कि भगवान के चरणों में सच्चे मन से मनोकामना मांगने पर तत्काल परिणाम मिलता है। पिछले करीब 5-6 सालों में भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान हनुमान जी ने कई लोगों की मनोकामनाएं पूरी की है। इसलिए यहां प्राचीन काल से विराजे हनुमानजी के

बालोद के जलेश्वर महादेव मंदिर में बन रहा ॐ नम: शिवाय मंत्र का अनोखा रिकार्ड

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बालोद. दशौदी तालाब स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ हैं। यहां ओम नमः शिवाय मंत्र निधि अर्पण का तीन दिवसीय महोत्सव आयोजन से क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है। कोलकाता से पहुंचे नौ वैदिक पंण्डितों द्वारा विशेष पूजा अर्चना के साथ तीन करोड़ से भी अधिक ओम नमः शिवाय मंत्रों का अभिषेक किया जा रहा है। गौरतलब है कि 4 जुलाई 2012 से यहां भक्तों के द्वारा ओम नमः शिवाय मंत्र का लेखन कार्य अनवरत जारी है। और अब तक 19 करोड़ 97 लाख 90 हजार 132 मंत्र

चमत्कारिक है श्री अमरवास बालाजी मंदिर, दूर-दूर से आते हैं भक्त!

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(Amazing Story of Shree Amarwas Balaji Temple At Garoth Mandsaur In Hindi) गरोठ. संकट मोचन हनुमानजी के मंदसौर के गरोठ स्थित चमत्कारिक मंदिर में दूर-दूर से आस्था और विश्वास के साथ आते हैं। यहां श्री अमरवास बालाजी मंदिर एक प्रार्थना मात्र से सारे संकट दूर कर देते हैं। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ से करीब डेढ़ किमी दूर गांव बरखेड़ा के पास हैं। यहां हर मंगलवार और शनिवार को बालाजी की विशेष आराधना की जाती हैं। पुजारी कुलदीप (विक्की भैया) जोशी बताते हैं कि बालाजी के चोले के लिए श्रद्धालुओं की लम्बी

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