शनिदेव को तेल चढ़ाते समय न करे ये गलती वरना व्यर्थ है पूजा :o

दोस्तों मान्यता है कि शनिदेव हमारे कर्मों का फल प्रदान करते हैं। कुंडली में शनि अशुभ हो तो हर शनिवार शनिदेव को तेल चढ़ाना चाहिए। यह उपाय सभी राशि के लोग कर सकते हैं। जो लोग ये उपाय नियमित रूप से करते रहते हैं, उन्हें साढ़ेसाती और ढय्या में भी शनि की कृपा प्राप्त होती है। आज में आपको कुछ ऐसी बातें बताऊंगा जो शनिदेव को तेल चढ़ाते समय हमे ध्यान रखनी चाहिए… वीडियो देखे : https://youtu.be/pfG9kIHEsYsअगर इन बातों को ध्यान में रखते हुए शनिदेव को तेल चढ़ाया जाएतो वे जल्दी प्रसन्न होते

इस श्रावण महीने घर के पास लगाएं बेल पत्र का वृक्ष, भोलेनाथ की कृपा से दूर होंगी जीवन की कई मुसीबते :o

हिन्दू धर्म में भगवान शिव की महिमा के बारे में बताने की जरुरत नहीं है। भगवान शिव को भोलेनाथ के नाम से इसलिए जाना जाता है कि ये बहुत ही भोले हैं और अपने सभी भक्तों का कल्याण करते हैं। ये अपने किसी भक्त में कोई अंतर नहीं करते हैं। भगवान शिव की भक्ति वैसे तो पुरे साल की जाती है, लेकिन सावन में भगवान शिव की भक्ति का विशेष फल मिलता है। शास्त्रों के अनुसार सावन भगवान शिव का सबसे पसंदीदा महिना होता है। इस महीने में एक लोटे जल

राशि के अनुसार जाने किस भगवान की पूजा करना आपके लिए रहेगा शुभ :D

दोस्तों हमारे हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता हैं. ऐसे में इन सभी की पूजा आरधना करना और इन्हें प्रसन्न करना थोड़ा मुश्किल काम हो जाता हैं. इसीलिए आज हम आपको बताएँगे कि आप किस भगवान की अधिक पूजा आराधना करेंगे तो आपको सबसे ज्यादा लाभ होगा. हर राशि के गृह नक्षत्र के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में एक भगवान का जिक्र किया गया हैं जो उस राशि वाले जातक से जल्दी प्रसन्न होते हैं. आज हम इसी बारे में आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं. राशि के अनुसार करे इन

नवरात्रि की सिद्ध साधनायें! पूर्ण होंगी सब आपकी कामनायें!

नवरात्रि की सिद्ध साधनायेंनवरात्रि में सभी देवी देवता जाग्रत अवस्था में रहते हुये अत्यधिक प्रसन्न व आनंदित रहते हैं। अधिकांशत साधक अपनी कार्य सिद्ध हेतु नवरात्रि में साधनायें करते हैं। मंत्रोपचार द्वारा द्वारा कार्य सिद्धि के संदर्भ यह तय है कि मंत्र जाप- निश्चित जप शंख्या के साथ निष्ठापूर्वक भक्तिभाव से किया जावे तो असम्भव कार्य भी सम्भव हो जाते हैं पर कार्य सिद्धि में नाना प्रकार की बाधायें आती हैं , इन बाधाओं को नवरात्रि पर्व पर साधनाओं द्वारा ही क्षीण किया जा सकता है। शत्रुबाधा , विवाहबाधा, आर्थिक संकट रोगकष्ट

गुप्त नवरात्रि में इन तिथियों पर करें यह काम, देवी मां कभी नहीं होने देगी धन की कमी

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि देवी मां के महासंयोग लेकर आई हैं। सालों बाद देवी मां की कृपा भक्तों पर फिर एक बार बरसने वाली हैं। कुछ चीजें गुप्त होती हैं, तो कुछ प्रकट होती हैं। शक्ति भी दो प्रकार की होती है, एक आंतरिक और दूसरी बाह्य। मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि के दौरान अन्य नवरात्रि की तरह ही पूजन करने का विधान है। सभी नौ दिनों में उपवास का संकल्प लेकर प्रतिपदा यानी पहले दिन घटस्थापना की जाती हैं। भगवती आराधना के नौ दिनों को गुप्त नवरात्र कहा जाता है

यह काम करने पर शुक्र देता है संजीवनी विद्या और मालामाल होने का वरदान

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रमुखता प्राप्त है। प्राचीन समय से ही ‘शुक्र’ को शुभ ग्रह मानते हुए समस्त मांगलिक कार्यों में इसकी शुभ स्थिति देखी जाती है। इसे ‘भोर का तारा’ तथा ‘सांयकाल का तारा’ भी मानते आये है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शुक्र दैत्यों के गुरु हैं। ये सभी विद्याओं व कलाओं के ज्ञाता हैं। ये संजीवनी विद्या के भी ज्ञाता हैं। यह ग्रह आकाश में सूर्योदय से ठीक पहले पूर्व दिशा में तथा सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में देखा जाता है। शुक्र भगवान शंकर की घनघोर

श्रावण मास : शिवजी प्रसन्न हो जाएंगे इस पूजा से, इन तिथियों पर करें आराधना

उज्जैन.भगवान शिव का पवित्र सावन मास साल 2018 में 28 जुलाई से शुरु होने जा रहा हैं। मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर की नगरी में इसकी अलग ही धूम होती हैं। इस बार भी भगवान महाकालेश्वर के भक्त जोरों-शोरों से तैयारियों में जुट गए है। साल 2018 में सावन मास 28 जुलाई को शुरु होगा और 30 जुलाई को पहला श्रावण सोमवार है। ज्योतिषियों के मुताबिक श्रावण मास की तिथि 27 जुलाई को ही लग जाएगी मगर उदया तिथि 28 से होने के कारण सावन की शुरुआत 28 जुलाई से

शुक्र का सिंह राशि में गोचर- 5 जुलाई 2018

शुक्र ग्रह को भौतिक सुखों का कारक माना गया है। कुंडलीमें शुक्र के शुभ प्रभाव से वाहन, घर, महंगे वस्त्र, आभूषण जैसे तमाम सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है। शुक्र को कला, सौंदर्य और वैवाहिक सुख का कारक भी माना गया है, इसलिए ग्लैमर की दुनिया से जुड़े व्यक्तियों पर इसका गहरा प्रभाव होता है। वहीं शुक्र की कृपा से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आती है। शुक्र ग्रह को वृषभ और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। यह मीन राशि में उच्च भाव में होता है और कन्या राशि में

योगिनी एकादशी व्रत की विधि, इसका महत्व तीनों लोकों में है प्रसिद्ध

yogini ekadashi 2018 date and time shubh muhurat vrat vidhi and katha pujan vidhi in hindiआषाढ मास के कृ्ष्ण पक्ष की एकादशी योगिनी एकादशी कहलाती है. इस व्रत को करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते है.. और इस लोक में तथा परलोक में व्यक्ति को मुक्ति प्राप्त होती है. इस एकादशी का महत्व तीनों लोकों में प्रसिद्ध है. योगिनी एकादशी व्रत करने से पहले की रात्रि में ही व्रत का नियम शुरु हो जाता है. दशमी तिथि की रात्रि में ही व्यक्ति को जौं, गेहूं और मूंग की दाल

आँखों को स्वस्थ रखें सूर्य उपासना से, जानिये सूर्य के बारे में खास बातें, क्या है लाभ

सूर्य कुण्डली में आरोग्य शक्ति व पिता के कारक ग्रह होते है।  जब जन्म कुण्डली में सूर्य के दुष्प्रभाव प्राप्त हो रहे हों या फिर सूर्य राहू.केतू से पीडित हों तो सूर्य से संम्बधित उपाय करना लाभकारी रहता है । विशेष कर ये उपाय सूर्य गोचर में जब शुभ फल न दे रहा हों तो इनमें से कोई भी उपाय किया जा सकता है । सूर्य के उपाय करने पर अन्य अनिष्टों से बचाव करने के साथ.साथ व्यक्ति में रोगों से लडने की शक्ति का विकास होता है। इसके अलावा

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