सीता नवमी 2018: सीता नवमी व्रत से पाएं सौभाग्य का वरदान

शास्त्रों के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन पुष्य नक्षत्र में जब महाराजा जनक संतान प्राप्ति की कामना से यज्ञ की भूमि तैयार करने के लिए हल से भूमि जोत रहे थे, उसी समय पृथ्वी से एक बालिका का प्राकट्य हुआ.. जोती हुई भूमि को तथा हल की नोक को भी सीत कहा जाता है, इसलिए बालिका का नाम सीता रखा गया।इस दिन वैष्णव संप्रदाय के भक्त माता सीता के निमित्त व्रत रखते हैं और पूजन करते हैं। मान्यता है कि जो भी इस दिन व्रत

इस बार अक्षय तिथि नहीं है अक्षय!

अक्षय तृतीया भागवत अवतार की तिथि होने से विशेष होती है इसी अक्षय पुण्यतिथि को भगवान ब्रम्हर्षि परशुराम का अवतार हुआ था अक्षय तृतीया युगादि तिथि होने के कारण परम पुनीत हैइस वर्ष अंग्रेजी तारीख के अनुसार 18 अप्रैल 2018 दिन बुधवार को सूर्योदय से लेकर रात्रि एक बज कर 30 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी बुधवार को कृतिका नक्षत्र सूर्योदय से रात्रि 12रू00 बज कर 28 मिनट तक रहेगा व्यापार के लिए कृतिका नक्षत्र अशुभ है उदय काल से लेकर 5रू15 संध्या तक आयुष्मान योग व्याप्त रहेगा इसके पश्चात

सोमवती अमावस्या: पांडव जीवनभर तरसे इस महासंयोग के लिए, आज इस 1 मंत्र का जाप करें होगी धन वर्षा

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साल में एक बार सोमवार को पडऩे वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। इस साल आज यानी 15 अप्रैल सुबह 8.37 से 16 अप्रैल 07.27 बजे तक अमवस्या है। इस दिन के महासंयोग के लिए पांडव जीवनभर तरसे थे। आज के दिन कुछ जरूरी उपाय कर लेने से पुण्य प्राप्त किया जा सकता हैं। ग्रंथों में बताया गया हैं कि सोमवार को अमावस्या बड़े भाग्य से आती हैं। पांडव पूरे जीवन तरसते रहे थे, लेकिन सोमवार को सोमवती अमावस्या नहीं आई थी। आज के दिन नदियों तीर्थों में स्नान, गोदान,

श्रीविष्णु अवतार परशुराम अक्षय तृतीया को जन्मे, इसलिए उनकी शस्त्र शक्ति अक्षय थी

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इस बार रामनवमी की भांति अक्षय तृतीया भी भागवत अवतार की तिथि होने से विशेष होती है इसी अक्षय पुण्यतिथि को भगवान ब्रम्हर्षि परशुराम का अवतार हुआ था अक्षय तृतीया युगादि तिथि होने के कारण परम पुनीत है इस वर्ष अंग्रेजी तारीख के अनुसार 18 अप्रैल 2018 दिन बुधवार को सूर्योदय से लेकर रात्रि एक बज कर 30 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी बुधवार को कृतिका नक्षत्र सूर्योदय से रात्रि 12:00 बज कर 28 मिनट तक रहेगा व्यापार के लिए कृतिका नक्षत्र अशुभ है उदय काल से लेकर 5:15 संध्या तक

शनिवार को कीजिए यह टोटके, बदलेगी किस्मत, देखते ही देखते खत्म हो जाएगा बुरा समय

शनि दोष के लक्षण,

कुछ ही समय में अगर कोई व्यक्ति को देखते ही देखते अमीर बन जाए तो हम कहते हैं कि इसके तो वारे-न्यारे हो गए हैं और हम भी उसके जैसी सफलता पाना चाहते हैं। ज्योतिषियों के अनुसार अगर कुंडली में शनि, राहु-केतु के दोष दूर हो जाएं तो ऐसा संभव हैं। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना गया हैं। इस दिन अगर हनुमानजी की भी पूजन की जाए तो शनि के साथ राहु-केतु भी आसानी से शांत हो जाते हैं। शनिदेव की कृपा प्राप्त

हनुमान जन्मोत्सव: हनुमान जी की कृपा कैसे पायें ? और हनुमानजी को लेकर फैली कुछ भ्रांतियां?

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हनुमान जी की कृपा आसानी से पाई जा सकती है .. अपने मन में शांति, पवित्रता, ब्रह्मचर्य, एकाग्रता, निष्ठा और भक्ति का भाव रखेंगे तो भगवान हनुमान जी की कृपा जरूर प्राप्त होगी... कलिकाल में बहुत सारे भ्रम फैले हुए हैं जैसे हनुमान जी की पूजा स्त्रियां नहीं कर सकती.. किन्तु भगवान लिंग से परे होते हैं ... हनुमानजी की पूजा कोई भी कर सकता है ... सभी स्त्री पुरुष बच्चे हनुमान जी का मंत्र-जाप, पूजा-पाठ व्रत कर सकते हैं इसमें कोई भी हानि किसी की भी नहीं हो सकती

अप्रैल 2018 : इस माह के यह हैं प्रमुख व्रत, पर्व और त्योहार

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(hindu festivals calendar 2017 in hindi festivals in the month of april vrat tyohar)साल 2018 का चौथे माह अप्रैल (april 2018 festival) में कई उत्सव, व्रत, पर्व और त्योहार हैं। हमें पहले से ही व्रत, पर्व और त्योहारों के बारे में जानकारी मिल जाए तो हम पहले से ही तैयारियां कर सकते हैं। इसके साथ ही हम अपने ईष्ठ देव की पूजन हम पूर्व विधि विधान से कर सकते हैं। कुछ इसी तरह की बातों को ध्यान में रखते हुए धर्म कथाएं डॉट कॉम  ( http://dharmakathayen.com ) आपको बताने जा

हनुमान जन्मोत्सव पर 9 सालों बाद आया यह महासंयोग, इन उपायों और इस विधि से पूजा से प्रसन्न हो जाएंगे बजरंगबली

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 spirituality religion hanuman jayanti 2018 why celebrate hanuman jayanti two times in year in hindi story हर साल भगवान हनुमानजी की जन्मोत्सव चैत्र मास (हिंदू माह) की पूर्णिमा को मनाई जाती हैं। इसके साथ ही कार्तिक मास (हिंदू माह) के कृष्ण पक्ष के चौदहवें दिन भी मनाते हैं। हम हनुमान जन्मोत्सव पर शुभ मुहूर्त बता रहे हैं, शुभ मुहूर्त में पूजन करने से भगवान प्रसन्न होते हैं, ऐसी मान्यता हैं। इस दिन को भगवान हनुमानजी के भक्त भगवान का जन्मदिन के रुप में मनाकर पूजन आराधना करते हैं।साल 2018 की हनुमान

Ram Navami 2018: जानिए अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

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Ram Navami 2018 Date: Ashtami 2018, Ram Navami 2018 Kanya Puja Vidhi, Shubh Muhurat ram navami 2018 date in india ashtami 2018 date when is rama navami this year and what is puja shubh muhurat check them hereराम जन्म भूमि अयोध्या में भगवान राम के पराक्रम और गौरव का राम नवमी पर पर्व मनाया जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं। साल 2018 में 25 मार्च को राम नवमी पर्व मनाया जा रहा हैं। चैत्र मास की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक नवरात्रि मनाई जाती है। चैत्र मास की

नवरात्र : छठवें दिन होती हैं मां कात्यायनी की आराधना, श्रेष्ठ दांपत्य और श्रेष्ठ संतान का मिलता है आशीर्वाद!

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(navratri 2018 worship maa katyayani puja for marriage in hindi)नवरात्र के छठवें दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती हैं। धामिक मान्यता हैं कि मां कात्यायनी की पूजन-अर्चन से विवाह के प्रबल योग बनते हैं, जिन कन्याओं के विवाह में परेशानी पैदा हो रही हैं, उनके लिए मां कात्यायनी का मंत्र जाप करना फायदेमंद होता हैं। कहा जाता हैं कि नवरात्र के छठवें दिन मां की आराधना की जाए तो बहुत कम समय में फायदा मिलता हैं, मां जल्द प्रसन्न होती हैं। पौराणिक कथा हैं कि मां कात्यायनी का जन्म महर्षि

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