2018 की शनि जयंती 15 मई को, दुर्भाग्य दूर करने के लिए शनिदेव की पूजा में इन बातों का जरुर रखें ध्यान

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शनिदेव यानी न्याय के देवता की जयंती साल 2018 में 15 मई को ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन मनाई जाएगी। इस मौके पर शनिदेव की आराधना के लिए भक्त पहले से ही तैयारियों में जुटे हुए हैं। वहीं शनि मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना के साथ हमेशा की तरह शनि महाराज का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है, शनिदेव अन्याय करने वालों को सजा जरुर देते हैं। इसी वजह से मनुष्य के हर अच्छे बुरे काम का फल शनिदेव

Fastivals May 2018 : मई 2018 माह में यह प्रमुख व्रत, पर्व और त्योहार

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(hindu festivals calendar 2018 in hindi festivals in the month of april vrat tyohar)साल 2018 का पांचवे माह मई (may 2018 festival) में कई उत्सव, व्रत, पर्व और त्योहार हैं। हमें पहले से ही व्रत, पर्व और त्योहारों के बारे में जानकारी मिल जाए तो हम पहले से ही तैयारियां कर सकते हैं। इसके साथ ही हम अपने ईष्ठ देव की पूजन हम पूर्व विधि विधान से कर सकते हैं। कुछ इसी तरह की बातों को ध्यान में रखते हुए धर्म कथाएं डॉट कॉम  ( http://dharmakathayen.com ) आपको बताने जा

आज भी प्रासंगिक और प्रेरक हैं भगवान बुद्ध के विचार: डॉ. रमन सिंह

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 30 अप्रैल को भगवान गौतम बुद्ध की जयंती (बुद्ध पूर्णिमा) के अवसर पर जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर आज यहाँ जारी शुभकामना संदेश में कहा- सत्य, अहिंसा, दया और करुणा जैसे सर्वोत्तम मानव मूल्यों पर आधारित भगवान बुद्ध के मूल्यवान विचार ढाई हजार साल का लम्बा वक्त गुजर जाने के बावजूद आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- छत्तीसगढ़ के जनजीवन पर भी सैकड़ों वर्षों से भगवान बुद्ध के उपदेशों

नाशय रोग हरे सब पीड़ा

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किसी बच्चे को लगातार चोट लगती रहती है तो कोई गिरता ही रहता है.. बच्चो में खेलने की आदत तो होती ही है किन्तु किसी को चोट मोच ज्यादा लगती है तो कोई सुरक्षित बच जाता है.. कई बार बड़ो को भी चोटिल होते देख सकते हैं.. इस प्रकार के चोटों को ज्योतिषीय गणना से आसानी से देखा जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति के लग्नेश, द्वितीयेश, तृतीयेश, एकादशेश मंगल हो और इन स्थानों पर हो अथवा अपने स्थान से छठवे आठवे या बाहरवे स्थान पर हो जाए तो ऐसे

भौतिक सुख में कमी – शुक्र राहू का दोष –

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ग्रह, नक्षत्र जीवन पर ही नहीं वरन् अपसे जुझी वस्तुओं पर भी पूरा प्रभाव डालते हैं। अगर आपका मोबाईल लगातार खराब हो रहा हों इसके अलावा आपके घर पर फ्रीज, टीवी, लाईट इत्यादि इलेक्टानिक वस्तुए लगातार रिपेयर में जा रही हों अथवा एक चीज सुधरवाने पर दूसरी बिगड़ रही हो, तो यह बहुत सामान्य बात नहीं है। इस प्रकार से वस्तुओं के लगातार खराब होने का ज्योतिषीय कारक होता है। अगर आपकी भी इलेक्टानिक चीजें लगातार खराब हो रही हों अथवा एक के बाद एक चीजें मरम्मत में जा रही

मोहिनी एकादशी व्रत से पायें एक हजार गौदान का फल

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वैशाख शुक्ल एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है.. मान्यता है कि इस एकादशी के व्रत से व्रती मोह माया से ऊपर उठ जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है... मान्यता है कि वैशाख शुक्ल एकादशी के दिन ही भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था..भगवान विष्णु ने सुमुद्र मंथन के दौरान प्राप्त हुए अमृत को देवताओं में वितरीत करने के लिये मोहिनी का रूप धारण किया था... कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन हुआ तो अमृत प्राप्ति के बाद देवताओं व असुरों में आपाधापी मच

कुंडली के योग से बनाये जीवन में संतुलन 

गुरु से बनने वाला योग गजकेसरी योग gajkesari-yog-hindi

आज के आधुनिक दौर में किसी भी व्यक्ति को सभी क्षेत्र में माहिर होना जरूरी है। व्यक्ति के जीवन में संतुलन होना चाहिए। व्यक्तित्व के संतुलन से हमारा अभिप्राय मनुष्य के सर्वागीण विकास से है। ऐसे व्यक्ति जीवन के पग.पग पर आने वाली कठिनाइयोंए प्रतिकूलताओं से सरलता एवं आसानी से बाहर आ सकता और जब जैसी जरूरत हो वैसा कार्य व व्यवहार करने में सक्षम होता है। संतुलित व्यक्तित्व में आन्तरिक संघर्ष नहीं आतेए ऐसे प्रतिद्वन्द्वी विचार उदित नहीं होते जिससे निर्णय शक्ति का ह्रास हो।संतुलित व्यक्ति आनन्दए जोशए उल्लास

सीता नवमी 2018: सीता नवमी व्रत से पाएं सौभाग्य का वरदान

शास्त्रों के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन पुष्य नक्षत्र में जब महाराजा जनक संतान प्राप्ति की कामना से यज्ञ की भूमि तैयार करने के लिए हल से भूमि जोत रहे थे, उसी समय पृथ्वी से एक बालिका का प्राकट्य हुआ.. जोती हुई भूमि को तथा हल की नोक को भी सीत कहा जाता है, इसलिए बालिका का नाम सीता रखा गया।इस दिन वैष्णव संप्रदाय के भक्त माता सीता के निमित्त व्रत रखते हैं और पूजन करते हैं। मान्यता है कि जो भी इस दिन व्रत

इस बार अक्षय तिथि नहीं है अक्षय!

अक्षय तृतीया भागवत अवतार की तिथि होने से विशेष होती है इसी अक्षय पुण्यतिथि को भगवान ब्रम्हर्षि परशुराम का अवतार हुआ था अक्षय तृतीया युगादि तिथि होने के कारण परम पुनीत हैइस वर्ष अंग्रेजी तारीख के अनुसार 18 अप्रैल 2018 दिन बुधवार को सूर्योदय से लेकर रात्रि एक बज कर 30 मिनट तक तृतीया तिथि रहेगी बुधवार को कृतिका नक्षत्र सूर्योदय से रात्रि 12रू00 बज कर 28 मिनट तक रहेगा व्यापार के लिए कृतिका नक्षत्र अशुभ है उदय काल से लेकर 5रू15 संध्या तक आयुष्मान योग व्याप्त रहेगा इसके पश्चात

सोमवती अमावस्या: पांडव जीवनभर तरसे इस महासंयोग के लिए, आज इस 1 मंत्र का जाप करें होगी धन वर्षा

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साल में एक बार सोमवार को पडऩे वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते हैं। इस साल आज यानी 15 अप्रैल सुबह 8.37 से 16 अप्रैल 07.27 बजे तक अमवस्या है। इस दिन के महासंयोग के लिए पांडव जीवनभर तरसे थे। आज के दिन कुछ जरूरी उपाय कर लेने से पुण्य प्राप्त किया जा सकता हैं। ग्रंथों में बताया गया हैं कि सोमवार को अमावस्या बड़े भाग्य से आती हैं। पांडव पूरे जीवन तरसते रहे थे, लेकिन सोमवार को सोमवती अमावस्या नहीं आई थी। आज के दिन नदियों तीर्थों में स्नान, गोदान,

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