श्रावण सोमवार व्रत ऐसे करें, प्रसन्न हो जाएंगे भगवान शिव

श्रावण मास को ताप और श्राप का मास माना जाता है और इस मास में भगवान शिव के साथ माता पावर्ती तथा श्री गणेश की भी आराधना का महत्व है। जिसमें भगवान शिव का यथोपचार, विधि-विधान और पूजन सामग्री से पूजा की जाती है। शास्त्र विधान के अनुसार सोमवार का व्रत रखना अति श्रेष्ठ माना जाता है। सोमवार व्रत के पालन में तीन प्रमुख विधान हैं -इसमें नियमित वार व्रत के रूप में सोमवार व्रत, दूसरा सोलह सोमवार का व्रत तथा तीसरा सौम्य प्रदोष व्रत। फल की दृष्टि से तीनों

कैसे होगी भाग्य का साथ सुख की बरसात!

भाग्यम् फलति सर्वत्र, न च विद्या, न च पौरुषम् ... अर्थात् भाग्य ही व्यक्ति को वांछित फल प्रदान करता है। विद्या और पौरुष, अर्थात् ज्ञान और उद्यम निष्कल हो जाते हैं। भाग्य के महत्त्व को उद्यमी पुरुष भी तब स्वीकार करने के लिए विवश हो जाता है, जब बार-बार उद्यम करने पर भी उसे असफलता प्राप्त होती है तथा सक्षम होने के उपरान्त भी बारम्बार निराशा ही प्राप्त होती है। भाग्यशाली व्यक्ति अल्प समय में ही बिना अधिक उद्यम के सफलता के शिखर तक पहुंच जाता है और ऐसा इसलिए होता

श्रवण मास में शनि पूजा से दूर करें कष्ट, शिवजी ने शनिदेव को दिया था वरदान

शनिदेव परम शिव भक्त हैं और शिव के आदेश के मुताबिक ही शनि जगत के हर प्राणी को कर्मों के आधार पर दण्ड देते हैं। इसीलिए शनि या राहु आदि ग्रह पीड़ा शांति के लिए शिव की पूजा खासतौर पर शनिवार, सोमवार को बहुत ही कारगर होती है। भगवान शिवजी ने उन्हें वरदान देते हुए कहा कि नवग्रहों में तुम्हारा स्थान सर्वश्रेष्ठ रहेगा। तुम पृथ्वीलोक के न्यायाधीश व दंडाधिकारी रहोगे। साधारण मानव तो क्या- देवता, असुर, सिद्ध, विद्याधर और नाग भी तुम्हारे नाम से भयभीत रहेंगे। भगवान शिव की कृपा हो जाए

इस सावन के सोमवार को कीजिये ये छोटा सा उपाय, भोलेनाथ करेंगे सभी मनोकामनाओं की पूर्ति :o

सावन के महीने की हिंदू धर्म में ख़ास अहमियत होती है। इस महीने को बहुत ही पवित्र महीना भी माना जाता है। इस महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने पर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएँ पूरी हो जाती हैं। इस बार सावन 28 जुलाई से शुरू हो रहा है। भगवान शिव को वैसे तो हर दिन पूजा जाता है और ख़ासतौर से सोमवार को भगवान शिव का दिन माना जाता है। सोमवार को हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग भगवान शिव की पूजा करते हैं।अगर सावन के

सावन में शिवलिंग पर भूलकर भी ना अर्पित करें यह चीजें, वरना होगा घोर अनर्थ :o

दोस्तों आप सभी लोगों को तो यह पता ही होगा कि 28 जुलाई से सावन का महीना आरंभ होने वाला है सावन के महीने में सभी जगह शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ लगने वाली है भोले बाबा के भक्त इनको प्रसन्न करने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे इनको प्रसन्न करने के लिए इनकी पूजा आराधना करेंगे और बहुत सी चीजें इनके ऊपर अर्पित भी की जाएगी जिससे भगवान शिव जी प्रसन्न हो जाए परंतु कई बार ऐसा देखा गया है कि भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के चक्कर

इस 1 मंत्र के जाप से आपका बुरा समय होगा दूर, सुबह उठते ही करें इसका उपयोग और देखें कमाल :o

इस दुनिया में हर जीव स्त्री और पुरुष खुश एवं सुखद जीवन व्यतीत करने के सुनहरे सपने देखते हैं. मगर कईं बार ना चाहते हुए भी बुरा समय और परेशानियाँ उन्हें आ घेरती हैं. ऐसे में लाख उपाय करने पर भी वः उन दुखों से मुक्ति पाने में असमर्थ रहते हैं. इस बात में कोई दो राय नहीं है कि भगवान ने हर मनुष्य के जीवन में सुख और दुःख बराबर के दिए हैं. पिछले कर्मों के अनुसार सबको निरंतर फल भोगना पड़ता है. ऐसे में अगर आप भी अपने जीवन

घर में रखते है गंगाजल, तो भूल कर भी न करे ये गलतियां !!!

इसमें कोई शक नहीं कि हर भारतीय घर में गंगाजल पाया जाता है. मगर कुछ लोग ऐसे भी है, जो गंगाजल को घर में रखने के नियम नहीं जानते. गौरतलब है, कि गंगाजल को इस दुनिया में सबसे पवित्र माना जाता है. ऐसे में पूजा पाठ के इलावा भारतीय शास्त्रों के अनुसार किसी भी चीज को शुद्ध करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए यदि आपके घर में गंगाजल है तो इसकी पवित्रता को बनाये रखना आपकी जिम्मेदारी है. बता दे कि इसकी पवित्रता को बनाये रखने के लिए

अगर आपके घर में भी हैं लड्डूू गोपाल ताेे जरूर पढ़ेें ये खबर :o

हर घर में लगभग लड्डू-गोपाल की पुजा की जाती है लोग सच्‍चे मन से अगर भगवान कृष्‍ण की पुजा, सेवा और करते हैं तो भगवान कृष्‍ण की दया दृष्टि हमेशा उनपर बनी रहती है। कहते हैं कि जिस घर में भगवान कृष्‍ण के बालपन की मूर्ति होती है उनकी सेवा एकदम बच्चे की तरह की जाती है, वहीं अगर कोई अपने घर में लड्डू गोपाल रखता है तो उसे कई तरह के नियमों का पालन भी करना होता है। आज हम आपको भी इन नियमों के बारे में बताने जा रहे

घर के दरवाजे पर बाँध लें ये छोटा सा लाल धागा और फिर देखें कैसे मिनटों में बदलेगा भाग्य :o

किसी भी शुभ कार्य से पहले या कोई भी पूजा करने से पहले तिलक किया जाता है और हाथों पर रक्षा सूत्र बांधते हैं फिर पूजा शुरू की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं, ये रक्षा सूत्र क्यों बाधी जाती है। कलावा बांधने की परंपरा तब से चली आ रही है, जब से महान, दानवीरों में अग्रणी महाराज बलि की अमरता के लिए वामन भगवान ने उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा था। इसे रक्षा कवच के रूप में भी शरीर पर बांधा जाता है। बताया जाता है कि इंद्र जब

भूलकर भी केवल जल कभी अर्पित न करें सूर्यदेव को, जरूर डाले ये दो चीज़ फिर देखें चमत्‍कार ..

भगवान भास्‍कर के तेज से ही पृथ्‍वी पर जीवन संभव हो पाया है इसलिए हिंदू धर्म में सूर्य देव की पूजा को काफी महत्‍वपूर्ण बताया गया है। शास्‍त्रों के अनुसार तो हर दिन भगवान सूर्य की पूजा करनी चाहिए लेकिन रविवार के दिन की गई पूजा अर्चना विशेष फलदायी होती है। ज्‍योतिष शास्‍त्रों में सूर्य को सभी ग्रहों का अधिपति कहा जाता है और सूर्य देव की पूजा हमारे जीवन की सभी परेशानियों को दूर कर देता है। यह भी कहा गया है कि अगर कुंडली में सूर्य ग्रह ठीक न

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