नवरात्रि के दिनों में ये 6 राशियां रहेंगी भाग्यशाली, महालक्ष्मी होंगी मेहरबान, मिलेगा धन लाभ ..

व्यक्ति के जीवन में राशियों का बहुत महत्व होता है राशियों के आधार पर व्यक्ति के आने वाले समय के बारे में पता लगाया जा सकता है, यदि ग्रह नक्षत्रों में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन होता है तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर कुछ ना कुछ अवश्य पड़ता है, अगर ग्रहों की स्थिति ठीक दशा में हो तो व्यक्ति को अपने जीवन में खुशियां ही खुशियां मिलती हैं परंतु ग्रहों की स्थिति ठीक दशा में ना हो तो व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है समय के

नवरात्रों में करें यह 4 गुप्त काम, आपकी इच्छा होगी पूरी, बन जाएंगे बिगड़े काम ..

जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं कि नवरात्रि का त्योहार बहुत ही जल्दी आने वाला है नवरात्रि का पवित्र त्यौहार 10 अक्टूबर से आरंभ होगा और नवरात्रि के पूरे 9 दिनों तक माता दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग पूजा की जाती है जो भक्त अपने सच्चे मन से माता रानी की पूजा अर्चना करता है उसकी पुकार माता अवश्य सुनती है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करती है, इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसी मां होगी जो अपने बच्चे को दुख में देख पाती होगी माता रानी अपने

माता इस वर्ष सिंह के बजाय नौका पर सवार आयेगीं, माता की सवारी इस वर्ष नौका रहेगी

माता इस वर्ष सिंह के बजाय नौका पर सवार आयेगीं चूंकि प्रतिपदा तिथि इस वर्ष बुधवार को पड रही है इसीलिये माता की सवारी इस वर्ष नौका रहेगी। इस वर्ष शरद ऋतु अंर्तगत पडने वाली शारदीय नवरात्र या महाकाली नवरात्र की महत्वपूर्ण तिथियां और उस दिन किया जाने वाले सफलता प्राप्ति के मंत्र जिनके जप से आप अप्रत्याशित लाभ प्राप्त कर सकते है । वे बालिकाऐं जिनके विवाह में अनावश्यक विलंब हो रहा है वे संपूर्ण नवरात्र में रोजाना प्रातः एवं संध्या काल के समय मंत्र ’ ऊॅं कात्यायनी महामाये

ये उपाय करने से हनुमान जी सपने में देते हैं दर्शन

हनुमान जी के दर्शन पाने के लिए अक्सर लोग मंगलवार के व्रत रखना और न जाने क्या-क्या टोटके करते हैं। लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जिन्हें करने से हनुमान जी सपनों में दर्शन देते हैं या फिर किसी अन्य रूप में आपको अपनी मौजूदगी का अहसास करवा सकते हैं। लेकिन यह कार्य थोड़ा सा कठिन है लेकिन यदि आपमें सच्ची मेहनत औऱ लगन है तो इस अनुष्ठान को आसानी से कर सकते हैं।गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित हनुमान अंक में बताया गया है। इस उपाय को हनुमान जयंती या

हमारी संस्कृति में श्रद्धा तत्व को जीवित रखने का उत्सव है श्राद्ध

स्वप्निल व्यास, इंदौर @ प्रारंभ से प्रारब्ध भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म में श्राद्ध का अपना विशेष स्थान है। श्राद्ध शब्द श्रद्धा से बना है और उसी से उसके गुप्त तात्पर्य पर प्रकाश पड़ता है। सत्कर्मों के लिए, सत्पुरुषों के लिए आदर की, कृतज्ञता की भावना रखना श्रद्धा कहलाता है। जिस व्यक्ति ने हमारे साथ उपकार किया है, हम उसका श्रद्धा सहित स्मरण करते हैं। इस स्मरण में भजन-पूजन के साथ-साथ भोजन की व्यवस्था भी रहती है। यह सम्मिलित रूप श्रद्धा कहलाता है। श्राद्ध एक प्रकार से मृत पूज्य व्यक्तियों के

श्राद्ध कौन हैं पितृगण? महिलाएं भी कर सकती हैं पितृ तर्पण

हमारे पूर्वज ही हमारे पितृगण हैं।हमारे पितृदेवता श्राद्धपक्ष में सूर्य के उदित होते ही सूक्ष्म-शरीर के रूप में (वायुरूप) सूर्य की रश्मियों पर सवार हो हमारे दरवाजे पर आकर खडे हो जाते हैं। जब उनका पुत्र उन्हें संकल्प सहित आमंत्रित करता है तभी वह ग्रह प्रवेश करते हैं ।और अपना भाग वायुरूप में ग्रहण कर सूर्य की वापस होती किरणों के साथ पितृ लोक को चले जाते हैं। जो पुत्र पितृऋण के तहत तर्पण नहीं करता तो पितर दुःखित कातर हो अपने पुत्र को श्रापित कर चले जाते हैं।पितृपक्ष के 15

मंगलवार को इन टोटके से करें हनुमान जी को प्रसन्‍न, नहीं रहेगी दरिद्रता

मंगलवार का दिन हनुमान जी का माना जाता है। लेकिन इस दिन को गणेश जी के लिए भी शुभ माना गया है। यह दिन कर्ज से मुक्ति के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। कहा जाता है कि मंगलवार के दिन किए जाने वाले आसान उपाय जो धन संपदा के साथ मन की शांति के लिए भी उत्तम माने गए हैं। हनुमान जी कलयुग में सबसे सक्रिय देवताओं में से एक हैं।   इस दिन पीपल की करें पूजा कहते हैं कि बजरंगबली की अराधना भक्तों के हर संकट को हर लेती है और उनके दुख-दर्द

जानिए आरती के बाद क्यों बोलते हैं कर्पूरगौरं मंत्र

किसी भी मंदिर में या हमारे घर में जब भी पूजन कर्म होते हैं तो वहां कुछ मंत्रों का जप अनिवार्य रूप से किया जाता है। सभी देवी-देवताओं के मंत्र अलग-अलग हैं, लेकिन जब भी आरती पूर्ण होती है तो यह मंत्र विशेष रूप से बोला जाता है-कर्पूरगौरं मंत्रकर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि।।ये है इस मंत्र का अर्थइस मंत्र से शिवजी की स्तुति की जाती है। इसका अर्थ इस प्रकार है-कर्पूरगौरं- कर्पूर के समान गौर वर्ण वाले।करुणावतारं- करुणा के जो साक्षात् अवतार हैं।संसारसारं- समस्त सृष्टि के

रविवार के दिन करें इनमें से कोई 1 उपाय, समस्त मुसीबतें होंगी दूर

सूर्य मानव शरीर में आत्मा का कारक माना जाता है। इस द्युलोक में सूर्य भगवान नक्षत्र तारों के मध्य में विराजमान रहकर तीनों लोकों को प्रकाशित करते हैं। पुराणों के अनुसार सूर्य देवता के पिता का नाम महर्षि कश्यप व माता का नाम अदिति है।मान्यताओं के आधार पर यदि सूर्य देव के कुछ उपाय किए जाए तो लाभ प्राप्ति होती है। प्रत्येक रविवार सूर्य का व्रत करने से व्रत करने वाले को नौकरी में उच्च पद और प्रतिष्ठा हासिल होती है। इसके अलावा रविवार को व्रत करने से नेत्र व

अनंत चतुर्दशी व्रत उद्यापन विधि, कथा, ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा

अनन्त चतुर्दशी का व्रत: दिनाँक 23/9/2018 दिन रविवार को अनन्त चतुर्दशी व्रत है। आईये जानें इस व्रत के बारे में। पंडित मनोज शुक्ला से। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है। इस व्रत में अनन्त के रूप में भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा होती है। अनन्त चतुर्दशी के दिन पुरुष दाहिने हाथ में तथा नारियाँ बाँये हाथ में अनन्त धारण करती हैं। अनन्त कपास या रेशम के धागे से बने होते हैं, जो कुंकमी रंग में रंगे जाते हैं तथा इनमें चौदह गाँठे होती हैं।

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