नींबू सहित : इन उपायों से करें मां काली को प्रसन्न, होगी हर कामना पूर्ण :o

आज का दिन मां काली की उपासना के लिये बहुत ही शुभ है। दस महाविद्याओं में से एक मां काली की पूजा-उपासना बहुत ही सिद्ध मानी गयी है। शक्ति की देवी हैं- मां काली। मां काली का उपासना से सभी तरह के भय और संकटों से छुटकारा मिलता है साथ ही रोगों से भी मुक्ति मिलती है।आज के दिन काली मां के "आं हीं क्रां भद्र काल्यैय नमः" मंत्र का 108 बार जप करके जीरे का भोग लगाएं। फिर उस भोग को ग्रहण करें। ऐसा करने से नजर दोष, टोना-टोटका सब नष्ट हो

सूर्यदेव को जल चढ़ाने के बाद जरूर करे ये 3 काम, ऐसा भाग्य चमकेगा कि आप भी हैरान रह जाओगे :o

दोस्तों हमारे हिन्दू धर्म में सूर्य का बहुत अधिक महत्व दिया गया हैं. आप ने देखा होगा कि कई लोग सुबह उठकर सूर्य को नमस्कार करते हैं. सूरज को जल्द चढ़ाने की परंपरा भी कई सदियों पुरानी हैं. इसका जिक्र हमारी हिन्दू पुराणों में भी किया गया हैं. सूर्य को जल चढ़ाने से हमें कई सारे लाभ मिलते हैं. सूर्यदेव को प्रसन्न करने से जीवन में सुख, अच्छी किस्मत, धन और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती हैं.आप में से कई लोग सूर्य को जल चढ़ाते होंगे. जो नहीं चढ़ाता हैं उनसे हमारी विनती

राशि के अनुसार जाने किस भगवान की पूजा करना आपके लिए रहेगा शुभ :D

दोस्तों हमारे हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवता हैं. ऐसे में इन सभी की पूजा आरधना करना और इन्हें प्रसन्न करना थोड़ा मुश्किल काम हो जाता हैं. इसीलिए आज हम आपको बताएँगे कि आप किस भगवान की अधिक पूजा आराधना करेंगे तो आपको सबसे ज्यादा लाभ होगा. हर राशि के गृह नक्षत्र के अनुसार ज्योतिष शास्त्र में एक भगवान का जिक्र किया गया हैं जो उस राशि वाले जातक से जल्दी प्रसन्न होते हैं. आज हम इसी बारे में आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं. राशि के अनुसार करे इन

जल चढ़ाते समय तुलसी के सामने केवल बोले ये 1 मंत्र,मन मांगी मुराद होगी पूरी (y)

धार्मिक परम्परा और औषधी के चलते इस तुलसी का मानव जीवन में बहुत अधिक महत्वता होती है .आप तो इस बात से अवगत ही होंगें की वर्षों से परंपरा चली आ रही है. कि घर में तुलसी का पौधा अवश्य रूप से होना चाहिए। सभी धार्मिक-पौराणिक ग्रंथ-शास्त्रों में तुलसी को पवित्र, पूजनीय, शुद्ध और देवी स्वरूप माना गया है।तुलसी का प्रतिदिन दर्शन करना जल अर्पित करना और माँ की प्रार्थना करना आपके लिए बहुत ही फलदाई सिद्ध होता है, यदि आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो आज ही लगाएं

रूठे गुरु को मनाये इस शक्तिशाली मन्त्र से, रातों रात मालामाल कर देंगी मां लक्ष्मी

हो सकता है कि आप स्वयं ही इधर-उधर से पूछताछ कर अथवा ग्रन्थों का अवलोकन करके किसी विद्या अथवा कल का ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं, आजकल तो गूगल बाबा ही सब ज्ञान दे देते हैं .. पर एक तो उसमे परिश्रम अधिक करना पड़ता है और फिर भी उस ज्ञान में अनेकों त्रुटियाँ रह सकती हैं .. आध्यात्म जैसे सूक्ष्म विषय के सम्बन्ध में तो अधिक कहना अनावश्यक ही है। क्योंकि अध्यात्म की सभी बातें या उनके विषय में हमारा मार्ग दर्शन वही व्यक्ति कर सकता है जो स्वयं

सूर्य नमस्कार से पायें स्वास्थ्य और शक्ति

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वैदिक युग से भगवान सूर्य की उपासना का उल्लेख मिलता हैं। ऋग्वेद में सूर्य को स्थावर जगत की आत्मा कहा जाता हैं। वैदिक युग से अब तक सूर्य को जीवन स्वास्थ्य एवं शक्ति के देवता के रूप में मान्यता हैं। छान्दोग्य उपनिषद में सूर्य को ब्रह्म कहा गया हैं।आदित्यों ब्रह्मेती। पुराणों में द्वादश आदित्य, सूर्यो की अनेक कथाएँ प्रसिद्ध हैं, जिनमें उनका स्थान व महत्व वर्णित हैं। धारणा हैं, सूर्य संबधी कथाओं को सुनकर पाप एवं दुर्गति से मुक्ति प्राप्त होती हैं। एवं मनुष्य का अभ्युत्थान होता हैं। हमारे ऋषियों

प्रेत बाधा से मुक्ति दिलाती है कुत्ते को खिलाई 1 रोटी, भैरव भगवान का सेवक है श्वान!

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कुत्ता मनुष्य के पालतू पशुओं में से एक महत्त्वपूर्ण जानवर है... हिन्दू धर्म के पुराणों में कुत्ते को यम का दूत कहा गया है... पालतू जानवर सबसे अच्छे साथी होते हैं, कुत्ता बड़ा ही संवेदनशील और होशियार जानवर माना जाता है क्योंकि कुत्ते वफादार होते हैं और घरों की रखवाली के लिए ये सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है... हिन्दू देवता भैरव का सेवक कुत्ते को माना जाता है... कुत्ते को भोजन देने से भैरव महाराज प्रसन्न होते हैं और हर तरह की मुसीबत्तों से अपने भक्तों की रक्षा करते

भगवान बृहस्पति की पूजा सभी प्रकार से फलदायी

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भगवान बृहस्पति सभी देवताओं के गुरू हैं, गुरु के पास सभी समस्या का समाधान होता है। गुरुवार को कुछ ऐसे उपाय करें जिससे आपको अपने सभी समस्या का समाधान मिले जिससे काम में सफलता जरुर मिलेगी, क्योंकि गुरुवार का दिन देवताओं के गुरु ब्रहस्पति देव का होता है।गुरुवार का दिन गुरु दोष शांति व गुरु की प्रसन्नता के लिए विशेष दिन माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं में भी गुरु सुखद दाम्पत्य जीवन व सौभाग्य में वृद्धि करने वाले ग्रह हैं। वे धन समृद्धि, पुत्र प्राप्ति और शिक्षा के दाता है।

त्रिकाल संध्या क्या है?

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संसार में प्रत्येक गतिशील वस्तु  अपनी गति को स्थिर रखने के लिये कहीं ना कहीं से नई शक्ति प्राप्त करती है ।गतिशोल वस्तु  वह चाहे सजीव हो या निर्जीव अपनी गतिशीलता को बनाये रखने के लिये आहार अवश्य चाहेगी।शरीर को भोजन पानी चाहिये तो शरीर से अधिक आत्मा का महत्व है।क्योंकि आत्मा अजर अमर है तो सबसे अधिक गतिशील है चैतन्य है, उसे भी आहार की आवश्यकता अधिक है। और आत्मा को स्वाध्याय, सत्संग, आत्म-चिन्तन,उपासना, साधना आदि साधनों द्वाराआहार प्राप्त होता है तब ही वह बलवान ,चैतन्य तथा क्रियाशील रहती

छोटे बच्चों को नजर लगने से पहले करें अध्यात्मिक उपाय

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बच्चे अकसर रोते हैं, छोटी उम्र में बच्चों का रोना आम बात है। छोटे बच्चों के रोने का कारण हैं कि वे अपनी बात को सही तरह से कह नहीं पाते, जिससे अपनी बात को कहने के लिए रोने का सहारा लेते हैं। इसीलिए आपके बच्चे अपनी बात कहने के लिए रोने का सहारा लेते हैं। वैसे बच्चे के रोने के और भी कई कारण हो सकते हैं .. लेकिन सवाल ये उठता है कि बच्चे शाम को या रात में क्यों रोते हैं। अचानक बच्चे नींद में उठकर रोना

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