द्वारपाल बने विष्णु जी को मुक्त कराने के लिए लक्ष्मी जी ने बांधी दानवराज बलि को राखी

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भारतीय पौराणिक कथाओं में रक्षाबंधन की कथा काफी प्रचलित हैं। स्वप्निल व्यास @ इंदौर. रक्षा बंधन त्योहार के बारे में जानने के लिए हर कोई उत्सुक होता है, कि यह त्योहार हिंदू धर्म में कैसे शुरू हुआ और सबसे पहले किसने और किसको राखी बांधी। यह सवाल कई बार पूछा जा चुका है, आईए जानते हैं राखी की पौराणिक कथा...पुराणों के अनुसार रक्षा बंधन पर्व लक्ष्मी जी का बली को राखी बांधने से जुडा हुआ है। इसके लिए पुराणों में एक कथा है जो इस प्रकार है – जब दानवो

इस मंदिर में सिद्धी पाने आते थे तांत्रिक, रोबोट युग में भी देखे जाते हैं चमत्कार

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मुरैना. मध्यप्र्रदेश के मुरैना में एक ऐसा विश्व प्रसिद्ध चमत्कारी मंदिर है, जिसे तांत्रिक विश्वविद्यालय कहा जाता है। इस मंदिर में सिद्धी प्राप्त करने के लिए तांत्रिक आते थे। मुरैना का चौंसठ योगिनी मंदिर अपनी कहानियों से काफी प्रसिद्ध है। दरअसल ये सभी आदिशक्ति मां काली का अवतार है। घोर नामक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए माता ने ये अवतार लिए थे। यह भी मान्यता हैं कि ये सभी माता पार्वती की सखियां हैं।इन चौंसठ देवियों में से दस महाविद्याएं और सिद्ध विद्याओं की भी गणना की जाती है।

भगवान राम की माता कौशल्या का इकलौता मंदिर, मां की गोद में दर्शन देते हैं रामलला

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रायपुर. भगवान राम की माता कौशल्या का देश का इकलौता मंदिर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर नजदीक चंद्रखुरी में हैं। यह मंदिर बेहद दुर्लभतम मंदिर माना जाता हैं, यहां भगवान राम मां की गोद में बेठे हुए स्वरुप में दर्शन देते हैं। गर्भगृह में मां कौशल्या के गोद में बालरुप में भगवान श्रीरामजी की वात्सल्यम प्रतिमा श्रद्धालुओं एवं भक्तों का मन मोह लेती है। चंद्रखुरी माता कौशल्या की जन्मस्थली हैं, यह मंदिर करीब 126 तालाबों से घिरे जलसेन तालाब के बीच बने प्राचीन द्वीप पर बना हुआ हैं। भक्त मंदिर परिसर में

जय शीतला माता : शीतला षष्ठी की सटिक व्रत विधि, इस कथा से समस्याएं होंगी दूर

शीतला षष्ठी का व्रत करने का विधान है यह व्रत अधिकतर महिलाओं के द्वारा रखा जाता है। इस व्रत के प्रभाव से दैहिक और दैविक ताप से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि शीतला माता भगवती दुर्गा का ही रूप हैं। शीतलाष्टमी का व्रत करने से व्यक्ति के पीत ज्वर, फोड़े, आंखों के सारे रोग, चिकनपॉक्स के निशान व शीतला जनित सारे दोष ठीक हो जाते हैं। इस दिन सुबह स्नान करके शीतला देवी की पूजा की जाती है। इसके बाद एक दिन पहले तैयार किए गए बासी खाने का

LIVE जब नागदेवता के मुंह पर लगाया दूध से भरा बर्तन होने लगा चमत्कार

उज्जैन। श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट मंगलवार रात 12.25 बजे खुले, खुलते ही जैसे ही नागदेवता की पूजा के बाद उनके मुंह में दूध का बर्तन भक्तों और पुजारियों ने लगाया, देख सब लोग चौंक गए कि भगवान के इस मंदिर में चमत्कार हो गया। यहां भगवान स्वयं साक्षात रुप में दूध पिने लगे । बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी का पर्व बड़े ही धूम धाम से मनाया जा रहा हे। महाकालेश्वर मंदिर में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट परंपराअनुसार रात्रि 12.25 बजे खोल दिए गए। भगवान नागचंद्रेश्वर के

श्रावण मास की नागपंचमी क्या करें और क्या न करें, जानिए अचूक उपाय!

नागपंचमी : 15/8/2018 बुधवार को हिंदू धर्मग्रन्थों के अनुसार, श्रावण मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को "नागपंचमी" का पर्व परम्परागत , श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मनाया जाता है। यह नागों और सर्पों की पूजा का पर्व है। मनुष्य और नागों का संबंध पौराणिक कथाओं से झलकता रहा है। हिंदू धर्मग्रन्थों में नाग को देवता माना गया है और इनका विभिन्न जगहों पर उल्लेख भी किया गया है। हिन्दू धर्म में कालिया, शेषनाग, कद्रू (साँपों की माता) तक्षक आदि बहुत प्रसिद्ध हैं। कथाओं के अनुसार दक्ष प्रजापति की पुत्री तथा कश्यप ऋषि

भक्तों से फोन पर बात करते हैं ये अनोखे गणेश, हरते हैं चिंता और पूरी करते हैं मनोकामना

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इंदौर. मध्यप्रदेश के इंदौर में गणेश जी का एक ऐसा मंदिर हैं, जहां भगवान जूना चिंतामण गणेशजी भक्तों से फोन पर बात करते हैं। भगवान गणेश भक्तों की सभी चिंताओं का हरण करके सारी मनोकामनाए पूरी करते हैं।1300 साल पुराने परमार कालीन जूना चिंतामण गणेश मंदिर की चमत्कारिक कहानी आज भी भक्तों को यहां खींच लाती हैं। वक्त की मारामारी के चलते भक्त देश में दूर जगहों पर या विदेशों में रहते हैं और भगवान के पास साक्षात नहीं आ पाते हैं, वे यहां अपने किसी परिचित को भेजकर भगवान

अनोखे हैं ये भगवान गणेश, इस मंदिर में उल्टा स्वस्तिक बनाने से सीधे होते हैं बिगड़े काम!

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इंदौर. किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने से पहले भगवान गणेश की पूजा सबसे पहले की जाती हैं। भगवान गणेश के सिद्ध मंदिरों में से एक मंदिर मध्यप्रदेश के इंदौर में स्थित हैं। इस विश्व प्रसिद्ध गणेश मंदिर की अलग ही चमत्कारिक कहानी है।मान्यता है कि मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु जो भी कामना लेकर आते हैं, वह पूर्ण होती हैं। भक्तों की मन्नत पूर्ण होने के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाया जाता है, भक्त मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हैं

स्वतंत्रता दिवस विशेष : हमें गर्व है हमारे ज्ञान से दुनिया को विज्ञान मिला

स्वप्निल व्यास @ इंदौर. लोग यह मानते या कहते पाए गए हैं कि पश्चिम ने विश्व को विज्ञान दिया और पूर्व ने धर्म | दूसरी ओर हमारे ही भारतीय लोग यह कहते हुए भी पाए गए हैं कि भारत में कोई वैज्ञानिक सोच कभी नहीं रही | ऐसे लोग अपने अधूरे ज्ञान का परिचय देते हैं या फिर वे भारत विरोधी हैं| भारत के बगैर न धर्म की कल्पना की जा सकती है और न विज्ञान की| हमारे भारतीय ऋषि-मुनियों और वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे आविष्कार किए और सिद्धांत गढ़े हैं

भगवान महाकालेश्वर की सच्ची कहानी, सूर्यदेव की 12 रश्मियों से प्रकट हुए थे ज्योर्तिलिंग

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उज्जैन. बाबा महाकाल सृष्टि की उत्पत्ति के साथ स्वयं प्रकट हुए थे। आज भी उज्जैन के राजा महाकाल ही है। बाबा महाकाल के बारे में एक कथा प्रचलित है, जो आज भी सच है। पहले किसी भी राजा को महाराज महाकाल की नगरी उज्जैन में ठहरने की इजाजत नहीं थी।कहा जाता है कि सदियों पहले कोई ओर राजा एक रात गुजार ले तो उसे अपनी सल्तनत गंवानी पड़ती थी। इसी वजह से महाकाल की शरण में रहने के लिए सिंधिया राजघराने ने महल बनवाया। उस समय में सिंधिया राजघाने ने

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