पीपल की पूजन में यह रखें सावधानियां, वरना हो जाएंगे कंगाल

benefits of praying peepal tree in hindi

हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष को सबसे पूज्य वृक्ष माना गया हैं। शास्त्रों में लिखा हैं कि पीपल के मूल में ब्रह्माजी के मध्य में भगवान विष्णु और अगले हिस्से में भगवान शंकर जी साक्षात रुप से विराजमान होते हैं।
अथर्ववेद और छंदोग्य उपनिषद में इस वृक्ष के नीचे देवताओं का स्वर्ग लिखा गया है। पीपल के पत्ते-पत्ते में देवताओं का वास होता हैं।

 

पीपल पूजा के दौरान इन कामों से बचें (why hindus pray to the peepal tree)

-रविवार को पीपल पर जल न चढ़ाएं और शनिवार को मां लक्ष्मी का पीपल में वास होता हैं, इसलिए पीपल पूजा, जल चढ़ाना, दीपक लगाना चाहिए।

-शास्त्रों के मुताबिक रविवार के दिन पीपल पर जल चढ़ाने से घर में दरद्रिता आ जाती हैं।
-पीपल को कभी भी नुकसान न पहुंचाएं, काटे भी नहीं, पवित्र काम के लिए पीपल का वृक्ष काट सकते हैं।



-पीपल के वृक्ष के आसपास गंदगी नहीं करनी चाहिए।
-घर में पीपल का पेड़ नहीं लगाना चाहिए, प्रगति में अवरोध हो जाता हैं समस्याएं आती हैं। आसपास एकांत निर्जनता पैदा हो जाती हैं।

 

पीपल पूजन के फायदे (peepal pooja ke asardaar totke or fayde)

पीपल पूजन, जल चढ़ाने, थोड़ा सा कच्चा दूध चढ़ाएं और परिक्रमा से इच्छा पूरी होती हैं। विरोधियों का नाश होता हैं और सुख, सम्पत्ति, धन, ऐश्वर्य, संतान सुख आदि की प्राप्ति होती है। ग्रह पीड़ा, पितरदोष, कालसर्प दोष, विष योग का निवारण होगा और अच्छे फल मिलते हैं।



अमावस्या और शनिवार को पीपल के वृक्ष पर भगवान हनुमान की पूजन करना चाहिए, इससे समस्याएं दूर हो जाती हैं और रुके हुए काम बनेंगे।

 

-प्रात:काल में सूर्यनारायण और पीपल को जल चढ़ाने से चमत्कारिक फायदे होते हैं।

 

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